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मूलभूत सुविधाओं वाली कॉलोनियों से सबसे पहले लगेगा गृहकर
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मूलभूत सुविधाओं वाली कॉलोनियों से सबसे पहले लगेगा गृहकर
प्रवेंद्र गुप्ता
नगर निगम की सीमा में जो नए 88 गांव शामिल हुए हैं, उनमें सबसे पहले उनसे गृहकर वसूला जाएगा, जहां मार्ग प्रकाश, पेयजल और सड़क की सुविधा है।
जहां ये मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं, वहां टैक्स तभी लगाया जाएगा जब ये सहूलियतें मुहैया करा दी जाएंगी। ऐसे में कहां टैक्स लगेगा और कहां अभी नहीं लगेगा, यह तय करने को कमेटी भी बना दी गई है। इसकी रिपोर्ट के बाद गृहकर निर्धारण का काम शुरू होगा।
मुख्य गृहकर निर्धारण अधिकारी अशोक ने बताया कि प्रावधान अनुसार अपनी सीमा के ऐसे घरों पर नगर निगम गृहकर लगा सकता है जहां पेयजल, सड़क और मार्ग प्रकाश की सुविधा है।
जहां नहीं हैं, वहां सुविधा जल्द से जल्द देकर गृहकर लगाने का प्रावधान है। जितनी जल्द निगम सुविधाएं देगा, उतनी जल्दी हाउस टैक्स लगा सकता है।
सबसे पहले टैक्स के दायरे में आएंगी ये कॉलोनियां
एलडीए की गोमती नगर विस्तार, जानकीपुरम विस्तार, बसंतकुंज, सीजी सिटी और आवास विकास परिषद की अवध विहार, निजी बिल्डर की अंसल एपीआई आदि ऐसी बड़ी कॉलोनियां हैं जो शहर का हिस्सा तो हैं, पर नगर निगम की सीमा में नही थीं। अब ये नगर निगम सीमा का हिस्सा हो गई हैं। इनमें सड़क, सीवर, पेयजल और मार्ग प्रकाश जैसी सभी सुविधाएं हैं। ऐसे में गृहकर के दायरे में ये कॉलोनियां सबसे पहले आएंगी।
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निजी सोसाइटी वाले भी आएंगे कर के दायरे में
शहर के बाहरी इलाकों में आवासीय समितियों और छोटे बिल्डरों की ओर से बसाईं उन कॉलोनियों के लोगों को भी टैक्स देना होगा, जो अभी तक गृहकर के दायरे से बाहर थीं। इनमें गोमती नगर का भरवारा इलाका, जानकीपुरम का मड़ियांव गांव इलाका, हरदोई रोड पर दुबग्गा से आगे का इलाका, अयोध्या रोड पर चिनहट के आगे का इलाका आदि प्रमुख हैं। यहां निजी बिल्डरों की सभी सुविधाओं वाली कॉलोनियां हैं। ऐसे में ये भी कर के दायरे में आ जाएंगी।
सर्वे को बना दी गई टीम
नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने बताया कि नगर निगम की सीमा में आए नए 88 गांवों में जनसुविधाओं के सर्वे को टीम बना दी गई है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद नगर निगम अधिनियम के तहत गृहकर तय होगा। जहां जनसुविधाएं नहीं हैं, वहां इनकी कमी को पूरा किया जाएगा। इसके लिए प्रोजेक्ट बनाए जाएंगे और उन पर शासन की मदद से काम कराया जाएगा।
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प्रवेंद्र गुप्ता
नगर निगम की सीमा में जो नए 88 गांव शामिल हुए हैं, उनमें सबसे पहले उनसे गृहकर वसूला जाएगा, जहां मार्ग प्रकाश, पेयजल और सड़क की सुविधा है।
जहां ये मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं, वहां टैक्स तभी लगाया जाएगा जब ये सहूलियतें मुहैया करा दी जाएंगी। ऐसे में कहां टैक्स लगेगा और कहां अभी नहीं लगेगा, यह तय करने को कमेटी भी बना दी गई है। इसकी रिपोर्ट के बाद गृहकर निर्धारण का काम शुरू होगा।
मुख्य गृहकर निर्धारण अधिकारी अशोक ने बताया कि प्रावधान अनुसार अपनी सीमा के ऐसे घरों पर नगर निगम गृहकर लगा सकता है जहां पेयजल, सड़क और मार्ग प्रकाश की सुविधा है।
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जहां नहीं हैं, वहां सुविधा जल्द से जल्द देकर गृहकर लगाने का प्रावधान है। जितनी जल्द निगम सुविधाएं देगा, उतनी जल्दी हाउस टैक्स लगा सकता है।
सबसे पहले टैक्स के दायरे में आएंगी ये कॉलोनियां
एलडीए की गोमती नगर विस्तार, जानकीपुरम विस्तार, बसंतकुंज, सीजी सिटी और आवास विकास परिषद की अवध विहार, निजी बिल्डर की अंसल एपीआई आदि ऐसी बड़ी कॉलोनियां हैं जो शहर का हिस्सा तो हैं, पर नगर निगम की सीमा में नही थीं। अब ये नगर निगम सीमा का हिस्सा हो गई हैं। इनमें सड़क, सीवर, पेयजल और मार्ग प्रकाश जैसी सभी सुविधाएं हैं। ऐसे में गृहकर के दायरे में ये कॉलोनियां सबसे पहले आएंगी।
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निजी सोसाइटी वाले भी आएंगे कर के दायरे में
शहर के बाहरी इलाकों में आवासीय समितियों और छोटे बिल्डरों की ओर से बसाईं उन कॉलोनियों के लोगों को भी टैक्स देना होगा, जो अभी तक गृहकर के दायरे से बाहर थीं। इनमें गोमती नगर का भरवारा इलाका, जानकीपुरम का मड़ियांव गांव इलाका, हरदोई रोड पर दुबग्गा से आगे का इलाका, अयोध्या रोड पर चिनहट के आगे का इलाका आदि प्रमुख हैं। यहां निजी बिल्डरों की सभी सुविधाओं वाली कॉलोनियां हैं। ऐसे में ये भी कर के दायरे में आ जाएंगी।
सर्वे को बना दी गई टीम
नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने बताया कि नगर निगम की सीमा में आए नए 88 गांवों में जनसुविधाओं के सर्वे को टीम बना दी गई है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद नगर निगम अधिनियम के तहत गृहकर तय होगा। जहां जनसुविधाएं नहीं हैं, वहां इनकी कमी को पूरा किया जाएगा। इसके लिए प्रोजेक्ट बनाए जाएंगे और उन पर शासन की मदद से काम कराया जाएगा।