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Lucknow News: अवध बस अड्डे पर दलालों का सिंडिकेट हावी, 70 से अधिक डग्गामार वाहन सक्रिय
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अवध बस अड्डे पर दलालों का सिंडिकेट हावी।
नीरज 'अम्बुज'
लखनऊ। अवध बस अड्डे के आसपास डग्गामार वाहनों का नेटवर्क रोडवेज की आय में सेंध लगा रहा है। आरोप है कि दलाल बस अड्डे में प्रवेश करने से पहले ही यात्रियों को रोककर निजी वाहनों में बैठा देते हैं। आसपास के इलाकों में 70 से अधिक डग्गामार वाहन सक्रिय बताए जा रहे हैं। मंगलवार को रोडवेजकर्मियों के प्रदर्शन के बाद बुधवार को परिवहन विभाग ने चेकिंग अभियान चलाया।
अवध बस अड्डे से रोजाना 288 बसों का संचालन होता है। यहां से छह हजार से अधिक यात्री गोरखपुर, गोंडा, बहराइच और अयोध्या समेत विभिन्न शहरों के लिए सफर करते हैं। दलाल कम किराये का लालच देकर यात्रियों को निजी वाहनों तक पहुंचाते हैं। इससे रोडवेज बसों का लोड फैक्टर प्रभावित होता है और चालक-परिचालकों के वेतन में कटौती की नौबत आती है।
ऐसे चलता है डग्गामारी का नेटवर्क
केस-1: महिला पॉलीटेक्निक के बाहर डग्गामार वाहन खड़े रहते हैं। आरोप है कि दलाल एक्टिवा और ई-रिक्शा से यात्रियों को यहां तक लाते हैं। इसके बदले ई-रिक्शा चालकों को किराये के अलावा 50 से 100 रुपये तक टिप मिलती है।
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केस-2: चिनहट से आगे अयोध्या रोड स्थित एक ढाबे पर यात्रियों को इकट्ठा किया जाता है। पर्याप्त सवारियां होने पर डग्गामार बस संचालक को फोन कर बुलाया जाता है। इसके बाद बस यात्रियों को लेकर रवाना हो जाती है।
केस-3: कमता और पॉलीटेक्निक क्षेत्र में दलाल यात्रियों को निशाना बनाते हैं। आरोप है कि कम किराये का लालच देकर उन्हें रोडवेज बसों के बजाय निजी वाहनों में बैठा लिया जाता है।
छह महीने से सूची पर कार्रवाई नहीं
अवध बस स्टेशन के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ने करीब छह महीने पहले आरटीओ को 16 डग्गामार वाहनों की सूची सौंपी थी। इसमें वाहनों के नंबर और संचालन का समय दर्ज था। रोडवेजकर्मियों का आरोप है कि सूची के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
Iबुधवार को चेकिंग अभियान चलाया गया। आसपास के क्षेत्रों में खड़े वाहनों पर भी कार्रवाई की जाएगी। -प्रभात पांडेय, आरटीओ प्रवर्तनI
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लखनऊ। अवध बस अड्डे के आसपास डग्गामार वाहनों का नेटवर्क रोडवेज की आय में सेंध लगा रहा है। आरोप है कि दलाल बस अड्डे में प्रवेश करने से पहले ही यात्रियों को रोककर निजी वाहनों में बैठा देते हैं। आसपास के इलाकों में 70 से अधिक डग्गामार वाहन सक्रिय बताए जा रहे हैं। मंगलवार को रोडवेजकर्मियों के प्रदर्शन के बाद बुधवार को परिवहन विभाग ने चेकिंग अभियान चलाया।
अवध बस अड्डे से रोजाना 288 बसों का संचालन होता है। यहां से छह हजार से अधिक यात्री गोरखपुर, गोंडा, बहराइच और अयोध्या समेत विभिन्न शहरों के लिए सफर करते हैं। दलाल कम किराये का लालच देकर यात्रियों को निजी वाहनों तक पहुंचाते हैं। इससे रोडवेज बसों का लोड फैक्टर प्रभावित होता है और चालक-परिचालकों के वेतन में कटौती की नौबत आती है।
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ऐसे चलता है डग्गामारी का नेटवर्क
केस-1: महिला पॉलीटेक्निक के बाहर डग्गामार वाहन खड़े रहते हैं। आरोप है कि दलाल एक्टिवा और ई-रिक्शा से यात्रियों को यहां तक लाते हैं। इसके बदले ई-रिक्शा चालकों को किराये के अलावा 50 से 100 रुपये तक टिप मिलती है।
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केस-2: चिनहट से आगे अयोध्या रोड स्थित एक ढाबे पर यात्रियों को इकट्ठा किया जाता है। पर्याप्त सवारियां होने पर डग्गामार बस संचालक को फोन कर बुलाया जाता है। इसके बाद बस यात्रियों को लेकर रवाना हो जाती है।
केस-3: कमता और पॉलीटेक्निक क्षेत्र में दलाल यात्रियों को निशाना बनाते हैं। आरोप है कि कम किराये का लालच देकर उन्हें रोडवेज बसों के बजाय निजी वाहनों में बैठा लिया जाता है।
छह महीने से सूची पर कार्रवाई नहीं
अवध बस स्टेशन के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ने करीब छह महीने पहले आरटीओ को 16 डग्गामार वाहनों की सूची सौंपी थी। इसमें वाहनों के नंबर और संचालन का समय दर्ज था। रोडवेजकर्मियों का आरोप है कि सूची के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
Iबुधवार को चेकिंग अभियान चलाया गया। आसपास के क्षेत्रों में खड़े वाहनों पर भी कार्रवाई की जाएगी। -प्रभात पांडेय, आरटीओ प्रवर्तनI

अवध बस अड्डे पर दलालों का सिंडिकेट हावी।

अवध बस अड्डे पर दलालों का सिंडिकेट हावी।

अवध बस अड्डे पर दलालों का सिंडिकेट हावी।

अवध बस अड्डे पर दलालों का सिंडिकेट हावी।

अवध बस अड्डे पर दलालों का सिंडिकेट हावी।

अवध बस अड्डे पर दलालों का सिंडिकेट हावी।

अवध बस अड्डे पर दलालों का सिंडिकेट हावी।

अवध बस अड्डे पर दलालों का सिंडिकेट हावी।

अवध बस अड्डे पर दलालों का सिंडिकेट हावी।

अवध बस अड्डे पर दलालों का सिंडिकेट हावी।

अवध बस अड्डे पर दलालों का सिंडिकेट हावी।

अवध बस अड्डे पर दलालों का सिंडिकेट हावी।

अवध बस अड्डे पर दलालों का सिंडिकेट हावी।

अवध बस अड्डे पर दलालों का सिंडिकेट हावी।

अवध बस अड्डे पर दलालों का सिंडिकेट हावी।

अवध बस अड्डे पर दलालों का सिंडिकेट हावी।