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दस हजार बेटियों को कन्या सुमंगला से मिलेगा दो करोड़
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29जीडीएपी5-गोंडा में परसपुर बीआरसी पर शैक्षिक गोष्ठी को संबोधित करते बीएसए
- फोटो : GONDA
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गोंडा। बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा विभाग अब स्कूल आने वाली बेटियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगा। कन्या सुमंगला योजना को विभाग ने लागू होने के बाद स्कूलों में पढ़ने वाली बेटियों को आर्थिक सहायता मिलेगी। जिले की करीब 10 हजार बेटियों को इस योजना से लाभ दिलाने की पहल शुरू की गई है। बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में कक्षा- 1 व 6 में इस वर्ष प्रवेश लेने वाली बेटियों को कन्या सुमंगला योजना का लाभ मिलेगा। इसी तरह माध्यमिक शिक्षा के इंटर कॉलेजों में कक्षा 9 में पढ़ने वाली बेटियों को भी मदद मिलेगी। इसी तरह स्नातक के प्रथम वर्ष, डिग्री व डिप्लोमा में प्रवेश लेने वाली बेटियों को भी मदद सरकार देगी। इस बार प्रवेश लेने वाली बेटियों को दो-दो हजार रुपये की मदद दी जाएगी।
कन्या सुमंगला योजना लागू होने के बाद इसके क्रियान्वयन के लिए विभागों में तेजी दिख रही है। स्कूलों में प्रवेश लेनी वाली बेटियों को सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापक प्रमाण पत्र देंगे। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 3000 परिषदीय स्कूलों से कक्षा-1 में प्रवेश लेने वाली बेटियों को मदद दिलाने के लिए ब्यौरा जुटाया जा रहा है। इसी तरह कक्षा-6 में प्रवेश लेने वाली बेटियों को भी प्रमाण दिया जाएगा। प्रवेश के प्रमाण पत्र के साथ आवेदन करना होगा। शहरी क्षेत्र में एसडीएम के यहां तो ग्रामीण क्षेत्रों में बीडीओ के यहां से आवेदन अग्रसारित होंगे। अनुदानित व मान्यता प्राप्त स्कूलों के प्रमाण पत्र को खंड शिक्षा अधिकारी प्रमाणित करेंगे। इसके बाद भी बेटियों के आवेदन मान्य होंगे। महिला कल्याण विभाग की ओर से संचालित इस योजना के आवेदन जिला प्रोबेशन अधिकारी के यहां जमा होंगे। उन्हीं के स्तर से आगे की कार्रवाई होगी। स्नातक के साथ ही अन्य कक्षाओं में उच्च शिक्षा के लिए भी मदद मिलेगी। वैसे योजना में चरणबद्ध सहायता दी जानी है, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में कक्षाओं में प्रवेश के आधार पर ही मदद मिलेगी। विभागों की मानें तो दस हजार से अधिक बेटियों के प्रवेश होंगे। अभी हर कक्षा से रिपोर्ट ली जाएगी। आवेदन के लिए पंचायतों से भी सहायता ली जाएगी।
स्कूल चलो अभियान के लिए संजीवनी बनी योजना
परिषदीय स्कूलों में प्रवेश के लिए जुलाई से चलने वाले स्कूल चलो अभियान में योजना संजीवनी बनी है। कक्षा-1 व 6 में बड़े स्तर पर प्रवेश के लिए अभिभावकों का रुझान होगा। बीएसए मनिराम सिंह ने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इस योजना के बारे में बताया गया है और गांवों में अभिभावकों को बताने के लिए शिक्षकों से अपील की गई है। इससे नामांकन की स्थिति में सुधार होगा।
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योजना की हो रही मॉनीटरिंग
कन्या सुमंगला योजना से पात्रों को लाभान्वित कराने के लिए सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य आदि विभागों को इस योजना का लाभ दिलाना है। योजना की मॉनीटरिंग की जा रही है। -डॉ. नितिन बसंल, जिलाधिकारी
चार दिनों में 3200 शिक्षकों से किया सीधा संवाद
