यूपी में एक स्कूल ऐसा भी जहां पढ़ाई के नाम पर पढ़ते हैं डंडे!
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यूपी के बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ कस्बे में एक पूर्व माध्यमिक विद्यालय ऐसा भी है, जहां पढ़ाई का नाम लो तो डंडे पड़ते हैं। यह सुनकर आपको आश्चर्य भी हो रहा होगा और हैरत भी, मगर यह सौ फीसदी सच है।
हैदरगढ-सुबेहा मार्ग पर तहसील मुख्यालय से मात्र छह किमी दूर स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय नरौली कीसहायक अध्यापिका पढ़ाने का नाम भी लेने पर बच्चों की पिटाई कर शांत करा देती है। विद्यालय के 53 छात्र-छात्राओं ने विद्यालय में चल रहे कारनामे का खुलासा करते हुए जिलाधिकारी को पत्र लिखकर शिकायत की है।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कक्षा छह से आठ तक की शिक्षा के लिए सौ छात्र व छात्राएं पंजीकृत है। तीनों कक्षाओं में बारह विषयों को पढ़ाने के लिए विद्यालय में प्रधानाध्यापक व दो सहायक अध्यापकों की तैनाती है, लेकिन विद्यालय के बच्चों ने बताया तीनों शिक्षकों में एक शिक्षिका की लापरवाही से विद्यालय में पठन पाठन का कार्य प्रभावित है।
पूरी क्लास के बच्चों ने पत्र लिखकर की शिकायत
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल में पढ़ाई न होने से बच्चों का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है। आरोप है कि, शिक्षिकाएं दस बजे के बाद विद्यालय पहुंचती हैं और फिर अपनी कमी को छुपाने के लिए उल्टे छात्र-छात्राओं पर रौब गालिब करती हैं।
शिक्षिका पहले भी गत वर्ष विद्यालय नियमित नहीं आने के आरोप में निलंबित किया गया था। मगर, फिर उसे क्लीनचिट देकर बहाल कर दिया गया।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय नरौली मेंकक्षा आठ में पढ़ने वालs 53 बच्चों ने सामूहिक तौर पर जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर बताया है कि पढ़ाई का नाम लेने पर उनकी पिटाई की जाती है।
विद्यालय में हो रही दिक्कतों से विभाग के अधिकारियों को लिखित तौर पर पहले से अवगत करा दिया गया है। स्वयं व एक अन्य सहायक अध्यापक द्वारा विद्यालय में बच्चों को नियमित पढ़ा कर शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने का प्रयास निरंतर हो रहा है। आरोपी सहायक अध्यापिका की लापरवाही पर कोई अंकुश लगा पाने में असमर्थता जताई है।
डॉ. राम बहादुर मिश्र, प्रधानाध्यापक
शिक्षिका की लापरवाही की शिकायत पर बीते वर्ष कमेटी गठित कर जांच कराई गई थी जिसमें शिकायत सही पाए जाने पर अध्यापिका निलंबित हो गई थी। मौजूदा समय में शिकायत के बारे में जानकारी से इंकार करते हुए कहा शिकायत मिलते ही उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सैयद समर अब्बास जैदी, बीईओ