छात्रा के साथ आपत्तिजनक हालत में मिला टीचर, अब गया कहां?
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संगीत विभाग का आरोपी एसोसिएट प्रोफेसर शुक्रवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय नहीं आया। उसका मोबाइल भी बंद रहा।
बता दें कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संगीत विभाग का एसोसिएट प्रोफेसर धर्मपाल गुरुवार को एक छात्रा के साथ आपत्तिजनक हालत में पाया गया था। इसके बाद काफी बवाल हुआ।
उधर, विभागाध्यक्ष प्रो. जयंत खोत के हटाए जाने के बाद डीन कला संकाय प्रो.मृदुला त्रिपाठी शुक्रवार को विभाग पहुंचीं।
उन्होंने वहां मौजूद सभी शिक्षकों के साथ बंद कमरे में बैठक की और कामकाज निपटाए। उत्पीड़न में विभाग के शिक्षक का नाम सामने आने से छात्र-छात्राओं के मन में ऊहापोह की स्थिति बनी रही। कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं था। सब आपस में ही चर्चा कर रहे थे।
कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं
एक शिक्षिका ने तो यहां तक कह दिया कि ‘बड़ी मुश्किल से जंग जीती है।’ वह विभागाध्यक्ष से लेकर विभाग के कई और शिक्षकों के कामकाज पर लगातार असंतोष जताती रहीं। वहीं छात्राएं घटना के संबंध में कुछ बोलने को तैयार नहीं हुई।
हालांकि छात्रों ने शुक्रवार को भी पूरे दिन आरोपी शिक्षक के खिलाफ मोर्चा खोले रखा। डीन कला संकाय प्रो. मृदुला त्रिपाठी ने कहा कि उन्होंने शिक्षकों के साथ बैठक कर कामकाज निपटाए और परीक्षा संबंधी निर्णय लिए।
बताया, बैठक में आरोपी एसोसिएट प्रोफेसर नहीं थे और न ही उन्होंने विभाग में उपस्थित न होने की कोई सूचना दी है।
छात्रा की तहरीर पर एसोसिएट प्रोफेसर धर्मपाल के खिलाफ दर्ज मुकदमा अब तक खारिज नहीं हुआ है हालांकि छात्रा का लिखित बयान मिलने के बाद मुकदमे को खारिज करने का निर्देश अफसरों ने दिया है।
आरोपी शिक्षक के साथ है शिक्षक संघ
इलाहाबाद विश्वविद्यालय का शिक्षक संघ संगीत विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर धर्मपाल के साथ हुई घटना को उन पर हमला मान रही है। शुक्रवार को शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रो. राम किशोर शास्त्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसकी निंदा की गई।
घटना को सुनियोजित साजिश के तहत किया गया कायराना कृत्य बताया और कहा कि मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए। इस संबंध में शिक्षक संघ की ओर से शनिवार को हिंदी विभाग में कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है।
बैठक में संघ के महामंत्री प्रो.शिव मोहन प्रसाद, संयुक्त मंत्री सूर्य नारायण सिंह, डॉ.आरके सिंह, प्रो. उमाकांत यादव, डॉ. डीसी लाल, भूरे लाल आदि मौजूद रहे।
प्रयाग बुद्धिजीवी मंच की डॉ. आरवी सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में घटना को सुनियोजित षड़यंत्र बताया गया।