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह ने चार दिनों में अभियान चलाकर 3200 परिषदीय स्कूलों के प्रधानाध्यापक, 166 न्याय पंचायत प्रभारियों और एबीआरसी से सीधा संवाद कायम किया। उन्होंने शनिवार को भी परसपुर समेत तरबगंज व बेलसर ब्लॉक में शिक्षकों को संबोधित किया। 1 जुलाई से स्कूलों का संचालन उत्सव की तरह करने के साथ ही नामांकन पर जोर दिया। अमान्य स्कूलों का संचालन बंद कराने के साथ ही बच्चों को यूनीफॉर्म और किताबों के वितरण के निर्देश दिए हैं। कहाकि जुलाई से शिक्षा गुणवत्ता वर्ष का आयोजन होगा और हर दिन बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने के कार्य होंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों को योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों को भी बेहतर शिक्षा के लिए जोर देने का निर्देश दिया।
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कन्या सुमंगला योजना लागू होने के बाद इसके क्रियान्वयन के लिए विभागों में तेजी दिख रही है। स्कूलों में प्रवेश लेनी वाली बेटियों को सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापक प्रमाण पत्र देंगे। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 3000 परिषदीय स्कूलों से कक्षा-1 में प्रवेश लेने वाली बेटियों को मदद दिलाने के लिए ब्यौरा जुटाया जा रहा है। इसी तरह कक्षा-6 में प्रवेश लेने वाली बेटियों को भी प्रमाण दिया जाएगा। प्रवेश के प्रमाण पत्र के साथ आवेदन करना होगा। शहरी क्षेत्र में एसडीएम के यहां तो ग्रामीण क्षेत्रों में बीडीओ के यहां से आवेदन अग्रसारित होंगे। अनुदानित व मान्यता प्राप्त स्कूलों के प्रमाण पत्र को खंड शिक्षा अधिकारी प्रमाणित करेंगे। इसके बाद भी बेटियों के आवेदन मान्य होंगे। महिला कल्याण विभाग की ओर से संचालित इस योजना के आवेदन जिला प्रोबेशन अधिकारी के यहां जमा होंगे। उन्हीं के स्तर से आगे की कार्रवाई होगी। स्नातक के साथ ही अन्य कक्षाओं में उच्च शिक्षा के लिए भी मदद मिलेगी। वैसे योजना में चरणबद्ध सहायता दी जानी है, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में कक्षाओं में प्रवेश के आधार पर ही मदद मिलेगी। विभागों की मानें तो दस हजार से अधिक बेटियों के प्रवेश होंगे। अभी हर कक्षा से रिपोर्ट ली जाएगी। आवेदन के लिए पंचायतों से भी सहायता ली जाएगी।
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स्कूल चलो अभियान के लिए संजीवनी बनी योजना
परिषदीय स्कूलों में प्रवेश के लिए जुलाई से चलने वाले स्कूल चलो अभियान में योजना संजीवनी बनी है। कक्षा-1 व 6 में बड़े स्तर पर प्रवेश के लिए अभिभावकों का रुझान होगा। बीएसए मनिराम सिंह ने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इस योजना के बारे में बताया गया है और गांवों में अभिभावकों को बताने के लिए शिक्षकों से अपील की गई है। इससे नामांकन की स्थिति में सुधार होगा।
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योजना की हो रही मॉनीटरिंग
कन्या सुमंगला योजना से पात्रों को लाभान्वित कराने के लिए सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य आदि विभागों को इस योजना का लाभ दिलाना है। योजना की मॉनीटरिंग की जा रही है। -डॉ. नितिन बसंल, जिलाधिकारी
चार दिनों में 3200 शिक्षकों से किया सीधा संवाद
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह ने चार दिनों में अभियान चलाकर 3200 परिषदीय स्कूलों के प्रधानाध्यापक, 166 न्याय पंचायत प्रभारियों और एबीआरसी से सीधा संवाद कायम किया। उन्होंने शनिवार को भी परसपुर समेत तरबगंज व बेलसर ब्लॉक में शिक्षकों को संबोधित किया। 1 जुलाई से स्कूलों का संचालन उत्सव की तरह करने के साथ ही नामांकन पर जोर दिया। अमान्य स्कूलों का संचालन बंद कराने के साथ ही बच्चों को यूनीफॉर्म और किताबों के वितरण के निर्देश दिए हैं। कहाकि जुलाई से शिक्षा गुणवत्ता वर्ष का आयोजन होगा और हर दिन बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने के कार्य होंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों को योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों को भी बेहतर शिक्षा के लिए जोर देने का निर्देश दिया।