शिक्षक परिवार ने सजाई तीज की महफिल
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सावन बीत गया फिर भी हरियाली उत्सव की धूम जारी है। मेहंदी से सजे हाथों में खनकती चूड़ियां, ढोलक की थाप और लोकरंग। हाथों में किताबें लेकर पढ़ाने वाले शिक्षकों ने रविवार को हरियाली उत्सव की रौनक जमाई।
मौका रहा डायट एलुमिनाई एसोसिएशन की ओर से बली प्रेक्षागृह में आयोजित ‘शिक्षक परिवार हरियाली उत्सव’ का।
लोकरंगों के बीच शुरू हुए हरियाली उत्सव में धूम मचाई शिक्षकों और उनके परिवार के बच्चों ने।
महिला शिक्षकों के दल ने हारमोनियम, तबले की थाप पर ठुमकों के बीच जियरा लहर लोट हुइ जाये रे.. पर समां बांधा। अतुकृति त्रिवेदी ने यहां ‘हर तरफ हर कहीं पे है.. हां उसी का नूर..’ सुनाया। श्रुति पांडेय ने ‘ओ कान्हा अब तो मुरली की मधुर सुना दो तान..’ से रंग जमाया।
‘रेलिया बैरन पिया को लिये जाये...’ एकल गीत के बाद यहां शिक्षक दिव्य प्रकाश मिश्रा ने यहां कजरी ‘प्यार की पैजनिया बाजै रे..’ से झुमाया। गोसाईगंज से आई नन्हीं अनुश्री ने पद पदम संगीत गीत सरगम पर नृत्य से तालियां पाई। समूह नृत्य और गायन प्रस्तुतियों के बाद यहां कई वर्गों प्रतियोगितायें हुई।
जिसने इंदिरा सक्सेना को हरियाली क्वीन चुना गया, जबकि रश्मि खरे को मिस हरियाली चुना गया। हरियाली कपल का खिताब क्षमा मिश्रा-दिव्यप्रकाश मिश्रा को मिला।