यूपी में पास हुआ 27, 759 करोड़ का अनुपूरक बजट
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वर्ष 2016-17 के बजट से एक दिन पहले बृहस्पतिवार को अखिलेश सरकार ने विधानमंडल में वर्ष 2015-16 के लिए 27,758.98 करोड़ रुपये का दूसरा अनुपूरक बजट पेश किया।
यह पिछले वर्ष अगस्त में विधानमंडल से पास कराए गए 19,825 करोड़ रुपये के पहले अनुपूरक बजट के मुकाबले करीब 8000 करोड़ रुपये ज्यादा है।
इसमें भारी घाटे में चल रही बिजली कंपनियों को उबारने को बांड जारी करने के लिए सबसे अधिक बजट का बंदोबस्त किया गया है।
इसके अलावा आपदा पीड़ित किसानों को तात्कालिक राहत देने और जर्जर आर्थिक स्थिति के चलते बंदी के कगार पर पहुंच चुके सहकारी बैंकों को चलाने के लिए भी धन की व्यवस्था की गई है।
बसपा, भाजपा व कांग्रेस ने सरकार पर मूल बजट की राशि खर्च न कर पाने का आरोप लगाते हुए अनुपूरक बजट लाने के विरोध में सदन से बहिर्गमन किया। रालोद को छोड़ समूचे विपक्ष की गैरमौजूदगी में अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पास भी कर दिया गया। इसे विधानमंडल के दोनों सदनों में पास कर दिया गया है।
ज्यादातर विभागों में नहीं खर्च हो पाई मूल बजट की रकम
प्रश्न प्रहर समाप्त होते ही दोपहर 12.20 बजे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विधानसभा में 2015-16 का दूसरा अनुपूरक बजट पेश किया।
इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने अनुपूरक बजट पास कराने की बात कही तो नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य बोलने के लिए खड़े हो गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि ज्यादातर विभाग मूल बजट की रकम ही नहीं खर्च कर पाए हैं। ऐसे में अनुपूरक बजट लाने का कोई औचित्य नहीं है। इसके विरोध में पहले बसपा और फिर भाजपा व कांग्रेस ने सदन से बहिर्गमन किया। रालोद ने भी एतराज जताया, पर सदन में बैठे रहे।
विपक्ष की गैरमौजूदगी में संसदीय कार्यमंत्री आजम खां ने उत्तर प्रदेश विनियोग (2015-16 का द्वितीय अनुपूरक) विधेयक 2016 पेश किया जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
सुधरेगी बिजली कंपनियों की सेहत, मिलेंगे 26,606 करोड़
भारी घाटे में चल रही प्रदेश की बिजली कंपनियों की वित्तीय सेहत सुधारने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई उज्ज्वल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना (उदय) के तहत राज्य सरकार 26,606 करोड़ रुपये के बांड जारी करेगी।
इससे मिलने वाली राशि बिजली वितरण कंपनियों को अनुदान, अंशपूंजी व ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी।
उदय के तहत बिजली कंपनियों को 13,302 करोड़ रुपये बतौर अनुदान दिए जाएंगे जबकि 6,652 करोड़ रुपये अंशपूंजी व 6,652 करोड़ रुपये ऋण के रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे।
सरकार का दावा है कि बिजली कंपनियों को दी जाने वाली इस वित्तीय मदद से उनकी हालत में सुधार होगा और इससे बिजली व्यवस्था भी ठीक होगी।
किसानों को मिलेगा सूखा राहत का पैसा
आपदा प्रभावित किसानों के लिए अनुपूरक बजट के जरिये 904.52 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फंड से मिली रकम को स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड में ट्रांसफर करने के लिए अनुपूरक बजट में इस राशि का बंदोबस्त किया गया है।
प्रदेश सरकार को केंद्र से ओलावृष्टि व सूखा प्रभावित किसानों की मदद के लिए सहायता मिल चुकी है। राज्य सरकार के बजट में सूखा राहत के लिए मिले पैसे का प्रावधान न होने से इसका वितरण नहीं हो पा रहा है। अनुपूरक बजट के जरिये रकम की व्यवस्था कर देने के बाद अब सूखा प्रभावित किसानों को राहत दी जा सकेगी।
जिला सहकारी बैंकों को मिलेगा पुनर्जीवन
जर्जर आर्थिक स्थिति के चलते प्रदेश के बहुत से जिला सहकारी बैंकों को भारतीय रिजर्व बैंक से लाइसेंस नहीं मिल पा रहा है।
इन बैंकों को रिजर्व बैंक से लाइसेंस पाने के लिए अंशपूंजी उपलब्ध कराने को अनुपूरक बजट में 248.46 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। लाइसेंस मिल जाने के बाद इन बैंकों का संचालन शुरू हो सकेगा।