लखनऊ में हजारों लोगों को नहीं मिल पाएगा 'अपना घर'
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कम आय वर्ग के लोगों को अपना घर कब मिलेगा। करीब पांच साल पहले अपना घर योजना लांच की गई थी। तीन से 10 लाख रुपये की कीमत बता फ्लैटों का पंजीकरण किया गया था। मगर इस पर अब तक सिर्फ नाममात्र का ही काम हो सका है।
10 हजार फ्लैटों की जगह सिर्फ 128 फ्लैट बनाए जा रहे हैं। उनमें भी अभी तक पजेशन मिलना बाकी है। बाकी पूरी योजना में आवेदकों को उनकी पंजीकरण राशि वापस कर दी गई। इस योजना को जब लांच किया गया था तब, एलडीए का दावा था कि प्रत्येक वर्ष एक हजार अपना घर के फ्लैट लांच किये जाएंगे।
2010 में अपना घर आवासीय योजना की घोषणा हुई थी। गोमती नगर विस्तार में इस योजना का प्राधिकरण ने जोर-शोर से प्रचार किया था। तत्कालीन वीसी मुकेश कुमार मेश्राम ने 10 हजार अपना आवास लांच करने की बात कही थी।
सात हजार लोगों को मिली थी निराशा
प्रत्येक वर्ष एक हजार अपना घर बनाने की बात कही गई थी। मगर 128 फ्लैटों की लांचिंग के बाद एक भी फ्लैट अपना घर के नाम पर नहीं बना। अपना घर योजना में करीब सात हजार लोगों को निराशा मिली थी। तब योजना में इतने ही लोगों ने पंजीकरण करवाया था।
फ्लैटों की कीमत 4 से 10 लाख रुपये के बीच थी। मगर केंद्रीय सब्सिडी न मिलने की वजह से प्राधिकरण ने योजना के स्वरूप को बहुत ही सूक्ष्म कर दिया गया। केवल 128 लोगों को ही फ्लैट मिला था।