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आतंकी की पिटाई का बदला था कचहरी सीरियल ब्लास्ट
Sat, 21 Dec 2019 04:14 AM IST
दुष्यंत शर्मा
रवि प्रकाश पाठक, अयोध्या
रवि प्रकाश पाठक, अयोध्या
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 21 Dec 2019 04:14 AM IST
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धमाकों के दोषी
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश की तीन कचहरियों लखनऊ, वाराणसी और फैजाबाद में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के पीछे विवेचक ने महाराष्ट्र से लेकर गुजरात तक की तमाम वजहें गिनाई है। एक अहम कारण इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी वली उल्लाह की लखनऊ कचहरी में वकीलों द्वारा की गई पिटाई को भी बताया गया।
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23 नवंबर 2007 को प्रदेश की तीन कचहरियों में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में कई लोगों की जान गई थी। सैकड़ों लोग घायल हो गए थे। इसकी विवेचना एंटी टेरेरिस्ट स्क्वायड को सौंपी गई थी।
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विवेचक एटीएस के उपाधीक्षक राजेश श्रीवास्तव को मिली विवेचना में ये बात सामने आई कि आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन के मोहम्मद आसिफ उर्फ अब्दुल कदीर निवासी संजरपुर थाना सरायमीर जनपद आजमगढ़ ने पूछताछ में जो बताया उससे साफ है कि हूजी और इंडियन मुजाहिद्दीन ने मिलकर तीनों कचहरियों में बम धमाके करवाए।
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पूछताछ में साफ हुआ कि आसिफ के गांव का मोहम्मद सैफ वर्ष 2003 में उसके संपर्क में आया। मोहम्मद आसिफ द्वारा उसको जेहाद करने हेतु प्रेरित किया गया। जेहाद करने के कारण को स्पष्ट करते हुए मोहम्मद सैफ द्वारा बताया गया कि वर्ष 2002 में गुजरात में हुए दंगों को लेकर भी उकसाया गया था।
सबसे महत्वपूर्ण तथ्य उस समय इंडियन मुजाहिद्दीन का आतंकी वली उल्लाह नामक अभियुक्त की लखनऊ जिला न्यायालय में अधिवक्ताओं द्वारा की गई पिटाई था।
इसका बदला लेने के लिए मोहम्मद आसिफ उर्फ अब्दुल कदीर द्वारा 23 नवंबर 2007 को तीनों कचहरियों में सिलसिलेवार बम धमाकों को अंजाम दिए जाने के लिए कार्य योजना तैयार की गई। कार्य योजना तैयार करने के बाद इसे अमलीजामा भी पहनाया गया, जिसका परिणाम रहा कि एक ही दिन में तीन कचहरियों की न्यायिक व्यवस्था पूरी तरह से झकझोर दी गई। किसी ने अपना भाई खोया किसी ने पति और बेटा।