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प्राइवेट स्कूलों की तरह ही होंगे परिषदीय स्कूल

Fri, 26 Sep 2014 09:14 AM IST
शैलेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
शैलेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 26 Sep 2014 09:14 AM IST
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teaching pattern to be changed in schools.

राज्य सरकार अब परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई का तरीका बदलने जा रही है। प्रति घंटा विषयवार बच्चों की पढ़ाई कराई जाएगी। शिक्षक बच्चों को रट्टामार पढ़ाई नहीं कराएंगे। उन्हें रोचक तरीके से शिक्षा दी जाएगी।

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इसके लिए शिक्षकों को अलग-अलग जिम्मेदारियां निभानी होंगी। बच्चों की सुविधा के लिए स्कूल का समय भी बदला जाएगा। सरकार चाहती है कि परिषदीय स्कूलों का तरीका बदले ताकि अभिभावक बच्चों को यहां भेजने के लिए प्रेरित हों।
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सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। इस पर मंथन चल रहा है। नई व्यवस्था जल्द ही लागू करने की तैयारी है।

प्रदेश में 1,13,627 प्राइमरी स्कूलों में 2.61 करोड़ तथा 45,749 उच्च प्राइमरी स्कूलों में 92.15 लाख बच्चे पढ़ते हैं। इनमें शिक्षक बच्चों को रट्टामार कर पढ़वाते हैं। इसलिए बच्चे चिल्लाने पर अधिक और पढ़ाई पर कम ध्यान देते हैं।
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पूरे साल एक ही होगी स्कूलों की टाइमिंग

teaching pattern to be changed in schools.

बेसिक शिक्षा परिषद चाहती है कि पढ़ाई के तौर-तरीके में बदलाव किया जाए। इसके लिए बच्चों के अंदर रचनात्मक कौशल विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। शिक्षक बच्चों को जो पढ़ाएं वह उन्हें आसानी से याद हो जाए। इसके लिए परिषदीय स्कूलों में बच्चों को प्रति घंटा विषय के आधार पर पढ़ाई कराई जाएगी।

हिंदी, अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों को अलग-अलग घंटों में पढ़ाया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा। शिक्षक बच्चों को एक माह तक लगातार पढ़ाने के बाद इसका मूल्यांकन करेंगे। यदि बच्चे कम सीखते हैं तो फिर वही पाठ उन्हें दोहराया जाएगा ताकि वे उस विषय में पारंगत हो सकें।

बदलेगा स्कूल खुलने का समय

परिषदीय स्कूल अभी मौसम के आधार पर खुलते और बंद होते हैं। कुछ जिलों में बेसिक शिक्षा अधिकारी अपने हिसाब से भी समय तय करते हैं। इसलिए बेसिक शिक्षा परिषद की इच्छा है कि स्कूल तय समय पर ही खोले जाएं।

प्रस्ताव के मुताबिक हर मौसम में सुबह 9 से अपराह्न 3 बजे तक स्कूल खोला जाएगा। इससे अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने में आसानी होगी। दोपहर में खाने का झंझट इसलिए नहीं रहेगा क्योंकि मिड-डे-मील दिया जाता है।

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