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शिक्षकों के लिए बुरी खबर, परमानेंट होने पर फंसा पेंच

Thu, 28 May 2015 02:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 28 May 2015 02:12 AM IST
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Tadharth teachers permanent status issue.

सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में तैनात तदर्थ शिक्षकों के स्थाईकरण में पेंच फंस गया है। वित्त विभाग ने आपत्ति लगाते हुए माध्यमिक शिक्षा विभाग को फाइल लौटा दी है।

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उसका कहना है कि इन तदर्थ शिक्षकों को स्थाई करना नियमसंगत नहीं है। वित्त विभाग ने इनकी नियुक्ति प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई है। कहा है कि नियुक्ति के समय मानक का ध्यान नहीं रखा गया।
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दरअसल, राज्य सरकार सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में तैनात तदर्थ शिक्षकों को नियमित करना चाहती है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने 6 अगस्त 1993 से 30 दिसंबर 2000 तक रखे गए 1934 तदर्थ शिक्षकों को नियमित करने का प्रस्ताव तैयार कराते हुए वित्त विभाग को भेजा था।
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इसमें कहा गया कि इन शिक्षकों को नियमित करने के बाद भी राज्य सरकार पर कोई खर्च नहीं आएगा, क्योंकि इन्हें नियुक्ति के समय से वही वेतनमान दिया जा रहा है जो सरकारी शिक्षकों को मिलता है।

क्या है व्यवस्था

Tadharth teachers permanent status issue.

सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों से संबद्ध प्राइमरी (कक्षा 8 तक) में प्रबंधक शिक्षकों की नियुक्ति करता है। इससे ऊपर की भर्ती का अधिकार उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के पास है।

वर्ष 1981 में कठिनाई निवारण अधिनियम बनाते हुए कॉलेज के प्रबंधकों को अधिकार दिया गया कि वे छात्रहित में रिटायर होने वाले शिक्षकों के स्थान पर तदर्थ शिक्षक रख सकते हैं।

इसके आधार पर कॉलेज प्रबंधकों ने जिला विद्यालय निरीक्षक से अनुमति लेकर तदर्थ शिक्षकों की भर्ती शुरू कर दी और यह प्रक्रिया अनवरत जारी है।

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