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Lucknow News: इंटीग्रल यूनिवर्सिटी से जुड़ा था आतंकी मिनहाज का भी नाम
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लखनऊ। डॉ. शाहीन के भाई डॉ. परवेज को हिरासत में लिए जाने के बाद इंटीग्रल यूनिवर्सिटी एक बार फिर चर्चा में है। खुफिया एजेंसियां परवेज के साथियों के बारे में पता लगा रही हैं। इंटीग्रल यूनिवर्सिटी का नाम पहले भी चर्चा में आया था जब आतंकी मिनहाज को गिरफ्तार किया गया था। मिनहाज यूनिवर्सिटी में लैब असिस्टेंट का काम किया था।
जुलाई 2021 में मिनहाज को एटीएस ने गिरफ्तार किया था। मिनहाज के घर से बरामद कार पर भी इंटीग्रल यूनिवर्सिटी का पास मिला था। पूछताछ में उसने बताया था कि वर्ष 2016 में इंटीग्रल यूनिवर्सिटी से लैब असिस्टेंट का काम छोड़ दिया था। इसके बाद उसने बैटरी की एजेंसी ले ली थी और खदरा में दुकान खोली थी। इस मामले में 11 जुलाई को एटीएस के निरीक्षक सुशील कुमार सिंह ने गोमतीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में मामले की विवेचना एनआईए को सौंप दी गई। एनआईए ने इस मामले में 29 जुलाई 2021 को दूसरी एफआईआर दर्ज करके विवेचना शुरू की। विवेचना में पता चला था कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान बॉर्डर से आतंकवादी गतिविधियां संचालित करने वाले अलकायदा के आतंकी उमर हेलमंडी ने भारत में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए संगठन में सदस्यों की भर्ती के निर्देश दिए थे। इसपर जम्मू कश्मीर स्थित अलकायदा के आतंकी ने मिनहाज से ऑनलाइन संपर्क किया था। मिनहाज ने आतंकियों के साथ साजिश में शामिल होकर अलकायदा के सहयोगी संगठन अंसार गजवातुल हिन्द के लिए सदस्यों की भर्ती की। मिनहाज ने अपने परिचित मुशीरुद्दीन को यूपी में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए भर्ती किया। मिनहाज और उसके दूसरे साथी मुशीर ने धमाके करके भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए हथियार, बम एकत्र किए और धमाकों के लिए स्थान चिह्नित किए थे। एटीएस ने सबसे पहले मुशीरुद्दीन और मिनहाज को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किया था। मिनहाज ने बताया था कि उसने मुस्तकीम को गोला बारूद इकट्ठा करने का निर्देश दिया था।
मशीरुद्दीन का माइंड वॉश कर साथ में लिया
वर्ष 2018 में मिनहाज की मुलाकात खदरा में रहने वाले मशीरुद्दीन से हुई थी। तब मशीरुद्दीन ईरिक्शा चलाता था। मिनहाज ने मशीरुद्दन का माइंड वॉश किया। इसके बाद उसने अपना ईरिक्शा बेच दिया और मिनहाज के साथ मिलकर आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गया था। मिनहाज ने मशीरुद्दीन को उसके परिवार की जरूरतों को पूरा करने का प्रलोभन दिया था। दोनों काम के बहाने अलग-अलग प्रदेशों में भी गए थे। दोनों के जम्मू-कश्मीर जाने के साक्ष्य भी मिले थे।
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जुलाई 2021 में मिनहाज को एटीएस ने गिरफ्तार किया था। मिनहाज के घर से बरामद कार पर भी इंटीग्रल यूनिवर्सिटी का पास मिला था। पूछताछ में उसने बताया था कि वर्ष 2016 में इंटीग्रल यूनिवर्सिटी से लैब असिस्टेंट का काम छोड़ दिया था। इसके बाद उसने बैटरी की एजेंसी ले ली थी और खदरा में दुकान खोली थी। इस मामले में 11 जुलाई को एटीएस के निरीक्षक सुशील कुमार सिंह ने गोमतीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में मामले की विवेचना एनआईए को सौंप दी गई। एनआईए ने इस मामले में 29 जुलाई 2021 को दूसरी एफआईआर दर्ज करके विवेचना शुरू की। विवेचना में पता चला था कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान बॉर्डर से आतंकवादी गतिविधियां संचालित करने वाले अलकायदा के आतंकी उमर हेलमंडी ने भारत में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए संगठन में सदस्यों की भर्ती के निर्देश दिए थे। इसपर जम्मू कश्मीर स्थित अलकायदा के आतंकी ने मिनहाज से ऑनलाइन संपर्क किया था। मिनहाज ने आतंकियों के साथ साजिश में शामिल होकर अलकायदा के सहयोगी संगठन अंसार गजवातुल हिन्द के लिए सदस्यों की भर्ती की। मिनहाज ने अपने परिचित मुशीरुद्दीन को यूपी में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए भर्ती किया। मिनहाज और उसके दूसरे साथी मुशीर ने धमाके करके भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए हथियार, बम एकत्र किए और धमाकों के लिए स्थान चिह्नित किए थे। एटीएस ने सबसे पहले मुशीरुद्दीन और मिनहाज को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किया था। मिनहाज ने बताया था कि उसने मुस्तकीम को गोला बारूद इकट्ठा करने का निर्देश दिया था।
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मशीरुद्दीन का माइंड वॉश कर साथ में लिया
वर्ष 2018 में मिनहाज की मुलाकात खदरा में रहने वाले मशीरुद्दीन से हुई थी। तब मशीरुद्दीन ईरिक्शा चलाता था। मिनहाज ने मशीरुद्दन का माइंड वॉश किया। इसके बाद उसने अपना ईरिक्शा बेच दिया और मिनहाज के साथ मिलकर आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गया था। मिनहाज ने मशीरुद्दीन को उसके परिवार की जरूरतों को पूरा करने का प्रलोभन दिया था। दोनों काम के बहाने अलग-अलग प्रदेशों में भी गए थे। दोनों के जम्मू-कश्मीर जाने के साक्ष्य भी मिले थे।
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