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Lucknow News: विरासत की थाप, जीवंत हुई लखनऊ घराने की कथक परंपरा

Fri, 30 Jan 2026 02:10 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 30 Jan 2026 02:10 AM IST
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The beat of heritage brings alive the Kathak tradition of the Lucknow Gharana
विरासत की थाप, जीवंत हुई लखनऊ घराने की कथक परंपरा
लखनऊ। कथक के पर्याय बन चुके पंडित बिरजू महाराज की विरासत को नमन करने के लिए ग्वीन मार्ग सि्थत कालका बिंदादीन महाराज की ड्योढ़ी कथक संग्रहालय बृहस्पतिवार को फिर कलाप्रेमियों से गुलजार हो उठी। कालका बिंदादीन महाराज की ड्योढ़ी कथक संग्रहालय एवं अप्लिका संस्था की ओर से आयोजित इस संगोष्ठी और सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने अपनी नृत्य साधना से महाराज जी के प्रति अटूट श्रद्धा व्यक्त की। यह आयोजन पद्मविभूषण पंडित बिरजू महाराज की जयंती पर हुआ।
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बृहस्पतिवार को जब संग्रहालय के प्रांगण में जब घुंघरुओं की झंकार गूंजी, तो दर्शकों को लखनऊ घराने की शुद्धता और बारीकियों का अहसास हुआ। नृत्यांगना वैभवी मिश्रा, रुनझुन सिंह और हर्षिता मिश्रा ने अपनी सधी हुई प्रस्तुतियों और भाव-भंगिमाओं से कथक की गरिमा को दर्शाया। वहीं, राजू कुमार और वल्लरी अपनी ऊर्जावान प्रस्तुति और ''तत्कार'' के तालमेल से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन युवा और अनुभवी कलाकारों के सामूहिक प्रयास ने सिद्ध किया कि पंडित बिरजू महाराज द्वारा संजोई गई परंपरा आज भी नई पीढ़ी के हाथों में सुरक्षित व पल्लवित हो रही है।
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इससे पहले कला जगत की दिग्गज विभूतियों ने कथक और साहित्य जगत पर अपने-अपने विचार रखें। पद्मश्री डॉ. विद्या विंदु सिंह, पूर्णिमा पांडेय और रेनू शर्मा जैसे विशिष्ट अतिथियों ने विचार संगोष्ठी में भारतीय संस्कृति को बढ़ाने पर चर्चा की। साथ ही महाराज के जीवन दर्शन और कथक में उनके योगदान पर चर्चा की गई, जो कला के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी रही। अप्लिका की अध्यक्ष उमा त्रिगुणायत और सचिव रेणु शर्मा व अन्य लोग मौजूद रहे।

विरासत की थाप, जीवंत हुई लखनऊ घराने की कथक परंपरा

विरासत की थाप, जीवंत हुई लखनऊ घराने की कथक परंपरा

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