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Lucknow: कपड़ा व्यापारियों ने बोर्ड के अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन, गिनाईं समस्याएं
Thu, 20 Jul 2023 05:41 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 20 Jul 2023 05:41 PM IST
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व्यापारियों ने व्यापारी कल्याण बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंघी का जोरदार स्वागत कर तलवार भेंट की।
- फोटो : amar ujala
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गन्ना संस्थान में गुरुवार को उत्तर प्रदेश कपड़ा व्यापारियों ने व्यापारी कल्याण बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंघी का स्वागत अभिनंदन कर उतर प्रदेश के कपड़ा व्यापारियों ने ज्ञापन सौंपा।
जिसमें कहा गया है कि मुख्य रूप से (हाथ से बनाए हुए पूजा में काम आने वाले कपड़े और चिकन उद्योग को टैक्स फ्री किया जाना चहिए) साथ ही लखनऊ का चिकन उद्योग जो कपड़े लखनऊ में घर घर बनाए जाते है उन कपड़ों पर टैक्स फ्री होने चाहिए ( 2) कपड़े पर पिछले तीन सालों में 30 प्रतिशत से ज्यादा दामों में बढ़ोतरी हो चुकी है। बड़े बड़े उद्योग जगत से जुड़े हुए मैन्युफैक्चर जब चाहते हैं रेट बढ़ा लेते हैं। हर साल कपड़े पर दो बार रेट बढ़ जाते है बड़े उद्योग व्यापार से जुड़े हुए कारोबारियों का कौकस बना हुआ है जिसमें सब एक साथ मिलकर रेट बढ़ा देते है। केंद्र सरकार को एक कमेटी का गठन करने की जरूरत है जिससे बड़े उद्योग जगत के लोग मनमानी न कर पाएं।
(3) ऑनलाइन की वजह से कपड़े का व्यापर दिन पर दिन चौपट होता जा रहा है रेडिमेड गारमेंट पर ऑनलाइन पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है !
( 4 ) पॉलिएस्टर यार्न पर जीएसटी 12 प्रतिशत है जबकि कॉटन यार्न पर 5 प्रतिशत जीएसटी लागू की गई है। इसी तरह रेडीमेड कपड़ों पर 12 प्रतिशत जीएसटी लागू है जबकि कपड़ों पर जीएसटी 5 प्रतिशत ही है। कपड़ा व्यापारियों की मांग है कि रेडीमेड गारमेंट व कपड़ों पर व हर तरह के धागों पर जीएसटी 5 प्रतिशत होनी चाहिए जिससे सभी प्रकार के व्यापारियों को टैक्स देने में आसानी होगी।
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अत: उतर प्रदेश कपड़ा उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों की गुजारिश है इन समस्याओं को वित्तमंत्री सुरेश खन्ना के समक्ष प्रस्तुत की जाए जिससे समाधान हो सके। कार्यक्रम में कपड़ा उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल अध्यक्ष अशोक मोतियानी, महामंत्री अनिल बजाज प्रभू जालान दीपक लोंगानो, श्याम कृष्ण नानी, पुनीत लाल चंदानी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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जिसमें कहा गया है कि मुख्य रूप से (हाथ से बनाए हुए पूजा में काम आने वाले कपड़े और चिकन उद्योग को टैक्स फ्री किया जाना चहिए) साथ ही लखनऊ का चिकन उद्योग जो कपड़े लखनऊ में घर घर बनाए जाते है उन कपड़ों पर टैक्स फ्री होने चाहिए ( 2) कपड़े पर पिछले तीन सालों में 30 प्रतिशत से ज्यादा दामों में बढ़ोतरी हो चुकी है। बड़े बड़े उद्योग जगत से जुड़े हुए मैन्युफैक्चर जब चाहते हैं रेट बढ़ा लेते हैं। हर साल कपड़े पर दो बार रेट बढ़ जाते है बड़े उद्योग व्यापार से जुड़े हुए कारोबारियों का कौकस बना हुआ है जिसमें सब एक साथ मिलकर रेट बढ़ा देते है। केंद्र सरकार को एक कमेटी का गठन करने की जरूरत है जिससे बड़े उद्योग जगत के लोग मनमानी न कर पाएं।
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(3) ऑनलाइन की वजह से कपड़े का व्यापर दिन पर दिन चौपट होता जा रहा है रेडिमेड गारमेंट पर ऑनलाइन पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है !
( 4 ) पॉलिएस्टर यार्न पर जीएसटी 12 प्रतिशत है जबकि कॉटन यार्न पर 5 प्रतिशत जीएसटी लागू की गई है। इसी तरह रेडीमेड कपड़ों पर 12 प्रतिशत जीएसटी लागू है जबकि कपड़ों पर जीएसटी 5 प्रतिशत ही है। कपड़ा व्यापारियों की मांग है कि रेडीमेड गारमेंट व कपड़ों पर व हर तरह के धागों पर जीएसटी 5 प्रतिशत होनी चाहिए जिससे सभी प्रकार के व्यापारियों को टैक्स देने में आसानी होगी।
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अत: उतर प्रदेश कपड़ा उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों की गुजारिश है इन समस्याओं को वित्तमंत्री सुरेश खन्ना के समक्ष प्रस्तुत की जाए जिससे समाधान हो सके। कार्यक्रम में कपड़ा उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल अध्यक्ष अशोक मोतियानी, महामंत्री अनिल बजाज प्रभू जालान दीपक लोंगानो, श्याम कृष्ण नानी, पुनीत लाल चंदानी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।