{"_id":"6151dcece255d67f9a3fe25d","slug":"sugarcane-development-minister-suresh-rana-said-sugar-mills-will-run-from-october-20-soon-rs-4-900-crore-will-also-be-paid-to-farmers","type":"story","status":"publish","title_hn":"गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा बोले, 20 अक्टूबर से ही चलेंगी चीनी मिलें, जल्द ही कर दिया जाएगा किसानों के चार हजार 900 करोड़ रुपये का भी भुगतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा बोले, 20 अक्टूबर से ही चलेंगी चीनी मिलें, जल्द ही कर दिया जाएगा किसानों के चार हजार 900 करोड़ रुपये का भी भुगतान
Mon, 27 Sep 2021 08:32 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 27 Sep 2021 08:32 PM IST
सार
गन्ना विकास मंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है। जब भाजपा वर्ष 2017 में सत्ता में आई थी तब किसानों का चीनी मिलों पर पिछले आठ सालों तक का बकाया था जिसका भुगतान कराया गया।
विज्ञापन
गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि चीनी मिलों का संचालन 20 अक्टूबर से ही करने की पूरी तैयारी है। उन्होंने कहा कि पूरी कोशिश यह रहेगी कि पेराई सत्र शुरू होने से पहले ही किसानों के गन्ना बकाया का शत प्रतिशत भुगतान करा दिया जाए। सोमवार को राणा लोकभवन स्थित मीडिया सेंटर में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
विज्ञापन
गन्ना विकास मंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है। जब भाजपा वर्ष 2017 में सत्ता में आई थी तब किसानों का चीनी मिलों पर पिछले आठ सालों तक का बकाया था जिसका भुगतान कराया गया। साथ ही किसानों को जितना भुगतान पिछली दोनों सरकारों के दस सालों में हुआ था, उससे ज्यादा भुगतान योगी सरकार ने इन साढ़े चार सालों में किया है। किसानों को एक लाख 44 हजार करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान कराया गया। वर्ष 2016-2017 में उप्र में अगैती प्रजाति के गन्ने का क्षेत्रफल 52.83 प्रतिशत था जो आज 97.92 प्रतिशत है। चूंकि इसी प्रजाति के गन्ने का रेट सबसे ज्यादा होता है तो बड़ी संख्या में किसानों को इसका लाभ मिलेगा। अब सामान्य प्रजाति का गन्ना केवल 2.01 तथा अनुपयुक्त प्रजाति का गन्ना क्षेत्रफल मात्र .07 प्रतिशत ही रह गया है। आज उत्पादन, क्षेत्रफल, एथनॉल बनाने तथा भुगतान आदि सभी में उप्र पूरे देश में पहले स्थान पर है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पेराई सत्र 2021-2022 के लिए चीनी मिलों का संचालन पश्चिमी उप्र में तो बीस अक्टूबर से ही शुरू करने की पूरी तैयारी है। कोशिश यह है कि नवंबर माह में प्रदेश भर की मिलें चल जाएं। साथ ही यह भी कोशिश रहेगी कि पेराई सत्र शुरू होने से पहले किसानों को गन्ना बकाया चार हजार 900 करोड़ रुपये का शत प्रतिशत भुगतान कर दिया जाए। वरुण गांधी द्वारा गन्ने का रेट 400 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग पर उन्होंने कहा कि यह उनका अपना विचार हो सकता है। इस पर क्या कहा जाए? इस मौके पर अपर मुख्य सचिव संजय आर. भूसरेड्डी ने कहा कि नए सत्र के लिए सट्टा नीति जारी कर दी गई है और पर्ची सिस्टम भी दुरुस्त कर लिया गया है। मिल संचालन की पूरी तैयारी है।
विज्ञापन