फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   TET merit issue to be raised in high court again.

बड़ी खबर: अटक सकती है 72,825 शिक्षक भर्ती!

Tue, 09 Sep 2014 01:06 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 09 Sep 2014 01:06 PM IST
विज्ञापन
TET merit issue to be raised in high court again.

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी मिलना बेहद पेचीदा होता जा रहा है। 72825 सहायक अध्यापकों की भर्ती में मेरिट आने और एक काउंसलिंग हो जाने के बाद अब नया पेंच लगने जा रहा है।

विज्ञापन


खबर है कि प्रदेश में 72825 सहायक अध्यापकों की भर्ती में टीईटी के बजाए शैक्षणिक मेरिट को आधार बनाने का मामला फिर हाईकोर्ट में जाएगा।

अभ्यर्थी इस प्रकरण में नई दलीलों के साथ अदालत जाने की तैयारी में हैं। गत पांच सितंबर को सुप्रीमकोर्ट कोर्ट ने इसी मामले पर दाखिल याचिका वापस करते हुए कहा कि अभ्यर्थीगण अपनी बात हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहें।
विज्ञापन


सुप्रीमकोर्ट में पहले से ही एक विशेष अनुमति याचिका लंबित है, जिसमें अंतरिम आदेश के तहत मौजूदा समय में टीईटी मेरिट पर ही भर्ती प्रक्रिया जारी रखी गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

मौजूदा व्यवस्‍था एनसीटीई नियमों का उल्लंघन

TET merit issue to be raised in high court again.

शैक्षणिक मेरिट के आधार पर भर्ती करने को लेकर संघर्ष कर रहे कपिल देव यादव, अशोक द्विवेदी का कहना है कि टीईटी मेरिट पर भर्ती करना एनसीटीई के नियमों का उल्लंघन है।

यह बात सुप्रीमकोर्ट के समक्ष रखी गई। एनसीटीई ने टीईटी को मात्र अर्हता परीक्षा माना है। इसे उत्तीर्ण करने के बाद चयन राज्य की अपनी चयन नीति के आधार पर किया जाएगा।

दूसरे प्रदेश सरकार की सहायक अध्यापक भर्ती नियमावली 1981 में भी शैक्षणिक मेरिट पर ही चयन करने का नियम है। प्रदेश सरकार ने महिला, पुरुष, विज्ञान और कला वर्गों की अलग-अलग मेरिट बनाकर भी 1981 की नियमावली का उल्लंघन किया है।

साधना मिश्रा और अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली सुप्रीमकोर्ट की खंडपीठ ने हाईकोर्ट को यह मामला निस्तारित करने केे लिए कहा है।

फीकी रही पहले चरण की काउंसलिंग

TET merit issue to be raised in high court again.

प्राइमरी स्कूलों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए पहले चरण की काउंसलिंग फीकी रही। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) को सभी जिलों से काउंसलिंग का ब्यौरा मिल गया है।

इसके मुताबिक पहले चरण में मात्र सात फीसदी अभ्यर्थियों ने ही प्रमाण पत्रों का मिलान कराया है। इसे देखते हुए एससीईआरटी को कई चरणों में काउंसलिंग करानी पड़ सकती है।

सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता ने एससीईआरटी के निदेशक सर्वेंद्र विक्रम सिंह को निर्देश दिया है कि वे एनआईसी के अधिकारियों के साथ बैठक कर दूसरे चरण की काउंसलिंग जल्द कराने की तिथि घोषित करें।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की है, जो जल्द से जल्द पूरी की जानी है।

पर, हो रही दूसरे चरण की तैयारी

TET merit issue to be raised in high court again.

भर्ती के लिए पूरे प्रदेश में करीब 69 लाख आवेदन आए हैं। एससीईआरटी ने मेरिट जारी करते हुए पहले चरण की काउंसलिंग 29, 30 और 31 अगस्त को कराई।

पहले चरण में अधिकतर जिलों में काफी कम अभ्यर्थी पहुंचे। इसलिए एससीईआरटी जल्द ही दूसरे चरण की काउंसलिंग की तैयारी कर रही है।

एससीईआरटी के निदेशक एनआईसी अधिकारियों के साथ बैठक कर रिक्त पदों के आधार पर मेरिट तय कराने में जुट गए हैं। मेरिट तय होते ही इसे ऑनलाइन करने के साथ दूसरे चरण की काउंसलिंग शुरू करा दी जाएगी।

इसके लिए डायटों से पहले चरण की काउंसलिंग में शामिल होने वालों और रिक्त पदों का ब्यौरा मांगा है। उधर, स्नातक में 45 फीसदी अंक वालों और दूरस्थ शिक्षा से बीएड करने वालों को शामिल करने पर अभी तक कोई निर्णय नहीं हो सका है।

छह महीनों की होगी ट्रेनिंग

TET merit issue to be raised in high court again.

प्राइमरी स्कूलों में भर्ती होने वाले प्रशिक्षु सहायक शिक्षकों को छह माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें तीन माह का सैद्धांतिक और तीन माह का क्रियात्मक प्रशिक्षण होगा। सैद्धांतिक प्रशिक्षण डायट, सीटीई तथा आईएएसआई में तथा क्रियात्मक प्रशिक्षण स्कूलों में दिया जाएगा।

सैद्धांतिक प्रशिक्षण पर आने वाले खर्च का आकलन राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद व बेसिक शिक्षा के निदेशक करेंगे। इसके आधार पर प्रशिक्षण केंद्रों को धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।

गौरतलब है कि राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के स्पष्ट निर्देश के बाद भी डायट प्राचार्यों पर मनमानी का आरोप लग रहा है। एससीईआरटी ने 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए 27 सितंबर 2011 को जारी शासनादेश में दी गई व्यवस्था के आधार पर आवेदकों को पात्र मानते हुए काउंसलिंग का निर्देश दिया था।


इसमें स्पष्ट कहा गया है कि न्यूनतम 45 फीसदी अंकों के साथ स्नातक उत्तीर्ण होने वाले प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती के लिए पात्र होंगे। इसके बावजूद डायट 45 फीसदी अंक वालों को काउंसलिंग में शामिल नहीं कर रहे हैं, जिसको लेकर पूरे प्रदेश में बखेड़ा मचा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed