सरप्लस शिक्षकों के समायोजन पर फैसला जल्द
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सहायता प्राप्त स्कूलों के सरप्लस शिक्षकों और कर्मचारियों पर नए सिरे से मंथन शुरू हो गया है। इसके लिए जिलेवार अधिकारियों को वस्तु स्थिति के साथ बुलाया जा रहा है।
बलिया और सीतापुर के कुछ इंटर कॉलेजों के मामलों की सुनवाई करते हुए इसे निस्तारित करने का निर्देश दिया गया है। प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा मनोज कुमार सिंह कहते हैं कि जनशक्ति निर्धारण के नाम पर सरप्लस शिक्षक व कर्मियों के बारे में जिलेवार ब्यौरे के आधार पर सुनवाई की जा रही है।
नियमानुसार रखे गए कर्मियों के समायोजन पर विचार हो रहा है। प्रदेश के सहायता प्राप्त विद्यालयों में कुल 2,881 शिक्षक सरप्लस बताए गए हैं जबकि 36,141 शिक्षक-कर्मचारियों के पद खाली हैं।
हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को दिए निर्देश
पूर्वांचल के कुछ जिलों में फर्जी तरीके से नियुक्ति का मामला उठा था। इस पर हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को पूरे प्रदेश में जांच कराकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा कि कहां कितने पद हैं और कितनों पर नियुक्तियां हुई हैं।
इसके आधार पर सृजित पदों और नियुक्तियों की रिपोर्ट तैयार की गई। प्रदेश भर में प्रधानाचार्यों के 4,385, प्रवक्ता के 21,892, सहायक अध्यापक के 70,844, प्रधान लिपिक के 2,502, लिपिक के 8,407 और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के 41,020 पद स्वीकृत हैं। जांच रिपोर्ट में 2,881 शिक्षक-कर्मचारी सरप्लस बताए गए।
प्रमुख सचिव कहते हैं कि इस मामले को निस्तारित किया जाना है। इसके लिए जिलेवार सुनवाई होनी है। जहां नियमों के अनुसार भर्तियां हुई हैं वहां समायोजन पर विचार होगा।