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कोरोना को मात देने वालों में अब शुगर व थायरॉइड की समस्या, केजीएमयूू-लोहिया संस्थान में ऐसे केसेज पर अध्ययन की तैयारी

Wed, 10 Feb 2021 01:11 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 10 Feb 2021 01:11 AM IST
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Sugar and thyroid level increaing in post covid cases
कोरोना से जंग जीत चुके मरीज शुगर और थायरॉइड की समस्याएं लेकर अस्पतालों में पहुंच रहे।
लखनऊ। कोरोना को मात देने वालों में अब शुगर और थायरॉइड की समस्या मिल रही है। विभिन्न कारणों से पोस्ट कोविड क्लीनिक में आने वाले करीब 25 फीसदी मरीजों में यह समस्या पाई जा रही है। जिन्हें अभी तक शुगर, थायरॉइड नहीं था, उनमें इनका लेबल बढ़ा मिल रहा है। जिन्हें यह समस्या पहले से थी, उनकी दवा की डोज बढ़ानी पड़ रही है। चिकित्सा विशेषज्ञ इसके पीछे वायरस का पैंक्रियाज पर अटैक मान रहे हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि अगर किसी को अचानक तेज भूख लगे, मोटापा बढ़े, झनझनाहट हो तो विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाएं।
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शुरुआती दौर में कोरोना की चपेट में आने से गंभीर संक्रमण झेलने वालों में फेफड़े से जुड़ी समस्या ज्यादा पाई जा रही थी, लेकिन वक्त बीतने के साथ ही नई बीमारियां भी सामने आ रही हैं। केजीएमयू मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र आतम ने बताया कि पोस्ट कोविड क्लीनिक में दिसंबर और जनवरी में आने वाले मरीजों में शुगर, थायरॉइड सहित अन्य तत्वों के बढ़ने के मामले सामने आए हैं। पोस्ट कोविड में यह कितने प्रतिशत तक हो सकता है, यह स्थिति करीब छह माह बाद साफ होगी, लेकिन जिन लोगों को पहले से शुगर या थायरॉइड है, उन्हें निरंतर चिकित्सक के संपर्र्क में रहना चाहिए। जिन लोगों को नहीं था और अब लक्षण दिख रहे हैं, उन्हें चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। गौरतलब है कि राजधानी में करीब 82 हजार लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। इसमें करीब 1182 की मौत हो गई है, जबकि 79667 ठीक होकर घर पहुंच गए हैं।
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विस्तृत अध्ययन की तैयारी
केजीएमयू के मेडिसिन विभाग ने पोस्ट कोविड क्लीनिक के मरीजों का डाटा अलग करना शुरू कर दिया है। शुगर और थायरॉइड वाले मरीजों पर अलग से अध्ययन करने की भी तैयारी है। इसी तरह लोहिया संस्थान ने भी इस पर अध्ययन की कार्ययोजना तैयार किया है।
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खानपान नियंत्रित रखें, दवा न छोड़ें
लोहिया संस्थान के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि पोस्ट कोविड वाले मरीजों में शुगर, थायरॉइड के साथ ही यूरिया, यूरिक एसिड बढ़ने, एसजीपीटी व एसजीओटी प्रभावित होने तक की समस्याएं सामने आ रही हैं। कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों को खानपान नियंत्रित रखना होगा। फल, सब्जी ज्यादा खाएं। जो पहले से दवा ले रहे हैं वे नियमित लेते रहें।
पैंक्रियाज हो रहा है प्रभावित
प्रो. वीरेंद्र आतम ने बताया कि कोरोना की चपेट में आने वाले कई मरीजों में देखा गया है कि उनका पैंक्रियाज प्रभावित हुआ है। पैंक्रियाज में इंसुलिन बनाने वाली बीटा कोशिकाएं कोरोना संक्रमण के कारण क्षतिग्रस्त गई हैं, जिससे शुगर लेवल बढ़ने लगा। यही वजह है कि जिन लोगों को पहले से शुगर थी, उन्हें वायरस की चपेट में आने के बाद हाई रिस्क श्रेणी में रखा गया। कोरोना से ठीक होने के बाद भी पैंक्रियाज पर पड़ा असर हार्मोनल असंतुलन की वजह बने हैं। कोरोना की चपेट में आने के बाद जिन लोगों के शरीर में इंसुलिन की मात्रा में कमी आई है, उनका शुगर लेवल बढ़ा है।
थायरॉइड ग्लैंड पर पड़ता है असर
एसजीपीजीआई के इंडोक्राइनोलॉजी सर्जन डॉ. ज्ञानचंद्र बताते हैं कि कोरोना का असर थायरॉइड ग्रंथि पर पड़ने से समस्या हो रही है। थायराइड ग्रंथि की निष्क्रियता से टी थ्री, टी फोर हार्र्मोन शरीर में आवश्यकता के अनुसार नहीं पहुंचता है। वजन बढ़ने लगता है, शरीर में सुस्ती, झनझनाहट, पैरो में सूजन, आंखों में सूजन, महिलाओं में पीरियड की अनियमितता, डिप्रेशन, आवाज में भारीपन जैसी समस्या होती है। हाइपर थायरॉइड में ग्रंथि अधिक सक्रिय हो जाता हैं और टी थ्री, टी फोर हार्मोन अधिक मात्रा में निकलकर रक्त में घुलनशील हो जाता है। वजन अचानक ही कम होना, भूख में वृद्धि, मांसपेशियां कमजोर, धड़कन तेज, गर्भपात, अधिक पसीना आने जैसे लक्षण सामने आते हैं।
विदेशों में भी सामने आए मामले
ब्रिटेन की ग्लासगो यूनिवर्सिटी और बर्मिंघम यूनिवर्सिटी, जर्मनी की होल्सटीन यूनिवर्सिटी और ऑस्ट्रेलिया की मोनाश यूनिवर्सिटी में किए गए साझा शोध में यह बात सामने आई है कि कोरोना वायरस इंसुलिन कोशिकाओं पर भी असर डालता है। कुछ केस में कोशिकाएं नष्ट होने की समस्या भी पाई गई है। जिन लोगों को पहले शुगर नहीं था, उनमें भी संक्रमण के बाद समस्या पाई गई है।

कोरोना से जीते, अब शुगर व थायरॉइड से लड़ रहे
कोरोना से ठीक होने के बाद गोमतीनगर के राकेश कलहंस डिस्चार्ज हुए तो कुछ दिन तक स्थिति ठीक रही, लेकिन 10 दिन बाद तेज भूख लगने लगी। फिर घबराहट और अधिक पेशाब लगने की समस्या हुई। लोहिया संस्थान गए तो जांच में शुगर बढ़ा मिला। अब दवाएं ले रहे हैं और पहले से राहत है। इसी तरह सरोजनीनगर के सैनिक विहार निवासी प्रियंका पांडेय कोरोना से ठीक होने के बाद पीरियड की अनियमितता, झुंझलाहट, घबराहट जैसी समस्या से जूझने लगीं। केजीएमयू में दिखाने के बाद जांच कराई तो थायरॉइड का लेवल टीएसएच लेवल आठ तक पहुंचा मिला। इसी तरह अन्य इम्यूनोलॉजिकल व हार्मोनल पैरामीटर गड़बड़ाया हुआ मिला।
किसका कितना होना चाहिए स्तर
शुगर लेवल
भूखे रहने पर 70-110
खाना खाने के बाद 110-140
-----------
थायरॉइड
सीरम टी 3 का लेवल 0.50-2.00
सीरम टी 4 का लेवल 4 से 11
टीएसएच का लेवल 0.35 से 5
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