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पटना विस्फोट के पीछे भी यही दो आतंकी
विष्णु मोहन/लखनऊ
Updated Tue, 29 Oct 2013 12:24 AM IST
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पटना में हुए सीरियल ब्लास्ट की साजिश के पीछे भी यासीन भटकल और तहसीन अख्तर का हाथ है।
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आतंकी संगठन के इन कमांडरों के इशारे पर रांची के कुछ युवकों को विस्फोट कराने के लिए इस्तेमाल किया गया।
आईजी कानून-व्यवस्था आरके विश्वकर्मा ने बताया कि पटना का सीरियल ब्लास्ट उसी ग्रुप का काम है, जिसने वाराणसी के शीतलाघाट विस्फोट को अंजाम दिया था।
इसके साथ ही यूपी में तहसीन व उसके साथियों की तलाश तेज कर दी गई है।
आईजी ने कहा कि शीतलाघाट विस्फोट में यासीन भटकल, तहसीन अख्तर, असदुल्ला उर्फ हड्डी और वकास पाकिस्तानी के नाम सामने आए थे।
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इनमें से यासीन और असदुल्ला खुफिया एजेंसियों के हत्थे चढ़ चुके हैं, जबकि तहसीन और वकास फरार हैं।
हालांकि, एटीएस को पिछले दिनों यह जानकारी मिली थी कि तहसीन सीमा पार कर नेपाल में जा छिपा है जबकि वकास पाकिस्तान में। दोनों अपनी जगहों से आतंकी गतिविधियां संचालित कर रहे हैं।
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आईजी ने कहा कि पटना का सीरियल ब्लास्ट ठीक वैसा ही है, जैसा शीतलाघाट विस्फोट था। विस्फोटकों से लेकर उसे छिपाने और तरीके, सभी में समानता है।
पटना का विस्फोट पूर्व निर्धारित था और ग्रुप के इशारे पर रांची के एक नए माड्यूल का इस्तेमाल करते हुए यह वारदात कराई गई।
उधर, पटना में विस्फोट के बाद पकड़े गए इम्तियाज समेत तीन लोगों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां पता चलने की सूचना है।
सूत्रों के मुताबिक इम्तियाज के पास से बरामद डायरी में जो टेलीफोन व मोबाइल नंबर मिले हैं, उनमें कई विदेश के तो कुछ यूपी के भी हैं। इसके बाद से ही पटना ब्लास्ट के तार यूपी से जुड़े होने की बात सामने आई है।
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आजमगढ़ पहुंची एनआईए की टीम
पटना विस्फोट के सिलसिले में एनआईए की एक टीम सोमवार को आजमगढ़ पहुंची है। इस टीम के वहां पहुंचने के असली कारणों की जानकारी सामने नहीं आई है।
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लेकिन माना जा रहा है कि एनआईए को कुछ सुराग मिले हैं, जिसकी तस्दीक के लिए टीम वहां गई है। चर्चा यह भी है कि सपा की रैली को लेकर एनआईए को कोई सूचना मिली है, जिसकी वजह से टीम आजमगढ़ गई है।
हाथ में कलावा बांधे था इम्तियाज
पटना स्टेशन पर विस्फोट के बाद मौके से भागने की कोशिश में पकड़े गए इम्तियाज के हाथ में कलावा बंधा था।
उसने कलावा इसलिए बांधा था ताकि उसे देख कर पुलिस गुमराह हो सके। उससे जब सख्ती से पूछताछ हुई तब उसने अपना सही नाम कबूला।