फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Tax evaders will pay increased house tax

टैक्स छुपाने वालों को अप्रैल से देना होगा बढ़ा हाउस टैक्स

Sun, 11 Aug 2019 01:54 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 11 Aug 2019 01:54 AM IST
विज्ञापन
Tax evaders will pay increased house tax
टैक्स चोरी करने वाले गोमतीनगर के मकान मालिक देंगे बढ़ा गृहकर
विज्ञापन

कर चोरी करने वाले गोमतीनगर के लोगों को इस अप्रैल से बढ़ा हाउस टैक्स देना पड़ेगा। 40 हजार मकानों के जीआईएस सर्वे में 50 प्रतिशत ऐसे मिले हैं।
जिनके मकान-दुकान के टैक्स में अंतर पाया गया है। इनमें सात हजार से अधिक मकान तो ऐसे हैं, जिन्हें अब डेढ़ गुना हाउस टैक्स देना होगा।
गोमतीनगर क्षेत्र में लगने वाले जोन चार वार्ड में करीब 40 हजार मकान-दुकान गृहकर रिकॉर्ड में दर्ज हैं। नगर निगम ने जो कर निर्धारण किया है वह कितना सही है।
कितने मकान इससे छूटे हैं व इनसे निगम की कितनी आय बढ़ सकती है, इसे लेकर केंद्र सरकार की योजना के तहत गोमतीनगर क्षेत्र में जीआईएस सर्वे कराया गया।
इसमें 50 प्रतिशत मकानों के क्षेत्रफल, आवासीय में व्यावसायिक उपयोग और किरायेदारी छिपाने की गड़बड़ी सामने आई।
भवनस्वामी नगर निगम के कर्मचारियों से मिलीभगत कर सालों से टैक्स चोरी करते आ रहे थे। यही वजह है कि जब सर्वे के बाद स्थलीय सत्यापन शुरू हुआ तो लोगों ने अलग-अलग मुद्दे लेकर विरोध शुरू कर दिया।
विज्ञापन

इस कारण निदेशक स्थानीय निकाय डॉ. काजल को खुद गोमतीनगर जाकर कई प्रभावशाली लोगों के मकानों का स्थलीय सत्यापन कराना पड़ा था।
किरायेदार रखने पर बढ़ जाता है टैक्स
नगर निगम अधिनियम के प्रावधान के तहत किरायेदार रखने पर भवनस्वामी को किसी तरह की छूट का लाभ नहीं दिया जाता, बल्कि उसका गृहकर बढ़ जाता है। अधिनियम के तहत यदि मकान 10 वर्ष से अधिक पुराना तो 25 प्रतिशत, 10 वर्ष से अधिक और 20 वर्ष से कम पुराना है तो 12.5 प्रतिशत गृहकर मूल्यांकन बढ़ जाता है। यदि मकान 20 वर्ष से अधिक पुराना है तो कोई बढ़ोत्तरी नहीं होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

तो प्रभावशाली लोगाें को दी गई राहत
गोमतीनगर के जिन मकानों में टैक्स की गड़बड़ी पकड़ी गई, उनमें ज्यादातर प्रभावशाली लोगों के हैं। इनके विरोध और दबाव को देखते हुए निगम प्रशासन ने उन मकानों से बढ़ा टैक्स अप्रैल से शुरू नए वित्तीय वर्ष से लेने का निर्णय लिया है। इससे अब वह टैक्स नहीं जमा करना होगा, जो बीते सालों में जमा करना था। हालांकि नगर निगम के अधिकारी किसी दबाव से इंकार कर रहे हैं।

पास हो चुका है प्रस्ताव
जोनल अधिकारी सुजीत श्रीवास्तव ने बताया कि जीआईएस सर्वे में जिन मकानों के टैक्स का अंतर पाया गया, उनसे यह अप्रैल 2019 से लिया जाएगा। इसे लेकर प्रस्ताव पास हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed