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भरोसे की चाय: एक ने एमबीए बीच में छोड़ा, दूसरे ने नहीं की नौकरी, अब यूपी के इन शहरों में कर रहे बिजनेस
Fri, 10 Mar 2023 05:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 10 Mar 2023 05:52 PM IST
सार
दो युवाओं ने एक स्टार्टअप शुरू किया और अब यूपी के अलग-अलग शहरों में व्यापार कर रहे हैं। इनमें से एक ने एमबीए बीच में छोड़ दिया तो दूसरे ने नौकरी नहीं करने का निर्णय लिया।
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टीम के साथ निकुंज शर्मा।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
खुद पर भरोसे ने राह दिखाई और दो युवाओं ने भरोसे की चाय यानी बीकेसी नामक स्टार्टअप शुरू कर दिया। मध्य प्रदेश और राजस्थान के इन दोनों दोस्तों को उत्तर प्रदेश ज्यादा भाया। गोरखपुर, कानपुर, बनारस और लखनऊ उनकी प्राथमिकता वाले शहरों में हैं।
अपने इस स्टार्टअप की नींव लखनऊ में रखने के लिए इसे शुरू करने वाले मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी निकुंज शर्मा लखनऊ में हैं। अपने राजस्थानी दोस्त मोहित प्रजापति के साथ शुरू किए इस स्टार्टअप की सफलता की कहानी को उन्होंने अमर उजाला के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि शुरुआत गोरखपुर में एक ठेले से की और आज पांच फ्रेंचाइजी उनकी अपनी है।
कोई जानता नहीं था इसलिए ठेले पर ही काम शुरू किया
निकुंज कहते हैं कि मेरी पढ़ाई एमपी में आईपीएस एकेडमी से हुई है, वहां से बीटेक करने के बाद मैंने बंगलूरू एमबीए के लिए गया। इस बीच एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी की, जिसे छोड़ दिया। अभी घरवालों को नहीं बताया है। मोहित ने आईआईटी धनबाद से डिग्री ली और नौकरी न करने का फैसला किया। दोनों का कहना है कि हमने यूपी को बिजनेस के अनुरूप पाया, और इसके लिए गोरखपुर को चुना। यहां हमें कोई जानता नहीं था, इसलिए ठेले पर ही काम शुरू किया।
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कुछ दिन सड़क पर ही सोना भी पड़ा। खैर, देखते देखते काम जम गया और हमने फ्रेंचाइजी देनी शुरू की। गोमतीनगर निवासी कमलेश विश्वकर्मा और सुदीप यादव क्रमश: बीएससी और आईटीआई करने के बाद निकुंज शर्मा के संपर्क में आए। और उन्होंने यह काम खुद शुरू करने का फैसला किया।
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अपने इस स्टार्टअप की नींव लखनऊ में रखने के लिए इसे शुरू करने वाले मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी निकुंज शर्मा लखनऊ में हैं। अपने राजस्थानी दोस्त मोहित प्रजापति के साथ शुरू किए इस स्टार्टअप की सफलता की कहानी को उन्होंने अमर उजाला के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि शुरुआत गोरखपुर में एक ठेले से की और आज पांच फ्रेंचाइजी उनकी अपनी है।
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कोई जानता नहीं था इसलिए ठेले पर ही काम शुरू किया
निकुंज कहते हैं कि मेरी पढ़ाई एमपी में आईपीएस एकेडमी से हुई है, वहां से बीटेक करने के बाद मैंने बंगलूरू एमबीए के लिए गया। इस बीच एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी की, जिसे छोड़ दिया। अभी घरवालों को नहीं बताया है। मोहित ने आईआईटी धनबाद से डिग्री ली और नौकरी न करने का फैसला किया। दोनों का कहना है कि हमने यूपी को बिजनेस के अनुरूप पाया, और इसके लिए गोरखपुर को चुना। यहां हमें कोई जानता नहीं था, इसलिए ठेले पर ही काम शुरू किया।
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कुछ दिन सड़क पर ही सोना भी पड़ा। खैर, देखते देखते काम जम गया और हमने फ्रेंचाइजी देनी शुरू की। गोमतीनगर निवासी कमलेश विश्वकर्मा और सुदीप यादव क्रमश: बीएससी और आईटीआई करने के बाद निकुंज शर्मा के संपर्क में आए। और उन्होंने यह काम खुद शुरू करने का फैसला किया।