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प्राइवेट शिक्षकों को अब मिलेंगी सरकारी शिक्षकों जैसी सुविधाएं

Tue, 06 Oct 2015 09:26 AM IST
Updated Tue, 06 Oct 2015 09:26 AM IST
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teachers of private colleges also get special facilities

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय से संबद्ध निजी कॉलेजों के शिक्षकों व अन्य सहयोगी कर्मचारियों को जल्द ही आकस्मिक, उपार्जित अवकाश समेत अन्य अवकाश व मानक के अनुसार वेतन का लाभ मिलेगा। इसके लिए विश्वविद्यालय ने सेवा नियमावली तैयार की है। इसे विवि की वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया गया है।

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सभी कॉलेजों को 10 अक्तूबर तक इस पर सुझाव देने को कहा गया है। इसके बाद नियमावली को लागू करने की प्रक्रिया होगी। ऐसा होने से निजी कॉलेजों में पढ़ाने वाले शिक्षकों व शिक्षण कार्य में सहयोग करने वाले कर्मचारियों जैसे लैब टेक्नीशियन आदि का शोषण नहीं किया जा सकेगा।
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वर्तमान में अधिकतर निजी कॉलेजों में शिक्षकों व कर्मचारियों को न तो मानक के अनुसार वेतन मिलता है और न ही अन्य अधिकार। छुट्टी लेने पर वेतन कटौती की जाती है। अभी 600 से अधिक निजी कॉलेज विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं। सेवा नियमावली लागू होने से इनके 30 हजार से अधिक शिक्षकों व उनके सहयोगियों को लाभ मिलेगा।

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खूब ‌मिलेंगी छुट्टियां, नहीं कटेगा वेतन

teachers of private colleges also get special facilities

विश्वविद्यालय ने जो सेवा नियमावली तैयार की है, उसके अनुसार निजी कॉलेजों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को एक साल में 14 दिन कैजुअल लीव और 30 दिन अर्न्ड लीव मिल सकेगी। मेडिकल लीव की स्थिति में 15 दिन तक फुल और 20 दिन तक हाफ लीव की सुविधा होगी।

यदि कोई शिक्षक शोध या उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज से अवकाश लेना चाहता है तो इसका प्रावधान भी किया गया है। इनके साथ स्पेशल डिसएबिलिटी लीव, एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी लीव और गर्मियों में 30 दिन व सर्दियों में 10 दिन का अवकाश पूरे वेतन के साथ मिलेगा। वहीं शिक्षकों के सहयोगी स्टाफ के लिए गर्मियों में 15 दिन और सर्दियों में 5 दिन का अवकाश होगा।

विश्वविद्यालय ने सेवा नियमावली में मैटरनिटी लीव की भी व्यवस्था की है। महिलाओं को इसके तहत तीन माह तक का सवेतन अवकाश मिलेगा। हालांकि इसके लिए उन्हें अपने शिक्षण संस्थान के साथ एक करार करना होगा। इसके तहत वे अवकाश से लौटने के बाद दो साल तक कॉलेज नहीं छोड़ सकेंगी। मैटरनिटी लीव के तहत उनको डेढ़ माह का वेतन ड्यूटी पर लौटने पर जबकि बचे हुए डेढ़ माह का वेतन दो साल का समय पूरा होने पर मिलेगा।

डॉ. एपीजेएकेटीयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक कहते हैं कि निजी संस्थानों में अधिकतर शिक्षकों में नौकरी को लेकर भय रहता है। ऐसे में वे पूरे मन से नहीं पढ़ा पाते। सेवा नियमावली लागू होने से उनको नौकरी में स्थायित्व दिखेगा और वे पढ़ाने पर ध्यान देंगे।

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