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Lucknow News: शहीद पथ के किनारे बसी कॉलोनियां पहली बार आईं गृहकर के दायरे में
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लखनऊ। नगर निगम गृहकर व अन्य मदों अपनी आमदनी 1000 करोड़ रुपये तक ले जाने की तैयारी में है। यह लक्ष्य मार्च 2025 तक हासिल कर लिया जाएगा। खास बात है कि इसके लिए गृहकर की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी, बल्कि करीब दो लाख नए भवनों को गृहकर के दायरे में लाया जाएगा। इसमें सीमा विस्तार के बाद नगर निगम में आए मकानों के अलावा शहर में नए बने ऐसे भवन भी शामिल हैं, जो अब तक गृहकर दायरे से बाहर रहे हैं।
नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह ने बताया कि गृहकर व अन्य मदों की आय को 1000 करोड़ रुपये से अधिक करने की तैयारी है। निगम ने पिछले साल गृहकर मद में 425 करोड़ रुपये वसूले थे। प्रतिष्ठानों, पालतू कुत्तों के लाइसेंस शुल्क व जुर्माना आदि से उसे 239 करोड़ रुपये और मिले थे। इस तरह कुल 664 करोड़ रुपये की आमदनी नगर निगम को हुई थी।
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इन इलाकों में पहली बार होगी गृहकर की वसूली
नगर निगम विस्तारित सीमा में आई जानकीपुरम विस्तार, गोमतीनगर विस्तार, आईआईएम रोड, शहीद पथ के किनारे बसी कॉलोनियों को पहली बार गृहकर के दायरे में लाया जा रहा है। इन इलाकों के काॅमर्शियल काॅम्प्लेक्स, माॅल, होटल और अस्पताल भी नगर निगम अधिनियम के तहत टैक्स के दायरे में आ जाएंगे।
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छूटे और नए भवन लाए जा रहे गृहकर के दायरे में
शहर में जो मकान नए बन रहे हैं या जो पुराने तो हैं, लेकिन गृहकर के दायरे से बाहर हैं, उनको भी चिह्नित कर टैक्स के दायरे में लाया जा रहा है। एक महीने पहले तक नगर निगम में 6.59 लाख भवन ही गृहकर में पंजीकृत थे। इनकी संख्या अब बढ़कर 6.74 लाख हो गई है। जीआईएस सर्वे में शहर में 8 लाख भवन सामने आए। वहीं करीब 50 हजार खाली प्लाॅट हैं। खाली प्लाॅटों से भी गृहकर लिया जाता है। ऐसे में पहले की तुलना में करीब दो लाख नए गृहकरदाता जुड़ जाएंगे।
नगर निगम ये कवायदें भी कर रहा
-आवासीय में दर्ज भवनों में हॉस्टल, लॉज चलाने वालों के गृहकर की गणना फिर से की जा रही है। इन भवनों का गृहकर तीन गुना तक बढ़ जाएगा।
-सीमा विस्तार के बाद जो नई काॅलोनियां आई हैंं, उनमें भी आवासीय और व्यावसायिक मिलाकर एक लाख भवन हैं। उनको भी पहली बार टैक्स के दायरे में लाया जा रहा है। इनमें लुलु माॅल, मेदांता अस्पताल, सेंट्रम होटल और अंसल एपीआई जैसी काॅलोनियां भी शामिल हैं।
आमदनी बढ़ने से ज्यादा विकास हो सकेगा
इस बार गृहकर व अन्य मदों से नगर निगम की आय 1000 करोड़ करने का लक्ष्य है। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जो भवन टैक्स के दायरे में आने से छूटे हैं, उनको दायरे में लाया जा रहा है। जिन आवासीय भवनों का उपयोग व्यावसायिक किया जा रहा है, उनके गृहकर का निर्धारण दोबारा किया जा रहा है। आय बढ़ेगी तो नगर निगम शहर में विकास के अधिक कार्य करा सकेगा।
इंद्रजीत सिंह, नगर आयुक्त