समिट बिल्डिंग : नशे में धुत युवक-युवतियां... अराजकता और बवाल का अड्डा, रात के साथ चढ़ता जाता है यहां का पारा
यहां पर नशे में धुत युवक-युवतियों में गाली-गलौज, मारपीट तो आम बात है। जैसे-जैसे रात चढ़ती है, यहां का पारा चढ़ता जाता है। अमर उजाला की पड़ताल:
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हर तरफ भीड़...। नशे में धुत युवक-युवतियां...। कुछ तो नाबालिग भी...। शोर शराबा इतना कि बर्दाश्त करना मुश्किल...। खुलेआम गाली-गलौज...। अश्लील फब्तियां...। मारपीट भी...। अराजकता का ये माहौल है चर्चित समिट बिल्डिंग का।
यह बिल्डिंग शहर का ऐसा ठिकाना है, जहां बवाल होना आम बात है। आए दिन यहां के वीडियो आते हैं। मारपीट वाले वीडियो...। बदजुबानी, बदसुलूकी वाले वीडियो...। वीडियो चर्चा में आते हैं, तो सख्ती होती है। कार्रवाई होती है।... और फिर सब कुछ उसी ढर्रे पर चलने लगता है। वीकेंड पर शनिवार रात को अमर उजाला की टीम ने यहां की पड़ताल की। यहां जो कुछ दिखा, वह कमोबेश वैसा ही था जैसा आए दिन वायरल होने वाले वीडियो में देखने को मिलते हैं।
बार तक पहुंचने की जद्दोजहद, लिफ्ट में अभद्रता
रात के करीब दस बज रहे थे। समिट बिल्डिंग के मुख्य गेट पर निजी सुरक्षाकर्मी थे। पुलिसकर्मी भी खड़े थे। युवक युवतियों की भीड़ एंट्री करने में जुटी थी। अधिकतर भीड़ 13वीं मंजिल तक जाने के लिए थी। पर, यह क्या? लिफ्ट में इतने लोग भर जाते हैं कि युवतियों का खड़ा होना भी मुश्किल हो रहा था। कुछ लोग बिना किसी शर्म-लिहाज के अश्लील फब्तियां कस रहे थे। यह दौर रात तक चलता रहा। ऊपर पहुंचते ही किसी न किसी बार में ये लोग एंट्री कर जाते।
एंट्री गेट से लेकर टेरेस तक पुलिस, तब भी हुड़दंग चरम पर
वीकेंड था। इसलिए भीड़ अधिक थी। पुलिस भी हर वीकेंड पर सक्रिय रहती है। शनिवार को भी ऐसा रहा। एसीपी, इंस्पेक्टर समेत करीब 30-40 पुलिसकर्मी पूरी बिल्डिंग में तैनात थे। वे प्रयास कर रहे थे कि किसी तरह का विवाद न हो। ग्राउंड से लेकर टॉप फ्लोर तक अफसर चक्कर लगा रहे थे। पर, इस सबका कोई खास असर नहीं दिख रहा था। बार के बाहर नशे में धुत युवक-युवतियां गाली-गलौज कर रहे थे। महिला पुलिसकर्मी किसी तरह से उन सबको वहां से हटा रही थीं।
गाली-गलौज हुआ, फोड़ दिया सिर
रात करीब 11 बजे पुलिस ने म्यूजिक बंद करवा दिया। करीब 12 बजे मुख्य गेट से एंट्री भी बंद कर दी गई। बार में जो लोग थे, वे पार्टी करके आहिस्ता-आहिस्ता वापस लौटना शुरू हो चुके थे। मुख्य गेट पर भारी पुलिस बल मौजूद था। तभी तीन चार लोग बाहर निकले। इसमें से एक युवक का सिर फटा हुआ था। वह खून से लथपथ था। युवक के साथ मौजूद लोग उसे अस्पताल ले गए। पता चला कि वाइड क्लब में हुए विवाद के दौरान दूसरे पक्ष ने उसके सिर पर बोतल मार दी।
हर रात की यही कहानी, वीकेंड पर ज्यादा बवाल
समिट बिल्डिंग में शाम सात बजे से भीड़ बढ़नी शुरू हो जाती है। रात एक बजे तक पार्टी चलती है। वीकेंड पर आम दिनों से दोगुनी भीड़ रहती है। इसलिए इन दोनों दिनों में अधिक पुलिस बल की तैनाती की जाती है। रात दो-ढाई बजे तक पुलिसकर्मी यहां जमे रहते हैं, जिससे कोई विवाद न हो। इसके बाद भी घटनाएं होती रहती हैं। कई विवाद तो बार के भीतर होते हैं। बार मालिक व कर्मचारी मिलकर उन मामलों को दबा देते हैं। पुलिस तक मामला पहुंचता ही नहीं।