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पर्ची जारी करने की नई व्यवस्था से किसानों में बढ़ा भरोसा, माफिया में हड़कंप: राणा
Sat, 19 Jan 2019 10:10 PM IST
राजेश सैनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: राजेश सैनी
Updated Sat, 19 Jan 2019 10:10 PM IST
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बीजेपी, शामली, सुरेश राणा
- फोटो : self
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गन्ना राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सुरेश राणा ने कहा कि गन्ना पर्ची जारी करने की नई व्यवस्था से किसानों में भरोसा बढ़ा है और गन्ना माफिया में हड़कंप मचा हुआ है। योगी सरकार ने गन्ना मूल्य भुगतान में भी रिकॉर्ड बनाया है। पौने दो साल में 49 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा गन्ना मूल्य भुगतान कराया गया है। डिफॉल्टर चीनी मिलों की संपतियों की नीलामी कर किसानों को बकाया गन्ना मूल्य दिलाया जाएगा।
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सुरेश राणा ने शनिवार को गन्ना किसान संस्थान में विभागीय अधिकारियों के साथ लंबी समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि पिछले पेराई सत्र (2017-18) का 34,120 करोड़ रुपये एवं वर्तमान पेराई सत्र का 4,654 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य भुगतान कराया गया है। इससे पहले पेराई सत्रों के 10,605 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य किसानों को दिलाया गया है। इस तरह वर्तमान सरकार ने किसानों को कुल 49,379 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य दिलाया है। यह अपने आप में रिकार्ड है। भुगतान न करने वाली चीनी मिलों के खिलाफ भी चीनी की नीलामी से माध्यम से वसूली की कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने क्षेत्रीय उप गन्ना आयुक्तों व जिला गन्ना अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर किसानों के साथ बेहतर संवाद कायम करें। उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण कराएं।
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राणा ने कहा, गन्ना किसानों की संतुष्टि ही विभाग का ध्येय है। कहा कि सहकारी समितियों के सचिव प्रतिदिन 11 से 2 बजे तक अपने कार्यालयों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने सड़क निर्माण कार्यों की सराहना करते हुए गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गन्ना सट्टा नीति और सर्वेक्षण नीति में इस वर्ष पर्याप्त संशोधन किए गए हैं। अधिकारी इनका अनुपालन सुनिश्चित कराएं। सर्वे, डाटा इन्ट्री, इन्क्वायरी के लिए उच्च तकनीक से युक्त हैंड हेल्ड डिवाइस भी शीघ्र ही उपलब्ध कराई जाएंगी। बैठक में मानव संपदा, एम किसान पोर्टल, लेखा अनुभाग, चीनी अनुभाग, समिति अनुभाग एवं विकास अनुभाग से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की गयी।
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चीनी का परता बढ़ा, भुगतान में सुस्ती
समीक्षा बैठक में यह तथ्य सामने आया कि चीनी परता (शुगर रिकवरी) पिछले साल इसी अवधि के मुकाबले 7.70 फीसदी बढ़ी हुई है। पिछले साल 19 जनवरी तक प्रदेश का औसत चीनी परता 10.21 प्रतिशत था जबकि इस बार 11 फीसदी है। शुगर रिकवरी बढ़ने के बावजूद गन्ना मूल्य भुगतान की रफ्तार सुस्त है। प्रदेश के 117 चीनी मिलों ने अब तक 12876 करोड़ रुपये मूल्य का गन्ना खरीदा है। इसकेसापेक्ष 4653 करोड़ रुपये का भुगतान कराया गया है। 14 दिन पहले तक खरीद गए गन्ने का 5400 करोड़ रुपये मूल्य अभी बकाया है। यह राशि लगभग 54 फीसदी है।