{"_id":"6953d51eb2cb782fd006eb9f","slug":"surya-namaskar-and-pranayam-increase-immunity-in-winter-lucknow-news-c-13-1-lko1104-1538271-2025-12-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: सर्दियों में सूर्य नमस्कार व प्राणायाम से बढ़ती है रोग प्रतिरोधक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: सर्दियों में सूर्य नमस्कार व प्राणायाम से बढ़ती है रोग प्रतिरोधक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्षमता
लखनऊ। सर्दियों में सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वीरभद्रासन, भुजंगासन और प्राणायाम रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। यह बात । लखनऊ विश्वविद्यालय के योग विभाग, फैकल्टी ऑफ योग एंड अल्टरनेटिव मेडिसिन के को-ऑर्डिनेटर व शिक्षक डॉ. अमरजीत यादव ने मंगलवार को कही।
उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में योगाभ्यास करते समय विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। सर्दियों में शरीर की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं, ऐसे में बिना वार्म-अप सीधे योगासन करने से शरीर को नुकसान या चोट की आशंका बढ़ जाती है। ठंड में शीर्षासन व सर्वांगासन जैसे आसनों से बचना चाहिए।
उन्होंने बताया कि योग से पहले 10 से 15 मिनट तक हल्का जॉगिंग और गर्दन, कंधे, कमर, घुटने व टखनों के सूक्ष्म व्यायाम आवश्यक हैं। योगाभ्यास हमेशा धूप या गर्म स्थान पर, ऊनी आसन और आरामदायक कपड़ों में करना चाहिए। खाली पेट या भोजन के तीन-चार घंटे बाद योग करना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। सर्दियों में सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वीरभद्रासन, भुजंगासन और प्राणायाम रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। यह बात । लखनऊ विश्वविद्यालय के योग विभाग, फैकल्टी ऑफ योग एंड अल्टरनेटिव मेडिसिन के को-ऑर्डिनेटर व शिक्षक डॉ. अमरजीत यादव ने मंगलवार को कही।
उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में योगाभ्यास करते समय विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। सर्दियों में शरीर की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं, ऐसे में बिना वार्म-अप सीधे योगासन करने से शरीर को नुकसान या चोट की आशंका बढ़ जाती है। ठंड में शीर्षासन व सर्वांगासन जैसे आसनों से बचना चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि योग से पहले 10 से 15 मिनट तक हल्का जॉगिंग और गर्दन, कंधे, कमर, घुटने व टखनों के सूक्ष्म व्यायाम आवश्यक हैं। योगाभ्यास हमेशा धूप या गर्म स्थान पर, ऊनी आसन और आरामदायक कपड़ों में करना चाहिए। खाली पेट या भोजन के तीन-चार घंटे बाद योग करना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी रहता है।
विज्ञापन