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डीएम से हुई बात, जताया खेद, अति उत्साह में ऐसा हुआ : कमिश्नर
Tue, 08 Sep 2020 08:10 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 08 Sep 2020 08:10 PM IST
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रायबरेली में मंगलवार को सीएमओ, सीडीओ सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक करते मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम
- फोटो : अमर उजाला
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डीएम वैभव श्रीवास्तव और सीएमओ डॉ. संजय कुमार शर्मा के बीच उपजे विवाद को ठंडा करने के लिए मंगलवार को लखनऊ मंडल के मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम रायबरेली पहुंचे। लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में कई घंटे तक स्वास्थ्य व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ गुफ्तगू करके विवाद की जड़ तक पहुंचने का प्रयास किया। उन्होंने सीएमओ की डीएम से अपने ही फोन से बात भी कराई।
मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम ने कहा कि सभी को कोरोनाकाल में साथ मिलकर काम करना है। इसमें कोई सुपीरियर नहीं है। मन में किसी भी प्रकार का इगो न हो। अति उत्साह व रंजना में ऐसा हुआ। दोनों अधिकारियों से अलग-अलग बात की है। जो भी गलती हुई है, उसके लिए मुझे खेद है। डीएम को भी खेद है। भविष्य में कतई पुनरावृत्ति न हो इसके लिए वे (डीएम) स्वीकार करते हुए सुनिश्चित करेंगे।
04 सितंबर की रात कोरोना से जिले को बचाने के लिए हुए काम की समीक्षा बैठक डीएम ने कैंप कार्यालय में बुलाई थी। बैठक के दौरान ही सीएमओ को डीएम ने कड़े शब्दों में फटकार लगाई थी। सीएमओ मीटिंग छोड़कर बाहर चले गए थे और स्वास्थ्य महानिदेशक सहित शासन के अन्य अधिकारियों को पत्र भेजकर डीएम पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। मामले में स्वास्थ्य विभाग के सभी संगठनों ने सोमवार को डीएम को तीन दिन में हटाने का अल्टीमेटम भी दे दिया, जिसके बाद मामला और गरमा गया।
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शासन के निर्देश पर मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम मंगलवार को दोपहर करीब 12 बजे यहां पहुंचे और 04 सितंबर की रात बैठक में शामिल सीएमओ, नोडल व प्रशासनिक अधिकारियों को गेस्टहाउस में बुलाकर घटना के संबंध में एक-एक करके जानकारी ली। उन्होंने सीएमओ सहित अन्य अधिकारियों से अलग-अलग बात भी की। कोरोना संक्रमित डीएम वैभव श्रीवास्तव से भी फोन पर बात करके जानकारी ली। इसी दौरान मंडलायुक्त ने सीएमओ की अपने ही फोन से बात भी कराई। कमिश्नर ने हर हाल में कोरोना के इस संकटकाल में विवाद को खत्म कराने का पूरा प्रयास किया। कहा कि ऐसा वक्त है कि सभी लोगों को एक साथ मिलकर काम करना होगा। किसी के अंदर कोई मनमुटाव नहीं है। कोरोना से जंग में सभी अधिकारी मिलकर काम कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। इस मौके पर सीएमओ व अन्य नोडल अधिकारियों के साथ एसपी स्वप्निल ममगाई, एडीएम (प्रशासन) राम अभिलाष, सीडीओ अभिषेक गोयल आदि अधिकारी मौजूद रहे।
मुझे कमिश्नर पर पूरा विश्वास : सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार शर्मा का कहना है कि उन्हें मंडलायुक्त पर पूरा विश्वास है। उन्होंने मामले में पूरी जानकारी ली है। कमिश्नर के सामने सही बात आ गई है। उन्होंने कोरोना से जंग में एक साथ रहकर काम करने के निर्देश दिए हैं। हमारी पूरी टीम जिले में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पूरा काम कर रही है। आगे भी स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारी अपने कर्तव्यों का पूरी तरह से निर्वहन करेंगे।
मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम ने कहा कि डीएम को भी है कि अति उत्साह व रंजना में ऐसा हो गया था। वाद के लिए कष्ट है और खेद भी है। दोनों अधिकारियों से अलग-अलग बात की गई है। सीएमओ की डीएम से फोन पर बात भी करवायी है। गलतफहमियों को दूर कराया गया है। दोनों ही अधिकारी मिलकर कोरोना से जंग लडने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। डीएम भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न करने की बात सुनिश्चित करेंगे।
मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम ने कहा कि सभी को कोरोनाकाल में साथ मिलकर काम करना है। इसमें कोई सुपीरियर नहीं है। मन में किसी भी प्रकार का इगो न हो। अति उत्साह व रंजना में ऐसा हुआ। दोनों अधिकारियों से अलग-अलग बात की है। जो भी गलती हुई है, उसके लिए मुझे खेद है। डीएम को भी खेद है। भविष्य में कतई पुनरावृत्ति न हो इसके लिए वे (डीएम) स्वीकार करते हुए सुनिश्चित करेंगे।
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04 सितंबर की रात कोरोना से जिले को बचाने के लिए हुए काम की समीक्षा बैठक डीएम ने कैंप कार्यालय में बुलाई थी। बैठक के दौरान ही सीएमओ को डीएम ने कड़े शब्दों में फटकार लगाई थी। सीएमओ मीटिंग छोड़कर बाहर चले गए थे और स्वास्थ्य महानिदेशक सहित शासन के अन्य अधिकारियों को पत्र भेजकर डीएम पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। मामले में स्वास्थ्य विभाग के सभी संगठनों ने सोमवार को डीएम को तीन दिन में हटाने का अल्टीमेटम भी दे दिया, जिसके बाद मामला और गरमा गया।
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शासन के निर्देश पर मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम मंगलवार को दोपहर करीब 12 बजे यहां पहुंचे और 04 सितंबर की रात बैठक में शामिल सीएमओ, नोडल व प्रशासनिक अधिकारियों को गेस्टहाउस में बुलाकर घटना के संबंध में एक-एक करके जानकारी ली। उन्होंने सीएमओ सहित अन्य अधिकारियों से अलग-अलग बात भी की। कोरोना संक्रमित डीएम वैभव श्रीवास्तव से भी फोन पर बात करके जानकारी ली। इसी दौरान मंडलायुक्त ने सीएमओ की अपने ही फोन से बात भी कराई। कमिश्नर ने हर हाल में कोरोना के इस संकटकाल में विवाद को खत्म कराने का पूरा प्रयास किया। कहा कि ऐसा वक्त है कि सभी लोगों को एक साथ मिलकर काम करना होगा। किसी के अंदर कोई मनमुटाव नहीं है। कोरोना से जंग में सभी अधिकारी मिलकर काम कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। इस मौके पर सीएमओ व अन्य नोडल अधिकारियों के साथ एसपी स्वप्निल ममगाई, एडीएम (प्रशासन) राम अभिलाष, सीडीओ अभिषेक गोयल आदि अधिकारी मौजूद रहे।
मुझे कमिश्नर पर पूरा विश्वास : सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार शर्मा का कहना है कि उन्हें मंडलायुक्त पर पूरा विश्वास है। उन्होंने मामले में पूरी जानकारी ली है। कमिश्नर के सामने सही बात आ गई है। उन्होंने कोरोना से जंग में एक साथ रहकर काम करने के निर्देश दिए हैं। हमारी पूरी टीम जिले में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पूरा काम कर रही है। आगे भी स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारी अपने कर्तव्यों का पूरी तरह से निर्वहन करेंगे।
मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम ने कहा कि डीएम को भी है कि अति उत्साह व रंजना में ऐसा हो गया था। वाद के लिए कष्ट है और खेद भी है। दोनों अधिकारियों से अलग-अलग बात की गई है। सीएमओ की डीएम से फोन पर बात भी करवायी है। गलतफहमियों को दूर कराया गया है। दोनों ही अधिकारी मिलकर कोरोना से जंग लडने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। डीएम भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न करने की बात सुनिश्चित करेंगे।