जरूरत जानने के लिए सरकार कराएगी सर्वे
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सरकार अब सर्वेक्षण के जरिये अल्पसंख्यकों की जरूरतों के बारे में जानने की तैयारी कर रही है।
यह सर्वेक्षण मल्टी सेक्टोरल डवलपमेंट प्रोग्राम (एमएसडीपी) के तहत अल्पसंख्यक बहुल गांव व कस्बों में कराया जाएगा।
सर्वेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किए जाएंगे। हालांकि, इस सर्वेक्षण को आगामी लोकसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
प्रदेश के अल्पसंख्यक बहुल 144 ब्लॉकों में केंद्र सरकार की एमएसडीपी के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किए जाते हैं।
पहले जिला स्तर पर बनी जिला समिति ही ब्लॉक की योजनाएं पास करती थी। इसे देखते हुए सरकार ने ब्लॉक स्तर पर ही एक समिति गठित कर ब्लॉक की योजनाएं ब्लॉक में ही बनवाने का निर्णय किया।
इसके बाद अब सरकार एमएसडीपी ब्लॉकों में सर्वेक्षण कराने जा रही है। इस सर्वेक्षण के लिए सरकार ने 3.5 लाख रुपये प्रति ब्लॉक के हिसाब से जारी भी कर दिए हैं। अब सर्वेक्षण करने वाली एजेंसी की खोज की जा रही है।
सर्वे में यह देखा जाएगा कि गांवों में हाईस्कूल, आईटीआई, कौशल विकास केंद्र व स्वास्थ्य केंद्र की क्या स्थिति है। जहां जो सुविधा नहीं होगी, पहले उसे ही विकसित किया जाएगा।
वहीं कस्बों में होने वाले सर्वेक्षण में यह देखा जाएगा कि अल्पसंख्यकों के शैक्षिक स्तर को ऊंचा उठाने के लिए किस चीज की जरूरत है।
इसमें तकनीकी व सामान्य शिक्षा दोनों शामिल हैं। फरवरी तक यह सर्वे पूरा करने की समय सीमा निर्धारित की गई है।
इन जिलों में होगा सर्वेक्षण
सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, मेरठ, गाजियाबाद, बरेली, बाराबंकी, फैजाबाद, सुल्तानपुर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, आजमगढ़, बुलंदशहर, बागपत, सीतापुर, बदायूं, बस्ती, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, गाजीपुर, महराजगंज, पीलीभीत, गौतमबुद्धनगर, अलीगढ़, फीरोजाबाद, हरदोई, उन्नाव, कन्नौज, इटावा, कानपुर नगर, जालौन, महोबा, फतेहपुर, प्रतापगढ़, अंबेडकरनगर, संत रविदास नगर (भदोही), कासगंज, अमेठी, शामली, संभल व हापुड़।