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Lucknow News: तेलीबाग और दुबग्गा में आम नागरिकों को अभी और झेलना होगा जाम का झाम
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दुबग्गा चौराहा
लखनऊ। सेतु निगम के 360 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित तेलीबाग और दुबग्गा फ्लाईओवर निर्माण से पहले ही फाइलों में अटक गए हैं। चालू वित्तीय वर्ष 2025 में निर्माण शुरू करने की तैयारी ठंडे बस्ते में चली गई है। इसका असर यह होगा कि दोनों चौराहों पर लोगों को अभी लंबे समय तक जाम की परेशानी झेलनी पड़ेगी।
सेतु निगम मुख्यालय के अधिकारियों के अनुसार, दोनों फ्लाईओवर को कार्ययोजना में शामिल करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन मंजूरी नहीं मिल सकी। इसके चलते वित्तीय वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना में ये परियोजनाएं शामिल नहीं हो पाईं। निर्माण शुरू न होने से सुबह से देर रात तक यातायात दबाव बना रहेगा। खासतौर पर तेलीबाग चौराहे पर छह मार्ग जुड़ने के
कारण जाम की समस्या गंभीर है और मरीजों को लेकर आने-जाने वाली एंबुलेंसें भी अक्सर फंस जाती हैं। अब इन फ्लाईओवर के 2026-27 में स्वीकृत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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160 करोड़ का तेलीबाग फ्लाईओवर
तेलीबाग चौराहे पर एक राजनेता की पैरवी के बाद सर्वे कर 160 करोड़ रुपये की लागत का एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा गया था। सेतु निगम को उम्मीद थी कि फरवरी में निर्माण शुरू हो जाएगा। नियम के अनुसार 2025-26 की कार्ययोजना में शामिल परियोजनाओं का कार्य चालू वित्तीय वर्ष में शुरू किया जाना प्रस्तावित था।
कार्ययोजना में 33 आरओबी, फ्लाईओवर शून्य
शासन की 2025-26 की कार्ययोजना में 33 रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) शामिल किए गए हैं, लेकिन एक भी फ्लाईओवर को मंजूरी नहीं मिली। दुबग्गा चौराहे पर सुबह से देर रात तक जाम की स्थिति बनी रहती है। यहां प्रस्तावित फ्लाईओवर पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसका एस्टीमेट भी शासन स्तर पर अटका हुआ है।
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सेतु निगम मुख्यालय के अधिकारियों के अनुसार, दोनों फ्लाईओवर को कार्ययोजना में शामिल करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन मंजूरी नहीं मिल सकी। इसके चलते वित्तीय वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना में ये परियोजनाएं शामिल नहीं हो पाईं। निर्माण शुरू न होने से सुबह से देर रात तक यातायात दबाव बना रहेगा। खासतौर पर तेलीबाग चौराहे पर छह मार्ग जुड़ने के
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कारण जाम की समस्या गंभीर है और मरीजों को लेकर आने-जाने वाली एंबुलेंसें भी अक्सर फंस जाती हैं। अब इन फ्लाईओवर के 2026-27 में स्वीकृत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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160 करोड़ का तेलीबाग फ्लाईओवर
तेलीबाग चौराहे पर एक राजनेता की पैरवी के बाद सर्वे कर 160 करोड़ रुपये की लागत का एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा गया था। सेतु निगम को उम्मीद थी कि फरवरी में निर्माण शुरू हो जाएगा। नियम के अनुसार 2025-26 की कार्ययोजना में शामिल परियोजनाओं का कार्य चालू वित्तीय वर्ष में शुरू किया जाना प्रस्तावित था।
कार्ययोजना में 33 आरओबी, फ्लाईओवर शून्य
शासन की 2025-26 की कार्ययोजना में 33 रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) शामिल किए गए हैं, लेकिन एक भी फ्लाईओवर को मंजूरी नहीं मिली। दुबग्गा चौराहे पर सुबह से देर रात तक जाम की स्थिति बनी रहती है। यहां प्रस्तावित फ्लाईओवर पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसका एस्टीमेट भी शासन स्तर पर अटका हुआ है।

दुबग्गा चौराहा

दुबग्गा चौराहा