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स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर निकायों के समक्ष होगी स्थान बनाने की चुनौती, एक मार्च से शुरू होगा सत्यापन कार्य
Wed, 13 Jan 2021 07:28 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 13 Jan 2021 07:28 PM IST
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स्वच्छता सर्वेक्षण 2020
- फोटो : अमर उजाला
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स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 में स्थान पाने के लिए प्रदेश के नगर निकायों को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। स्वच्छता कार्यक्रमों का सत्यापन शुरू होने में मात्र डेढ़ महीने का ही समय बचा है, इसलिए नगर निकायों को केन्द्रीय मानक पर खरा उतरने के लिए शहरों को साफ करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पडे़गी। साफ रखने के लिए काफी करना शेष बचा है। वहीं सूत्रों का कहना है स्वच्छता कार्यक्रमों में बड़े शहरों की स्थिति बहुत संतोषजनक नहीं है, इसलिए रैंकिग में जगह बनाने के लिए नगर निकायों को युद्ध स्तर पर काम करना होगा।
बता दें कि इस साल स्वच्छता सर्वेक्षण की रैकिंग तैयार करने के लिए क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) द्वारा प्रदेश के शहरों में चलाये गए स्वच्छता कार्यक्रमों का सत्यापन किया जाना है। यह काम 1 मार्च से शुरू होकर 28 मार्च तक चलेगा। सत्यापन के दौरान निकायों द्वारा चलाए गए स्वच्छता कार्यक्रमों की जमीनी हकीकत परखी जाएगी। इसके आधार पर ही राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले कंपटीशन के लिए शहरों की रैंकिंग तैयार की जाएगी।
स्वच्छ भारत मिशन के तहर शहरों को साफ-सुथरा बनाने को लेकर सरकार का विशेष फोकस रहा है। बीते दो-तीन सालों में स्थिति बेहतर भी हुई है। इसका ही परिणाम है कि बीते दो सर्वेक्षणों में प्रदेश के नगर निकायों की रैकिंग में सुधार हुआ है। बीते 2020 में स्वच्छता रैकिंग में प्रदेश के कुल 19 नगर निकाय को पुरस्कृत किया गया था, जिसमें ंलखनऊ और फिरोजाबाद नगर निगमों के अलावा कई नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतें शामिल थीं। जबकि इससे पहले वर्ष 2019 में 14 नगर निकाय ही स्थान बना पाए थे।
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सचिव नगर विकास व राज्य मिशन निदेशक स्वच्छ भारत अनुराग यादव ने इस संबंध में प्रदेश भर के निकायों को निर्देश भेज दिया है। इसमें स्वच्छता रैंगिंग के संबंध में सुधार के निर्देश दिए गए हैं। निकाय अधिकारियों को कहा गया है कि स्वच्छता सर्वे के लिए दो चरणों का काम पूरा हो चुका है। तीसरे चरण के लिए फरवरी 2021 में काम पूरा होगा। इसके बाद स्थलीय सर्वे का काम शुरू होगा। इसलिए निकाय स्वच्छता के संबंधी में जो भी काम किया है उसे सर्वे टीम को स्थलीय सर्वे के दौरान मौके पर जाकर दिखाएंगे। इस बीच इसकी तैयारियां की जाएंगी।
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बता दें कि इस साल स्वच्छता सर्वेक्षण की रैकिंग तैयार करने के लिए क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) द्वारा प्रदेश के शहरों में चलाये गए स्वच्छता कार्यक्रमों का सत्यापन किया जाना है। यह काम 1 मार्च से शुरू होकर 28 मार्च तक चलेगा। सत्यापन के दौरान निकायों द्वारा चलाए गए स्वच्छता कार्यक्रमों की जमीनी हकीकत परखी जाएगी। इसके आधार पर ही राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले कंपटीशन के लिए शहरों की रैंकिंग तैयार की जाएगी।
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स्वच्छ भारत मिशन के तहर शहरों को साफ-सुथरा बनाने को लेकर सरकार का विशेष फोकस रहा है। बीते दो-तीन सालों में स्थिति बेहतर भी हुई है। इसका ही परिणाम है कि बीते दो सर्वेक्षणों में प्रदेश के नगर निकायों की रैकिंग में सुधार हुआ है। बीते 2020 में स्वच्छता रैकिंग में प्रदेश के कुल 19 नगर निकाय को पुरस्कृत किया गया था, जिसमें ंलखनऊ और फिरोजाबाद नगर निगमों के अलावा कई नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतें शामिल थीं। जबकि इससे पहले वर्ष 2019 में 14 नगर निकाय ही स्थान बना पाए थे।
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सचिव नगर विकास व राज्य मिशन निदेशक स्वच्छ भारत अनुराग यादव ने इस संबंध में प्रदेश भर के निकायों को निर्देश भेज दिया है। इसमें स्वच्छता रैंगिंग के संबंध में सुधार के निर्देश दिए गए हैं। निकाय अधिकारियों को कहा गया है कि स्वच्छता सर्वे के लिए दो चरणों का काम पूरा हो चुका है। तीसरे चरण के लिए फरवरी 2021 में काम पूरा होगा। इसके बाद स्थलीय सर्वे का काम शुरू होगा। इसलिए निकाय स्वच्छता के संबंधी में जो भी काम किया है उसे सर्वे टीम को स्थलीय सर्वे के दौरान मौके पर जाकर दिखाएंगे। इस बीच इसकी तैयारियां की जाएंगी।