घर बैठे ऑनलाइन मिलेगा खतौनी व प्रमाणपत्र
खतौनी, आय-जाति व निवास प्रमाणपत्र जैसी सेवाओं के लिए पहले तहसील का चक्कर लगाने से राहत दी गई। अब स्मार्टफोन व इंटरनेट के जमाने में सरकार ने घर बैठे इंटरनेट के जरिये ये सेवाएं लेने की व्यवस्था कर दी है। इसके लिए जनसेवा व ई-डिस्ट्रिक्ट केंद्र जाने की भी जरूरत नहीं है।
जनसेवा केंद्र, लोकवाणी, ई-डिस्ट्रिक्ट व ई-सुविधा केंद्रों से तय समय में मिलने वाले प्रमाणपत्र अब इंटरनेट के जरिये कोई भी, कहीं से भी हासिल कर सकता है। नए सिस्टम में प्रमाणपत्र जारी होते ही आवेदक के मोबाइल पर सूचना पहुंच जाएगी।
उसे प्रमाणपत्र इंटरनेट पर ही मिल जाएंगे। इसके लिए शुल्क अदा करना होगा लेकिन यह लोकवाणी व अन्य केंद्रों की अपेक्षा आधा होगा।
आवेदकों को खतौनी के लिए 30 रुपये व अन्य सेवाओं के लिए 20 रुपये शुल्क देना होता है। अब कोई आवेदक यदि बिना इन केंद्रों पर गए ही सेवा प्राप्त करना चाहता है तो ले सकेगा।
तत्काल मिल जाएगा ओटीपी
आवेदक अपने घर या कहीं भी उपलब्ध इंटरनेट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन के लिए बनाए गए पोर्टल www.uponline.up.nic.in पर अपना रजिस्ट्रेशन कर सकता है। उसे तत्काल वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) मिल जाएगा।
इसके बाद पोर्टल के अनिवार्य संलग्नक लिंक पर जाकर सेवाओं व शुल्क आदि की जानकारी प्राप्त कर सकता है। पंजीकरण के बाद आवेदक यूजर आईडी, ओटीपी व सुरक्षा कोर्ड के जरिये आनलाइन लाग-इन करेगा।
प्रमुख सचिव आईटी जीवेश नंदन ने बताया कि आवेदक को सिटिजन सेंट्रिक सेवाएं सीधे इंटरनेट से प्राप्त करने का शासनादेश जारी कर दिया गया है।
आवेदक को क्या-क्या करना है, यह सभी जानकारी शासनादेश में दी गई है।इंटरनेट से ही शुल्क भी अदा किया जा सकेगा। खतौनी के लिए 15 रुपये व अन्य शासकीय सेवाओं के लिए 10 रुपये लगेंगे।
शुल्क का भुगतान ऑनलाइन मोड या डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग या क्रेडिट कार्ड के जरिये किया जा सकेगा। आवेदक को सेवा शुल्क के साथ गेटवे का ट्रांजेक्शन चार्ज भी देना होगा।