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सुम्बुल की डायरी मिली, ये थे आखिरी शब्द
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Sun, 08 Sep 2013 01:37 AM IST
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एसएसपी ने मामले की जांच के लिए विभिन्न थानों के पांच दरोगाओं की टीम गठित की है।
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एसपी सिटी पश्चिम अजय मिश्रा व सीओ चौक शनिवार दोपहर जांच दल को साथ लेकर कॉलेज पहुंचे और एक घंटे पड़ताल की। सीसीटीवी के फुटेज खंगाले, विवेचक ने छात्रा की डायरी कब्जे में ली व घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
सीओ चौक सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि टीम में वजीरगंज कोतवाली के एसएसआई हरिओम श्रीवास्तव, एसआई राजेश सिंह, चौक की एसआई रूमा यादव, ठाकुरगंज के एसआई कृष्णमोहन सिंह व ननकू राम भास्कर शामिल हैं।
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उन्होंने बताया सीसीटीवी फुटेज में सुम्बुल सीढ़ियां चढ़ते नजर आई। वह कुछ देर सीढ़ी पर रुकी। इसके बाद तीसरी मंजिल पर गई, लेकिन छात्रा के कूदने का नजारा फुटेज में नजर नहीं आ रहा है।
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तीसरी मंजिल पर जाकर पुलिस टीम ने एक पत्थर नीचे फेंककर जानने की कोशिश की कि सुम्बुल गिरी होगी या कूदी। जांच दल के पहुंचने से पहले सुम्बुल का परिवार भी कॉलेज पहुंच चुका था। उसके पिता अबू इसहाक ने सीनियर्स पर छात्रा को फेंकने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
मेरे खुदा मुझे माफ करना
सीओ सर्वेश कुमार ने बताया कि विवेचक ने सुम्बुल की डायरी कब्जे में ली है। इसके अंतिम पृष्ठ पर ‘मेरे खुदा मुझे माफ करना, मम्मी आई लव यू सो मच’ लिखा था। पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि छात्रा ने यह कब लिखा और लिखावट सुम्बुल की ही है या नहीं।
कॉलेज प्रशासन ने दी सफाई
पुलिस टीम को कॉलेज प्रशासन ने सफाई दी कि रैगिंग का आरोप गलत है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि परिवार ने अंग्रेजी में कमजोर सुम्बुल पर बीफार्मा करने के लिए दबाव बनाया और मर्जी के खिलाफ उसका दाखिला करा दिया। यही वजह है कि वह कॉलेज जाने को तैयार नहीं होती थी।