{"_id":"58dcbb0d4f1c1b484063d9ab","slug":"teacher-tries-to-commit-suicide-due-to-insult-in-police-station-lucknow","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पुलिस ने थाने में की बेइज्जती तो टीचर ने खाया जहर, सीएम को लिखा सुसाइड नोट","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पुलिस ने थाने में की बेइज्जती तो टीचर ने खाया जहर, सीएम को लिखा सुसाइड नोट
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Thu, 30 Mar 2017 03:13 PM IST
विज्ञापन
अस्पताल में भर्ती अंगद सिंह
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माल थाने में बुधवार दोपहर अपमान से क्षुब्ध एक शिक्षक ने सीएम को संबोधित सुसाइड नोट लिखा और जहर खा लिया। दरोगा ने शिक्षक को थाने बुलाकर दबंगों से समझौते का दबाव बनाया और इन्कार पर फटकार लगाई थी।
राहगीरों ने शिक्षक को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस उत्पीड़न से आहत शिक्षक के जहर खा लेने से पुलिस अफसरों के हाथपांव फूल गए। बेटी ने दरोगा पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए एएसपी को तहरीर दी।
पुलिस के मुताबिक, माल थाने के गांव अटरिया निवासी एक निजी स्कूल के शिक्षक अंगद सिंह (40) ने बीकेटी क्षेत्र में सीतापुर रोड स्थित साढ़ामऊ अस्पताल मोड़ के पास बाइक किनारे खड़ी की और जहर खा लिया।
विज्ञापन
इससे पहले अंगद सिंह ने परिवारीजनों को फोन करके थाने में अपमान की जानकारी दी और सीएम के नाम सुसाइड नोट लिखकर जेब में रखा था। राहगीरों ने उन्हें साढ़ामऊ अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचे परिवारीजनों के हंगामा करने पर पुलिस को भनक लगी।
एसपी ग्रामीण प्रताप गोपेंद्र यादव व सीओ मलिहाबाद रोहित सिंह सजवान मौके पर पहुुंचे। अंगद सिंह की बेटी सत्यम ने माल थाने के दरोगा जगपाल सिंह यादव पर दबंगों से समझौते के लिए अपने पिता को थाने बुलाकर अपमानित करने का आरोप लगाते हुए एएसपी को तहरीर दी।
विज्ञापन
राहगीरों ने शिक्षक को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस उत्पीड़न से आहत शिक्षक के जहर खा लेने से पुलिस अफसरों के हाथपांव फूल गए। बेटी ने दरोगा पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए एएसपी को तहरीर दी।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक, माल थाने के गांव अटरिया निवासी एक निजी स्कूल के शिक्षक अंगद सिंह (40) ने बीकेटी क्षेत्र में सीतापुर रोड स्थित साढ़ामऊ अस्पताल मोड़ के पास बाइक किनारे खड़ी की और जहर खा लिया।
विज्ञापन
इससे पहले अंगद सिंह ने परिवारीजनों को फोन करके थाने में अपमान की जानकारी दी और सीएम के नाम सुसाइड नोट लिखकर जेब में रखा था। राहगीरों ने उन्हें साढ़ामऊ अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचे परिवारीजनों के हंगामा करने पर पुलिस को भनक लगी।
एसपी ग्रामीण प्रताप गोपेंद्र यादव व सीओ मलिहाबाद रोहित सिंह सजवान मौके पर पहुुंचे। अंगद सिंह की बेटी सत्यम ने माल थाने के दरोगा जगपाल सिंह यादव पर दबंगों से समझौते के लिए अपने पिता को थाने बुलाकर अपमानित करने का आरोप लगाते हुए एएसपी को तहरीर दी।
पढ़ें, सुसाइड नोट
यूपी पुलिस
‘अंगद सिंह का उससे चचेरे भाई संजय सिंह से पुराना विवाद है। अंगद सिंह द्वारा जहर खा लेने की जानकारी मिली। इस पर एएसपी ग्रामीण को मौके पर भेजकर जांच कराई जा रही है। अस्पताल में भर्ती अंगद सिंह की हालत सुधरने का इंतजार है। परिवारीजनों से तहकीकात की गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।’ - प्रवीण कुमार, डीआईजी रेंज
‘भर्ती अंगद की जेब से सीएम योगी आदित्यनाथ को संबोधित सुसाइड नोट मिला। इसमें लिखा था कि ‘सुबह पूजा करने के दौरान सिपाही अरविंद सोनकर ने चार बार कॉल की। बोला कि छोटे दरोगाजी और बड़े दरोगा अंबर सिंह ने बुलाया है। मैं महेंद्र शुक्ला के साथ थाने पहुंचा। वहां संजय सिंह पहले से बैठे थे। हमने एसओ साहब से पूछा कि हमें क्यों बुलाया गया है तो बोले कि तुम्हारी सुलह करानी है।बातचीत होने लगी तो बोला कि ऐसे आदमी से सुलह नहीं करूंगा तो हमें बहुत बुराभला कहा और देखो आप के ऊपर कितने केस लगाते हैं। एक सम्मनित व्यक्ति के लिए। मैं एक अध्यापक हूं जहां मैं मैथ पढ़ाता हूं। मेरी बिटिया मेरा बोझ कम करने को पढ़ाती है। मैं अपना जीवन समाप्त कर रहा हूं, ऐसी जिंदगी से मर जाना बेहतर है।’ -अंगद सिंह’
‘भर्ती अंगद की जेब से सीएम योगी आदित्यनाथ को संबोधित सुसाइड नोट मिला। इसमें लिखा था कि ‘सुबह पूजा करने के दौरान सिपाही अरविंद सोनकर ने चार बार कॉल की। बोला कि छोटे दरोगाजी और बड़े दरोगा अंबर सिंह ने बुलाया है। मैं महेंद्र शुक्ला के साथ थाने पहुंचा। वहां संजय सिंह पहले से बैठे थे। हमने एसओ साहब से पूछा कि हमें क्यों बुलाया गया है तो बोले कि तुम्हारी सुलह करानी है।बातचीत होने लगी तो बोला कि ऐसे आदमी से सुलह नहीं करूंगा तो हमें बहुत बुराभला कहा और देखो आप के ऊपर कितने केस लगाते हैं। एक सम्मनित व्यक्ति के लिए। मैं एक अध्यापक हूं जहां मैं मैथ पढ़ाता हूं। मेरी बिटिया मेरा बोझ कम करने को पढ़ाती है। मैं अपना जीवन समाप्त कर रहा हूं, ऐसी जिंदगी से मर जाना बेहतर है।’ -अंगद सिंह’