सात लाख रुपये के जाली नोटों के साथ धरा गया सप्लायर
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यूपी एटीएस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए सात लाख रुपये के जाली नोटों के साथ एक बड़े सप्लायर को दबोच लिया। बिहार के निजामुद्दीन अंसारी को एटीएस ने बृहस्पतिवार को राजधानी के चारबाग रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया।
निजामुद्दीन नेपाल बेस्ड जाली नोटों के बड़े सप्लायरों से जाली भारतीय मुद्रा लेकर दिल्ली जा रहा था। यह रकम उसे मनोज गुप्ता पुत्र राम भरोसे गुप्ता निवासी गुरुद्वारा कालका जी दिल्ली को सप्लाई करता था।
मनोज इस समय जेल में है, इसलिए नोटों की सप्लाई उसकी पत्नी को करनी थी। निजामुद्दीन के खिलाफ थाना जीआरपी लखनऊ में मुकदमा अपराध संख्या 26/2016 में आईपीसी की धारा 489ए/ 489बी/489सी/489ई के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
यूपी एटीएस को सूचना मिली थी कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई नेपाल व बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों से अपने नेटवर्क के सप्लायरों के जरिये भारत में नकली नोट सप्लाई कर रहा है।
छानबीन के दौरान एटीएस को पता चला कि निजामुद्दीन अंसारी जाली नोटों की बड़ी खेप लेकर चारबाग रेलवे स्टेशन से बृहस्पतिवार को दिल्ली जा रहा है। इसके बाद उसे उच्चाधिकारी विश्रामालय के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
2010 में 10 से 15 लाख के जाली नोट दिए
अंसारी ने पूछताछ में बताया कि वह मूलत: ग्राम बखरी पोस्ट लतिहनवा थाना आदापुर जनपद पूर्वी चम्पारन बिहार का रहने वाला है। कुछ लोगों ने इसका संपर्क जाली नोटों के धंधे से जुडे मनोज गुप्ता से करवाया था।
अंसारी ने वर्ष 2010 में पहली बार 40 प्रतिशत के बदले 100 रुपये के 50,000 रुपये की कीमत के जाली नोट सप्लाई किए। निजामुद्दीन को यह रकम गांव के ही रमेश से मिले थे। 2010 में ही लगभग 10 से 15 लाख रुपये की जाली नोट रमेश से लेकर मनोज गुप्ता को दिए।
एक करोड़ से अधिक के नोट खपा चुका है भारत में
निजामुद्दीन ने बताया कि अब तक वह एक करोड़ रुपये से अधिक के जाली नोट सप्लाई कर चुका है। गिरफ्तार अभियुक्त से नेपाल, बिहार एवं दिल्ली के जाली नोटों के सप्लायरों के बारे में काफी महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं।