{"_id":"5dc6ed4c8ebc3e5b421704c4","slug":"the-case-will-continue-in-the-disputed-structure-demolition-case-ayodhya","type":"story","status":"publish","title_hn":"विवादित ढांचा विध्वंस मामले में चलता रहेगा मुकदमा,आडवाणी, जोशी, कल्याण समेत कई अन्य हैं आरोपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विवादित ढांचा विध्वंस मामले में चलता रहेगा मुकदमा,आडवाणी, जोशी, कल्याण समेत कई अन्य हैं आरोपी
Sat, 09 Nov 2019 10:16 PM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sat, 09 Nov 2019 10:16 PM IST
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या में विवादित ढांचा विध्वंस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा जारी रहेगा। कानून के जानकारों का मानना है कि अयोध्या में विवादित स्थल को लेकर शनिवार को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का ढांचा विध्वंस मामले में दर्ज मुकदमे पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
अयोध्या में विवादित स्थल मामले में पक्षकार हिंदू महासभा के अधिवक्ता हरिशंकर जैन ने कहा कि ढांचा विध्वंस मामले में मुकदमे का कानूनी पहलू यथावत रहेगा। वरिष्ठ अधिवक्ता आईबी सिंह कहते हैं कि इस फैसले से मुकदमे पर कोई असर नहीं पड़ेगा। क्रिमिनल कोर्ट में जो विधिक कार्यवाही चल रही है, वह जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा विवादित ढांचे के ध्वंस को गलत बताए जाने से ध्वस्तीकरण के आपराधिक कृत्य होने पर मुहर लग गई है। इस मामले में कोर्ट ही फैसला करेगा।
अधिवक्ता आदर्श मेहरोत्रा का कहना है कि फैसला आने के बाद हालात बदले हैं। विवादित ढांचे के ध्वस्तीकरण के मामले में कोर्ट में चल रहे मामले पर हालांकि इस फैसले का असर नहीं पड़ेगा। लेकिन राज्य सरकार चाहे तो वह मुकदमे वापस लेने पर विचार कर सकती है। इसके लिए अलग विधिक प्रक्रिया है।
विज्ञापन
ढांचा विध्वंस मामले में ये हैं आरोपी
ढांचा विध्वंस मामले में नामजद आठ आरोपियों भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, पूर्व सांसद विनय कटियार व उमा भारती, विहिप नेता अशोक सिंहल, आचार्य गिरिराज किशोर, विष्णुहरि डालमिया और साध्वी ऋतंभरा पर लखनऊ की अदालत ने आरोप तय किया था।
सुनवाई के दौरान आचार्य गिरिराज किशोर एवं अशोक सिंहल का निधन हो चुका है। वर्तमान में इनदोनों को छोड़कर अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चल रहा है।
विज्ञापन
अयोध्या में विवादित स्थल मामले में पक्षकार हिंदू महासभा के अधिवक्ता हरिशंकर जैन ने कहा कि ढांचा विध्वंस मामले में मुकदमे का कानूनी पहलू यथावत रहेगा। वरिष्ठ अधिवक्ता आईबी सिंह कहते हैं कि इस फैसले से मुकदमे पर कोई असर नहीं पड़ेगा। क्रिमिनल कोर्ट में जो विधिक कार्यवाही चल रही है, वह जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा विवादित ढांचे के ध्वंस को गलत बताए जाने से ध्वस्तीकरण के आपराधिक कृत्य होने पर मुहर लग गई है। इस मामले में कोर्ट ही फैसला करेगा।
विज्ञापन
अधिवक्ता आदर्श मेहरोत्रा का कहना है कि फैसला आने के बाद हालात बदले हैं। विवादित ढांचे के ध्वस्तीकरण के मामले में कोर्ट में चल रहे मामले पर हालांकि इस फैसले का असर नहीं पड़ेगा। लेकिन राज्य सरकार चाहे तो वह मुकदमे वापस लेने पर विचार कर सकती है। इसके लिए अलग विधिक प्रक्रिया है।
विज्ञापन
ढांचा विध्वंस मामले में ये हैं आरोपी
ढांचा विध्वंस मामले में नामजद आठ आरोपियों भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, पूर्व सांसद विनय कटियार व उमा भारती, विहिप नेता अशोक सिंहल, आचार्य गिरिराज किशोर, विष्णुहरि डालमिया और साध्वी ऋतंभरा पर लखनऊ की अदालत ने आरोप तय किया था।
सुनवाई के दौरान आचार्य गिरिराज किशोर एवं अशोक सिंहल का निधन हो चुका है। वर्तमान में इनदोनों को छोड़कर अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चल रहा है।