{"_id":"66bad205dc397ac01a05415f","slug":"subhaspa-om-prakash-rajbhar-changed-election-symbol-now-party-will-fight-on-key-instead-of-stick-2024-08-13","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: सुभासपा ने बदला चुनाव चिन्ह, अब छड़ी नहीं... ये होगा पार्टी का नया सिंबल, इस भ्रम से लिया सबक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: सुभासपा ने बदला चुनाव चिन्ह, अब छड़ी नहीं... ये होगा पार्टी का नया सिंबल, इस भ्रम से लिया सबक
Tue, 13 Aug 2024 09:26 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 13 Aug 2024 09:26 AM IST
सार
सुभासपा ने अपना चुनाव चिन्ह बदल लिया है। अब पार्टी छड़ी पर नहीं लड़ेगी। ओपी राजभर फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं। बेटे अरविंद को महासचिव बनाया है। पार्टी की बैठक में प्रेमचंद कश्यप को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। इसके साथ ही 25 जिलों में अध्यक्ष की घोषणा भी की गई है।
विज्ञापन
Subhaspa om prakash rajbhar
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
घोसी लोकसभा चुनाव में चुनाव चिन्ह को लेकर उपजे भ्रम से सबक लेते हुए सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने अपना चुनाव चिन्ह बदल कर चाबी कर लिया है। अब तक पार्टी का चुनाव चिन्ह छड़ी था। इसके साथ ही पार्टी की नई कार्यकारिणी का भी गठन किया गया है।
जिसमें ओम प्रकाश राजभर को दोबारा पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष और बेटे अरविंद राजभर को महासचिव और राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नामित किया गया है। जबकि प्रेमचंद कश्यप को पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। प्रेमचंद सपा अध्यक्ष अखिलेश के चुनाव क्षेत्र करहल के रहने वाले हैं। वहीं, 25 जिलों में नए जिलाध्यक्षों और मोर्चों व प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों की भी घोषणा की गई।
बता दें कि लोकसभा चुनाव में पार्टी के महासचिव अरविंद राजभर एनडीए के प्रत्याशी के तौर पर छड़ी चुनाव चिन्ह घोसी से चुनाव लड़े थे। वहीं, एक निर्दल प्रत्याशी भी हॉकी चुनाव चिन्ह पर मैदान में उतरी थी। जिसे 45 हजार से अधिक वोट मिले थे।
विज्ञापन
उस समय ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया था कि दोनों चुनाव चिन्ह एक जैसे होने की वजह से मतदाता भ्रमित हो गया था और निर्दल प्रत्याशी को वोट दे दिया था। उसी वक्त पार्टी के चुनाव चिन्ह को बदलने का फैसला किया गया था।
विज्ञापन
जिसमें ओम प्रकाश राजभर को दोबारा पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष और बेटे अरविंद राजभर को महासचिव और राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नामित किया गया है। जबकि प्रेमचंद कश्यप को पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। प्रेमचंद सपा अध्यक्ष अखिलेश के चुनाव क्षेत्र करहल के रहने वाले हैं। वहीं, 25 जिलों में नए जिलाध्यक्षों और मोर्चों व प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों की भी घोषणा की गई।
विज्ञापन
बता दें कि लोकसभा चुनाव में पार्टी के महासचिव अरविंद राजभर एनडीए के प्रत्याशी के तौर पर छड़ी चुनाव चिन्ह घोसी से चुनाव लड़े थे। वहीं, एक निर्दल प्रत्याशी भी हॉकी चुनाव चिन्ह पर मैदान में उतरी थी। जिसे 45 हजार से अधिक वोट मिले थे।
विज्ञापन
उस समय ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया था कि दोनों चुनाव चिन्ह एक जैसे होने की वजह से मतदाता भ्रमित हो गया था और निर्दल प्रत्याशी को वोट दे दिया था। उसी वक्त पार्टी के चुनाव चिन्ह को बदलने का फैसला किया गया था।
