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Lucknow News: घर में रखे टेडी बियर व कालीन भी बना रहे लोगों को बीमार
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प्रतीकात्मक।
लखनऊ। घर में रखे टेडी बियर, फर्श पर बिछी कालीन और यहां तक कि छोटे बच्चों को पहनाए जाने वाले डायपर भी एलर्जी की वजह बन रहे हैं। यह चेतावनी केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष प्रो. सूर्यकांत ने दी। वह रविवार को केजीएमयू कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इम्यूनो-एलर्जी समिट को संबोधित कर रहे थे।
प्रो. सूर्यकांत ने बताया कि कुत्ता, बिल्ली, खरगोश जैसे पालतू जानवर और धूल सोखने वाली कालीनें एलर्जी का बड़ा स्रोत हैं। छोटे बच्चों में डायपर एलर्जी के कारण लाल चकत्ते पड़ रहे हैं। उन्होंने आगाह किया कि 6 माह की उम्र में होने वाले अन्नप्राशन के समय बच्चों को फूड एलर्जी का खतरा रहता है। साथ ही, फास्ट फूड का अधिक सेवन करने वाले संवेदनशील बच्चों में भी एलर्जी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। देश की करीब 25 प्रतिशत आबादी एलर्जी से प्रभावित है।
डॉ. नंदना बाला ने एनाफिलेक्सिस को जानलेवा आपात स्थिति बताया। कहा कि यह तीव्र एलर्जिक रिएक्शन है, जो दवा, मूंगफली, दूध या कीड़े के काटने से अचानक फैलता है। इसमें शरीर का इम्यून सिस्टम इतनी तेजी से प्रतिक्रिया देता है कि गले-चेहरे में सूजन आ जाती है, ब्लड प्रेशर गिर जाता है और सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। ऐसे में हर एक मिनट कीमती होता है और जरा सी देरी मौत की वजह बन सकती है।
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इसके प्रमुख लक्षणों में अचानक सांस फूलना, चकत्ते, होंठ-जीभ में सूजन, चक्कर आना और बेहोशी शामिल है। विशेषज्ञों ने कहा कि हाई-रिस्क मरीजों को हमेशा अपने एलर्जी ट्रिगर्स की जानकारी रखनी चाहिए और आपातकालीन दवाएं साथ रखनी चाहिए।
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प्रो. सूर्यकांत ने बताया कि कुत्ता, बिल्ली, खरगोश जैसे पालतू जानवर और धूल सोखने वाली कालीनें एलर्जी का बड़ा स्रोत हैं। छोटे बच्चों में डायपर एलर्जी के कारण लाल चकत्ते पड़ रहे हैं। उन्होंने आगाह किया कि 6 माह की उम्र में होने वाले अन्नप्राशन के समय बच्चों को फूड एलर्जी का खतरा रहता है। साथ ही, फास्ट फूड का अधिक सेवन करने वाले संवेदनशील बच्चों में भी एलर्जी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। देश की करीब 25 प्रतिशत आबादी एलर्जी से प्रभावित है।
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डॉ. नंदना बाला ने एनाफिलेक्सिस को जानलेवा आपात स्थिति बताया। कहा कि यह तीव्र एलर्जिक रिएक्शन है, जो दवा, मूंगफली, दूध या कीड़े के काटने से अचानक फैलता है। इसमें शरीर का इम्यून सिस्टम इतनी तेजी से प्रतिक्रिया देता है कि गले-चेहरे में सूजन आ जाती है, ब्लड प्रेशर गिर जाता है और सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। ऐसे में हर एक मिनट कीमती होता है और जरा सी देरी मौत की वजह बन सकती है।
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इसके प्रमुख लक्षणों में अचानक सांस फूलना, चकत्ते, होंठ-जीभ में सूजन, चक्कर आना और बेहोशी शामिल है। विशेषज्ञों ने कहा कि हाई-रिस्क मरीजों को हमेशा अपने एलर्जी ट्रिगर्स की जानकारी रखनी चाहिए और आपातकालीन दवाएं साथ रखनी चाहिए।