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UP News: कानपुर के तत्कालीन एसीपी मोहसिन खान के निलंबन पर रोक, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

Tue, 13 May 2025 08:55 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Tue, 13 May 2025 08:55 AM IST
सार

हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कानपुर के तत्कालीन एसीपी मोहसिन खान के निलंबन पर फिलहाल रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से इसके बारे में जवाब मांगा। याची ने अपने तर्क में यूपी सरकारी सेवक आचरण नियमावली के नियम 29 का हवाला दिया है। 

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Suspension of then ACP Mohsin Khan of Kanpur stayed High Court seeks response from state government
मोहसिन खान एसीपी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कानपुर में तैनात तत्कालीन एसीपी मो. मोहसिन खान के निलंबन आदेश पर रोक लगा दी है। याची की ओर से दलील दी गई कि शादीशुदा होते हुए, दूसरी महिला के साथ शारीरिक सम्बंध सेवा नियमावली के तहत कदाचार की श्रेणी में नहीं आता। 

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कोर्ट ने भी पहली नजर में इस दलील से सहमति जताकर राज्य सरकार को चार सप्ताह में जवाब देने का आदेश दिया है। साथ ही निलंबन पर अंतरिम रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवायी 28 जुलाई को होगी।

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शादी का झांसा देकर शारीरिक सम्बंध बनाने का आरोप

न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार की एकल पीठ ने यह आदेश मो. मोहसिन खान की सेवा संबंधी याचिका पर दिया। याची के विरुद्ध कानपुर नगर के कल्याणपुर थाने में एक महिला ने एफआईआर दर्ज कराते हुए शादी का झांसा देकर शारीरिक सम्बंध बनाने का आरोप लगाया है। 

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याची की ओर से दलील दी गई कि उक्त एफआईआर के सम्बंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोप पत्र दाखिल करने पर रोक लगा दी है। याची के अधिवक्ता का कहना था कि एडीजीपी ने 6 मार्च 2025 को निलंबन के लिए जो संस्तुति दी है, वह उन्होंने स्वतंत्र मस्तिष्क का प्रयोग किए बिना दिया है। 

यूपी सरकारी सेवक आचरण नियमावली के नियम 29 का हवाला दिया

यह भी तर्क दिया कि उन्हें दूसरी महिला से यौन संबध रखने के आरोप में निलंबित किया गया है। जबकि, इस प्रकार का आरोप कदाचार की श्रेणी में नहीं आता है। यह भी कहा कि यूपी सरकारी सेवक आचरण नियमावली के नियम 29 के तहत पत्नी के रहते दूसरी पत्नी से विवाह करना तो कदाचार की श्रेणी में आता है। लेकिन, पत्नी के रहते दूसरी महिला से यौन सम्बंध रखना कदाचार नहीं कहा जा सकता है।

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