राजधानी के रविन्द्रालय में सोमवार को सुभासपा की समीक्षा बैठक हुई, जिसमें नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई। इसमें पार्टी के नए चुनाव चिन्ह की घोषणा की गई। सुभासपा अध्यक्ष के दूसरे बेटे अरुण राजभर को फिर से पार्टी का राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता बनाया गया है।
यह जानकारी देते हुए अरुण ने बताया कि पिछले एक महीने तक प्रदेशस्तरीय सदस्यता अभियान चलाया गया था, जिसमें तमाम लोगों ने सक्रियता से काम किया है। ऐसे ही सक्रिय लोगों को पार्टी संगठन में दायित्व दिया गया है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण स्तर पर सक्रिय सदस्यता अभियान जारी रहेगा और इन सक्रिय सदस्यों को ही आगे भी प्रमुख जिम्मेदारी दी जाएगी।
राष्ट्रीय संगठन में इन्हें भी मिली जिम्मेदारी
सालिक यादव को राष्ट्रीय संगठन मंत्री, रामललित चौधरी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, पतिराम राजभर को राष्ट्रीय सदस्यता प्रभारी, विनोद राजभर, कालूराम प्रजापति व रामाश्रय पासवान को राष्ट्रीय सचिव, अशोक अग्रवाल को राष्ट्रीय व्यापार प्रकोष्ठ का महासचिव और राधिका पटेल को राष्ट्रीय महिला मंच का अध्यक्ष बनाया गया है।
सालिक यादव को राष्ट्रीय संगठन मंत्री, रामललित चौधरी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, पतिराम राजभर को राष्ट्रीय सदस्यता प्रभारी, विनोद राजभर, कालूराम प्रजापति व रामाश्रय पासवान को राष्ट्रीय सचिव, अशोक अग्रवाल को राष्ट्रीय व्यापार प्रकोष्ठ का महासचिव और राधिका पटेल को राष्ट्रीय महिला मंच का अध्यक्ष बनाया गया है।
चार प्रदेश अध्यक्षों की भी नियुक्ति
पार्टी अध्यक्ष ने सांगठनिक लिहाज से प्रदेश को चार भागों में बांटते हुए पूर्वांचल, मध्यांचल, पश्चिमांचल और बुंदेलखंड के लिए भी अध्यक्षों की भी घोषणा की है। इनमें एमएलसी बिच्छेलाल राजभर को पूर्वांचल, अमरमणि कश्यप को मध्यांचल, सुजीत बंजारा को पश्चिमांचल और कालूराम प्रजापति को बुंदेलखंड का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, नरेंद्र कश्यप को पश्चिमांचल युवा मंच का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है।
पार्टी अध्यक्ष ने सांगठनिक लिहाज से प्रदेश को चार भागों में बांटते हुए पूर्वांचल, मध्यांचल, पश्चिमांचल और बुंदेलखंड के लिए भी अध्यक्षों की भी घोषणा की है। इनमें एमएलसी बिच्छेलाल राजभर को पूर्वांचल, अमरमणि कश्यप को मध्यांचल, सुजीत बंजारा को पश्चिमांचल और कालूराम प्रजापति को बुंदेलखंड का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, नरेंद्र कश्यप को पश्चिमांचल युवा मंच का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है।
मदरसों के संचालन के लिए विश्वविद्यालय खुलवाउंगा : राजभर
इस मौके पर पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए पार्टी के अध्यक्ष और पंचायती राज मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि प्रदेश में मदरसों की मान्यता की नयी व्यवस्था शुरू होगी। साथ ही हम दो विश्वविद्यालय खोलने पर भी विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड को विश्वविद्यालय से संबद्ध कराने और मदरसों को मान्यता देने पर भी विचार करेंगे।
इस मौके पर पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए पार्टी के अध्यक्ष और पंचायती राज मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि प्रदेश में मदरसों की मान्यता की नयी व्यवस्था शुरू होगी। साथ ही हम दो विश्वविद्यालय खोलने पर भी विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड को विश्वविद्यालय से संबद्ध कराने और मदरसों को मान्यता देने पर भी विचार करेंगे।
उन्होंने अब तक ऐसा न कर पाने के लिए सपा और कांग्रेस के जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि सुभासपा गरीबों, वंचितों, पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यकों और पीड़ितों के हितों की लड़ाई लड़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा उप चुनाव में मजबूती से उतरेगी।