UP: शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ, मिलेंगे नियुक्ति पत्र
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जूनियर हाईस्कूलों में विज्ञान व गणित शिक्षक के 29,334 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षकों की भर्ती पर लगा स्टे खारिज कर दिया है।
जूनियर हाईस्कूल में शिक्षक भर्ती के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है, इसलिए नियुक्ति पत्र देने में अब अधिक समय नहीं लगेगा। राज्य सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद के जूनियर हाईस्कूलों में विज्ञान व गणित शिक्षक पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन निकालते हुए आवेदन मांगा था।
इसके लिए जूनियर हाईस्कूल स्तर की टीईटी पास बीएड वालों को पात्र माना गया। भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के लिए कई चरणों की काउंसलिंग कराई गई। काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान ही हाईकोर्ट ने स्थगन आदेश दे दिया।
कुछ लोगों ने हाईकोर्ट में वाद दाखिल करते हुए आपत्ति जताई थी कि जूनियर हाईस्कूल में शिक्षकों के सभी पद पदोन्नति के हैं और वहां सीधी भर्ती का कोई प्रावधान नहीं है।
इस पर राज्य सरकार ने अपना पक्ष रखा कि बेसिक शिक्षा परिषद अधिनियम में संशोधन करते हुए जूनियर हाईस्कूल के कुल पदों में आधे को पदोन्नति व आधे को सीधी भर्ती से भरने का प्रावधान कर दिया गया है और पदोन्नति प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
प्रशिक्षु शिक्षक के पात्रों को 22 से पहले नियुक्ति पत्र
प्राइमरी स्कूलों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की चल रही भर्ती प्रक्रिया में अब तक 50,880 ने जॉइन कर लिया है। खाली पदों के लिए पांचवीं काउंसलिंग तक मिले सभी पात्रों को 22 अप्रैल से पहले नियुक्ति पत्र दे दिया जाएगा। सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान डायट प्राचार्यों वे बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस बाबत निर्देश दिए।
गुप्ता ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कहा कि सुप्रीम कोर्ट में 22 अप्रैल को भर्ती प्रक्रिया की जानकारी देनी है। इसलिए इससे पहले सभी पात्रों को नियुक्ति पत्र दे दिए जाएं और उन्हें जॉइन करने का मौका दिया जाए।
जैसे-जैसे अभ्यर्थी जॉइन कर रहे हैं उनका अन्य जिलों से नाम हटा दिया जाए जिससे वेटिंग वालों को भी मौका मिल सके। भर्ती प्रक्रिया की प्रगति जानने के लिए 16 या 17 अप्रैल एक बार फिर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की जाएगी।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक सर्वेंद्र विक्रम सिंह ने कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान निर्देश दिया कि कई जिलों में टीईटी का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर कुछ लोगों ने प्रशिक्षु शिक्षक का नियुक्ति पत्र प्राप्त कर लिया है। इसलिए ऐसे लोगों को चिह्नित करते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी भी जिम्मेदार होंगे।