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सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले में शिया वक्फ बोर्ड को माना पक्षकार : रिजवी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 17 Mar 2018 11:09 AM IST
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सैयद वसीम रिजवी
- फोटो : amar ujala
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उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी ने दावा किया है कि सुप्रीम कोर्ट ने शिया बोर्ड को भी अयोध्या मामले में पक्षकार माना है। उनके मुताबिक सुप्रीम कोर्ट से जारी पक्षकारों की सूची में बोर्ड का नाम 50वें नंबर पर दर्ज है। रिजवी ने कहा कि सुन्नी पक्षकार यह भ्रम फैला रहे है कि शिया वक्फ बोर्ड का पक्ष खारिज कर दिया गया है।
गौरतलब है कि शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल शपथ पत्र में कहा था कि मीर बाकी ने वर्ष 1528 में राम जन्मभूमि पर विवादित मस्जिद बनवाई थी। मीर बाकी शिया मुसलमान था। इसलिए सुन्नी मुसलमानों से उक्त मस्जिद का कोई संबंध नहीं है।
वसीम रिजवी ने कहा कि उनके पास इस संबंध में पुराने दस्तावेज भी हैं जिन्हें उच्चतम न्यायालय में सुनवाई के दौरान पेश किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि न्यायालय राम जन्मभूमि पर बने विवादित ढांचे के संबंध में शिया वक्फ बोर्ड को साक्ष्यों के आधार पर असली पक्षकार मानते हुए उसके प्रस्ताव पर विचार करेगा।
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प्रस्ताव में वक्फ बोर्ड ने अपना दावा छोड़ते हुए कहा है कि वह हिंदू समुदाय को पूर्ण अधिकार देता है कि वे राम जन्मभूमि स्थल पर भव्य राम मंदिर बनवाएं।
रिजवी का कहना है कि इस्लामिक सिद्धांतों के अनुसार विवादित या कब्जा की गई जमीन पर नमाज नहीं पढ़ी जा सकती। वक्फ बोर्ड ने इस संबंध में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को पत्र भी लिखा है।
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गौरतलब है कि शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल शपथ पत्र में कहा था कि मीर बाकी ने वर्ष 1528 में राम जन्मभूमि पर विवादित मस्जिद बनवाई थी। मीर बाकी शिया मुसलमान था। इसलिए सुन्नी मुसलमानों से उक्त मस्जिद का कोई संबंध नहीं है।
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वसीम रिजवी ने कहा कि उनके पास इस संबंध में पुराने दस्तावेज भी हैं जिन्हें उच्चतम न्यायालय में सुनवाई के दौरान पेश किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि न्यायालय राम जन्मभूमि पर बने विवादित ढांचे के संबंध में शिया वक्फ बोर्ड को साक्ष्यों के आधार पर असली पक्षकार मानते हुए उसके प्रस्ताव पर विचार करेगा।
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प्रस्ताव में वक्फ बोर्ड ने अपना दावा छोड़ते हुए कहा है कि वह हिंदू समुदाय को पूर्ण अधिकार देता है कि वे राम जन्मभूमि स्थल पर भव्य राम मंदिर बनवाएं।
रिजवी का कहना है कि इस्लामिक सिद्धांतों के अनुसार विवादित या कब्जा की गई जमीन पर नमाज नहीं पढ़ी जा सकती। वक्फ बोर्ड ने इस संबंध में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को पत्र भी लिखा है।