{"_id":"69962e611bae7424cc065c07","slug":"taraweeh-prayers-offered-in-mosques-lucknow-news-c-13-knp1002-1612449-2026-02-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: मस्जिदों में अदा की तरावीह की नमाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: मस्जिदों में अदा की तरावीह की नमाज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। रमजान के चांद की तस्दीक होते ही मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा की गई। घरों में पहले रोजे की तैयारियां देर रात तक चलीं। मरकजी शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैय्यद सैफ अब्बास नकवी ने बताया कि बृहस्पतिवार को पहला रोजा होगा। कमेटी ने अकीदतमंदों से इबादत, रोजा और दुआओं का एहतमाम करने की अपील की है।
उधर, बाजारों में रौनक बढ़ गई। अमीनाबाद, चौक, अलीगंज समेत सभी इलाकों में खजूर, फल, सिवईं, सूखे मेवे की खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। मुस्लिम बहुल मोहल्लों में देर रात तक दुकानें खुली रहीं।
मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा करने का सिलसिला भी शुरू हो गया। ईदगाह की जामा मस्जिद में भीड़ रही। मौलाना खालिद रशीद ने यहां तरावीह की नमाज अदा कराई। उन्होंने रमजान को सब्र, तकवा और इंसानियत का महीना बताते हुए लोगों से अमन-चैन बनाए रखने और जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की। अन्य मस्जिदों में भी नमाज का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।
विज्ञापन
रक्तदान और इंजेक्शन से नहीं टूटता रोजा
मौलाना खालिद रशीद ने स्पष्ट किया कि रक्तदान या इंजेक्शन लगवाने से रोजा नहीं टूटता। रमजान का असली पैगाम इंसानियत, भाईचारा और जरूरतमंदों की मदद है।
विज्ञापन
उधर, बाजारों में रौनक बढ़ गई। अमीनाबाद, चौक, अलीगंज समेत सभी इलाकों में खजूर, फल, सिवईं, सूखे मेवे की खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। मुस्लिम बहुल मोहल्लों में देर रात तक दुकानें खुली रहीं।
विज्ञापन
मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा करने का सिलसिला भी शुरू हो गया। ईदगाह की जामा मस्जिद में भीड़ रही। मौलाना खालिद रशीद ने यहां तरावीह की नमाज अदा कराई। उन्होंने रमजान को सब्र, तकवा और इंसानियत का महीना बताते हुए लोगों से अमन-चैन बनाए रखने और जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की। अन्य मस्जिदों में भी नमाज का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।
विज्ञापन
रक्तदान और इंजेक्शन से नहीं टूटता रोजा
मौलाना खालिद रशीद ने स्पष्ट किया कि रक्तदान या इंजेक्शन लगवाने से रोजा नहीं टूटता। रमजान का असली पैगाम इंसानियत, भाईचारा और जरूरतमंदों की मदद है।