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टैरिफ की मार : यूपी के निर्यात से जुड़े उद्योग गंभीर संकट में, 22 हजार करोड़ के एक्सपोर्ट पर असर
Fri, 29 Aug 2025 09:15 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 29 Aug 2025 09:15 AM IST
सार
अमेरिकी टैरिफ की मार से यूपी के अमेरिका को होने वाले निर्यात में 50 प्रतिशत तक कमी आने की आशंका है। टैरिफ का सबसे ज्यादा असर लेदर, पीतल, कांच, टेक्सटाइल और साड़ी व कालीन उद्योग पर पड़ा है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व सीएम योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
भारत पर अमेरिका के 50 फीसदी टैरिफ से यूपी के निर्यात से जुड़े उद्योगों पर गंभीर संकट मंडराने लगा है। प्रदेश के करीब 22 हजार करोड़ रुपये के निर्यात पर गंभीर असर पड़ेगा। निर्यात में 40 से 50 फीसदी तक कमी आने की आशंका है। टैरिफ का सबसे ज्यादा असर लेदर, पीतल, कांच, टेक्सटाइल और साड़ी व कालीन उद्योग पर पड़ा है। इन सेक्टरों में अधिकांश छोटी इकाइयां हैं।
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यूपी से सालाना करीब 1.86 लाख करोड़ रुपये का निर्यात होता है। इसमें अमेरिकी हिस्सेदारी 19 फीसदी है। वित्त वर्ष 24-25 में यूपी से अमेरिका को करीब 36 हजार करोड़ का कुल निर्यात किया गया। इसमें लगभग 14 हजार करोड़ का निर्यात इलेक्ट्रानिक्स उपकरणों का है जो टैरिफ से बाहर है।
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फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गनाइजेशन के यूपी प्रमुख आलोक श्रीवास्तव ने कहा कि इससे कीमतें बढ़ने की संभावना है, जिससे प्रतिस्पर्धा कठिन हो जाएगी। लगभग 1200 करोड़ के कालीन और जरदोजी आर्डर फंस गए हैं, जिसका असर पूर्वांचल में करीब 50 लाख श्रमिकों की रोजगार सुरक्षा पर पड़ेगा। वहीं चर्म निर्यात परिषद के पूर्व चेयरमैन मुख्तारुल अमीन ने कहा कि चुनौती बड़ी है लेकिन उम्मीद है कि जल्द सरकार इसका समाधान निकाल लेगी।
इन सेक्टरों पर ज्यादा असर फुटवियर और लेदर उत्पाद : वर्ष 2024-25 में निर्यात 16 हजार करोड़ हुआ। अमेरिका की हिस्सेदारी लगभग 5000 करोड़ रही। अब 45% घटने की आशंका।
कालीन, दरी : पिछले साल हुए करीब 17 हजार करोड़ के निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी 7 हजार करोड़ रही। 50% तक घटने की आशंका।
इन पर भी असर: गारमेंट्स व टेक्सटाइल, ब्रासवेयर, ग्लासवेयर
यहां ज्यादा निर्यात
| अमेरिका | 19% |
| यूके | 7% |
| यूएई | 6% |
| जर्मनी | 5% |
| नेपाल | 5% |
| आस्ट्रिया | 5% |