गन्ना किसानों पर सरकार मेहरबान, मिलेंगे 2031 करोड़
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गन्ना किसानों को एक हफ्ते में 2031 करोड़ रुपये का भुगतान हो जाएगा। गन्ना मूल्य भुगतान के संकट से जूझ रही शुगर इंडस्ट्री को प्रदेश सरकार 40 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मदद कर रही है।
11.40 रुपये प्रति क्विंटल की राहत टैक्स के रूप में दी जा रही है, जबकि 28.60 रुपये प्रति क्विंटल की राहत नकद दी जाएगी।
गन्ना आयुक्त अजय कुमार सिंह ने सभी उप गन्ना आयुक्तों को चीनी मिलों की डिमांड राशि भिजवाने के निर्देश दिए थे। शुक्रवार शाम तक निजी और सरकारी क्षेत्र के 110 चीनी मिलों ने 28.60 रुपये गन्ना मूल्य प्राप्त करने के लिए डिमांड भेज दी है। शेष चीनी मिलों के प्रस्ताव सोमवार तक मिल जाएंगे।
गन्ना आयुक्त ने बताया कि 28.60 रुपये क्विंटल की राहत राशि 12 सितंबर तक किसानों को देने की कोशिश की जा रही है। यह राहत लगभग 2031 करोड़ रुपये बैठेगी। इसे चीनी मिलों को भेजा जाएगा और वे तत्काल एडवाइज बनाकर सहकारी गन्ना समितियों के माध्यम से किसानों के खातों में जमा कराने के लिए बैंकों को भेज देंगे।
ब्याज मुक्त ऋण से मिलेंगे 1600 करोड़
गन्ना आयुक्त ने बताया कि प्रदेश के चीनी मिलों को केंद्र सरकार से ब्याज मुक्त ऋण के रूप में 1600 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। यह ऋण मिलना प्रारंभ हो गया है। प्रदेश के अधिकतर मिलों ने इसके लिए आवेदन कर दिया है। इस ऋण से गन्ना मूल्य भुगतान किया जाना है। प्रदेश सरकार के पैकेज और केंद्र सरकार के ब्याज मुक्त ऋण से चीनी मिल अगले कुछ दिनों में किसानों को लगभग 3500 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य भुगतान कर देंगे।
चीनी मिल मालिकों को जेल भेजने की चेतावनी
गन्ना विभाग की कोशिश है कि प्रदेश सरकार के पैकेज और केंद्र सरकार के ऋण से बकाया गन्ना मूल्य की आधी राशि का भुगतान जल्द हो जाए। इस कोशिश के पीछे इलाहाबाद हाईकोर्ट का सख्त रुख भी है। अदालत में वीएम सिंह की जनहित याचिका पर गन्ना मूल्य भुगतान में विलंब पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए चीनी मिल मालिकों को जेल भेजने की चेतावनी दी थी।
बड़े बकायादारों की आरसी जारी होगी
सबसे कम गन्ना मूल्य भुगतान करने वाली 10 चीनी मिलों की आरसी जारी करके कलेक्टरों को भेज दी गई है। प्रदेश सरकार के पैकेज और केंद्र के ऋण से किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान कराने के बाद समीक्षा की जाएगी कि कौन से चीनी मिल भुगतान में फिसड्डी है। ऐसे चीनी मिलों पर भुगतान के लिए सख्ती की जाएगी और उनकी आरसी जारी की जाएगी।
7,700 करोड़ केबकायादार है चीनी मिल
प्रदेश के चीनी मिलों पर किसानों का पेराई सत्र 2014-15 का ब्याज समेत 7700 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य अवशेष है। इसमें 7205.21 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य और 494.75 करोड़ रुपये ब्याज है।