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Lucknow News: श्रीराम का चरित्र ही जीवन का आदर्श
Mon, 01 Sep 2025 02:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 01 Sep 2025 02:39 AM IST
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उतरावां गांव में प्रवचन करते आचार्य ज्ञानेश त्रिपाठी और कथा सुनते श्रद्धालु।
निगोहां। उतरावां गांव में चल रही श्रीराम कथा का रविवार को नौवां दिन था। प्रवचन करते हुए आचार्य ज्ञानेश त्रिपाठी ने कहा कि जीव को भगवान से मिलाने का कार्य संत करते हैं। जैसे पवनपुत्र हनुमान जी ने प्रभु श्रीराम से सुग्रीव की मित्रता कराई, जीव भयभीत और असहाय रहता है, लेकिन जब स्वयं भगवान उसका हाथ पकड़ लेते हैं तो वह संबंध अटूट और शाश्वत हो जाता है।
आचार्य ने सुंदरकांड का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि यदि जीवन को सुंदर बनाना है तो सुंदरकांड का श्रवण अवश्य करना चाहिए। कथा में श्रीराम राज्याभिषेक का दिव्य प्रसंग भी सुनाया। व्यास पीठ से आचार्य ने कहा श्रीराम का चरित्र ही जीवन का आदर्श है, यदि मनुष्य रामचरित्र को अपनाए तो उसका जीवन सफल और पवित्र हो जाता है। इसी क्रम में राधाष्टमी के पावन अवसर पर उन्होंने राधा नाम संकीर्तन और गौ महिमा का अत्यंत भक्तिपूर्ण वर्णन किया। गौ माता की सेवा को उन्होंने सच्चे धर्म का आधार बताया। कथा का आयोजन गौ सेवक शैलेंद्र सिंह चौहान कर रहे हैं।
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आचार्य ने सुंदरकांड का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि यदि जीवन को सुंदर बनाना है तो सुंदरकांड का श्रवण अवश्य करना चाहिए। कथा में श्रीराम राज्याभिषेक का दिव्य प्रसंग भी सुनाया। व्यास पीठ से आचार्य ने कहा श्रीराम का चरित्र ही जीवन का आदर्श है, यदि मनुष्य रामचरित्र को अपनाए तो उसका जीवन सफल और पवित्र हो जाता है। इसी क्रम में राधाष्टमी के पावन अवसर पर उन्होंने राधा नाम संकीर्तन और गौ महिमा का अत्यंत भक्तिपूर्ण वर्णन किया। गौ माता की सेवा को उन्होंने सच्चे धर्म का आधार बताया। कथा का आयोजन गौ सेवक शैलेंद्र सिंह चौहान कर रहे हैं।

उतरावां गांव में प्रवचन करते आचार्य ज्ञानेश त्रिपाठी और कथा सुनते श्रद्धालु।
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