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Lucknow News: भर्ती दस मरीजों को दे दी छुट्टी, वैकल्पिक ओटी की व्यवस्था भी नहीं
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लखनऊ। एसजीपीजीआई में सोमवार को ओटी कॉम्प्लेक्स में आग लगने के बाद मंगलवार को भी हालात सामान्य नहीं हो सके। संस्थान ने इंडोक्राइन सर्जरी और सीवीटीएस विभाग के ऑपरेशन के लिए वैकल्पिक ओटी चलाने की बात कही थी। हालांकि, इमरजेंसी को छोड़ अन्य वैकल्पिक ओटी का संचालन नहीं हो सका। इसके अलावा भर्ती दस मरीजों को छुट्टी भी दे दी गई।
इंडोक्राइन सर्जरी की ओटी में आग लगने से उपकरण जल गए थे। इसके बगल की सीवीटीएस की ओटी भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। पूरे ओटी कॉम्प्लेक्स में कुल 13 ऑपेशन थियेटर हैं। धुएं से दीवारें काली हो जाने से इनमें ऑपरेशन करने लायक स्थिति नहीं है।
एसजीपीजीआई की बात करें तो कुल 33 ओटी हैं। पीजीआई प्रशासन ने इंडोक्राइन सर्जरी और सीवीटीएस विभाग की ओटी अन्य स्थानों पर चलाने की बात कही थी। हालांकि, मंगलवार को इमरजेंसी को छोड़कर अन्य ओपीडी का संचालन नहीं हो सका। इतना ही नहीं एक-दो दिन में स्थिति सामान्य न होते देख इंडोक्राइन सर्जरी और सीवीटीएस विभाग में ऑपरेशन के लिए भर्ती दस मरीजों को छुट्टी भी दे दी गई। मरीजों ने बताया कि उन्हें पहले भी वापस किया जा चुका है। अब एक बार फिर अगली तारीख पर आने के लिए कहा गया है।
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आग से दो मरीजों की हो गई थी मौत
संस्थान में सोमवार दोपहर 12.40 बजे इंडोक्राइन सर्जरी की ओटी में ऑपरेशन के दौरान मॉनीटर में स्पार्क से आग लग गई थी। उस समय पीलीभीत निवासी तैयबा की सर्जरी चल रही थी। सर्जरी बीच में रोककर महिला को दूसरी जगह शिफ्ट करने की कोशिश की गई, पर उसकी मौत हो गई। इसके ठीक बगल में सीवीटीएस की ओटी में गाजीपुर निवासी नेहा के नवजात बच्चे की दिल की सर्जरी चल रही थी। धुंआ भरने पर उसे शिफ्ट करने का प्रयास किया गया, लेकिन उसकी भी मौत हो गई थी। उधर, सोनभद्र निवासी वैभव पांडेय के घरवालों ने भी उसकी मौत की वजह आग को बताया था। हालांकि, केजीएमयू प्रशासन ने इसे खारिज कर दिया था। एसजीपीजीआई के सीएमएस प्रो. संजय धिराज का कहना है कि एसजीपीजीआई की सीवीटीएस विभाग की ओटी रीशेड्यूल की गई है। मरीजों को सोमवार से बुलाया गया है। इंडोक्राइन सर्जरी विभाग की ओटी दो दिन में शुरू होने उम्मीद है। इमरजेंसी ओटी जारी हैं।
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इंडोक्राइन सर्जरी की ओटी में आग लगने से उपकरण जल गए थे। इसके बगल की सीवीटीएस की ओटी भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। पूरे ओटी कॉम्प्लेक्स में कुल 13 ऑपेशन थियेटर हैं। धुएं से दीवारें काली हो जाने से इनमें ऑपरेशन करने लायक स्थिति नहीं है।
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एसजीपीजीआई की बात करें तो कुल 33 ओटी हैं। पीजीआई प्रशासन ने इंडोक्राइन सर्जरी और सीवीटीएस विभाग की ओटी अन्य स्थानों पर चलाने की बात कही थी। हालांकि, मंगलवार को इमरजेंसी को छोड़कर अन्य ओपीडी का संचालन नहीं हो सका। इतना ही नहीं एक-दो दिन में स्थिति सामान्य न होते देख इंडोक्राइन सर्जरी और सीवीटीएस विभाग में ऑपरेशन के लिए भर्ती दस मरीजों को छुट्टी भी दे दी गई। मरीजों ने बताया कि उन्हें पहले भी वापस किया जा चुका है। अब एक बार फिर अगली तारीख पर आने के लिए कहा गया है।
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आग से दो मरीजों की हो गई थी मौत
संस्थान में सोमवार दोपहर 12.40 बजे इंडोक्राइन सर्जरी की ओटी में ऑपरेशन के दौरान मॉनीटर में स्पार्क से आग लग गई थी। उस समय पीलीभीत निवासी तैयबा की सर्जरी चल रही थी। सर्जरी बीच में रोककर महिला को दूसरी जगह शिफ्ट करने की कोशिश की गई, पर उसकी मौत हो गई। इसके ठीक बगल में सीवीटीएस की ओटी में गाजीपुर निवासी नेहा के नवजात बच्चे की दिल की सर्जरी चल रही थी। धुंआ भरने पर उसे शिफ्ट करने का प्रयास किया गया, लेकिन उसकी भी मौत हो गई थी। उधर, सोनभद्र निवासी वैभव पांडेय के घरवालों ने भी उसकी मौत की वजह आग को बताया था। हालांकि, केजीएमयू प्रशासन ने इसे खारिज कर दिया था। एसजीपीजीआई के सीएमएस प्रो. संजय धिराज का कहना है कि एसजीपीजीआई की सीवीटीएस विभाग की ओटी रीशेड्यूल की गई है। मरीजों को सोमवार से बुलाया गया है। इंडोक्राइन सर्जरी विभाग की ओटी दो दिन में शुरू होने उम्मीद है। इमरजेंसी ओटी जारी हैं।