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निलंबित डीआईजी अरविंद सेन ने मुख्य आरोपी से संबंध कुबूले  

Fri, 05 Feb 2021 01:15 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 05 Feb 2021 01:15 AM IST
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Suspended DIG Arvind Sen confuses relationship with main accused
आईपीएस अरविंद सेन - फोटो : अमर उजाला
पशुपालन विभाग में ठेका दिलाने के नाम पर 10 करोड़ की ठगी करने वाले आरोपियों को बचाने के लिए 35 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोपी निलंबित डीआईजी अरविंद सेन से बृहस्पतिवार को हजरतगंज थाने में पूछताछ की गई। इस दौरान सेन मुख्य आरोपी आशीष राय से संबंध होने की बात कुबूल की। उन्होंने कहा कि लखनऊ में तैनाती के दौरान आशीष से जान-पहचान हुई थी और कभी-कभी फोन पर बातचीत भी हो जाती थी। हालांकि उन्होंने ठगी में इस मामले में किसी तरह से शामिल होने से इनकार कर दिया।  
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इससे पहले मुकदमे की विवेचक एसीपी गोमतीनगर श्वेता श्रीवास्तव आरोपी अरविंद सेन को पूछताछ के लिए एक दिन के रिमांड पर लेकर हजरतगंज थाने पहुंचीं। इस दौरान सेन को हजरतगंज कोतवाली परिसर में बने हवालात में रखा गया। एससीपी ने अरविंद सेन से लगभग 50 सवाल पूछे। मगर उन्होंने इनमें से कई सवालों के जवाब नहीं दिए और सिर्फ चुप्पी साधे रखी। मसलन, रिश्वत लेकर इस मामले के वादी मंजीत सिंह भाटिया को धमकाने के आरोप पर सेन ने कोई जवाब नहीं दिया। एसीपी ने बताया कि सेन के बयानों की रिकॉर्डिंग कराई गई है। 
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थाने पर परिवारीजनों ने किया हंगामा
अरविंद सेन को जब कस्टडी रिमांड पर हजरतगंज थाने लाया गया तो उनके परिवारीजन मिलने पहुंच गए। पुलिस ने किसी को सेन से मिलने नहीं दिया। इस पर वे हंगामा करने लगे। हालांकि पुलिस ने सेन के परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। दूसरी ओर, सेन के साथ काम कर चुके इस थाने में तैनात कई दरोगा व सिपाही उनके सामने जाने में कतराते दिखे।
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22 पेजों में तैयार हुआ सवाल
एसीपी श्वेता श्रीवास्तव ने अरविंद सेन से पूछने के लिए 22 पेज में सवाल तैयार किए हैं। इनमें ठेका दिलाने के नाम पर गिरफ्तार आरोपियों से संबंध कैसे हुआ, इसमें सिपाही दिलबहार की क्या भूमिका थी, उन्हें कितनी बार रुपये मिले, रिश्वत किसने पहुंचाया था, व्यापारी से कितनी बार मिले आदि प्रमुख सवाल हैं। इसके अलावा इस ठगी के गिरोह के अन्य आरोपियों बारे में पूछताछ की जाएगी। शुक्रवार दोपहर 12 बजे रिमांड खत्म होने पर अरविंद सेन को जेल में शिफ्ट कर दिया जाएगा। 
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