दरोगा भर्ती में गड़बड़ी: नकल कराने वाले चार परीक्षा केंद्रों पर दर्ज हुई एफआईआर, अब तक 78 अभ्यर्थी जेल भेजे गए
दरोगा भर्ती में हुई गड़बड़ी मामले में अब तक 78 अभ्यर्थियों को जेल भेजा जा चुका है। वहीं, परीक्षा केंद्रों पर भी कार्रवाई की जा रही है।
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दरोगा भर्ती में गड़बड़ी कराने वाले सेंटरों को चिह्नित किया जा रहा है। अब तक प्रकाश में आए ऐसे चार परीक्षा केंद्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। उधर मामले में अब तक 78 अभ्यर्थी जेल भेजे जा चुके हैं, इन पर अनुचित साधनों का प्रयोग कर मेरिट सूची में शामिल होने का आरोप है। इसमें चार यूपी पुलिस के सिपाही भी शामिल हैं जो दरोगा बनने के लिए परीक्षा में बैठे थे और अनुचित साधनों का प्रयोग कर रहे थे।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष राज कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि मामले में अब तक चार परीक्षा केंद्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसमें आगरा के कृष्णा इंफोटेक सेंटर, आगरा के ही एस डब्ल्यू इंफोटेक सेंटर, मेरठ का राधेश्याम विद्यापीठ सेंटर और गोरखपुर के शिव आनलाइन सेंटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आधार पर हो रही कार्रवाई
कार्रवाई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आधार पर की जा रही है। दरअसल ऑनलाइन परीक्षा के दौरान की स्ट्रोक से लेकर माउस क्लिक की हर गतिविधि सर्वर में रिकॉर्ड होती है। मसलन कितने बजे लॉग इन किया, कितने बजे किस प्रश्न को हल किया या प्रश्न को छोड़ कर आगे बढ़ा गया, दो प्रश्नों को हल करने में कितने समय का अंतर रहा, ये जानकारी सर्वर में सुरक्षित होती जाती है। परीक्षा कराने वाली एजेंसी के पास यह डाटा सुरक्षित होता है।
भर्ती बोर्ड जिस रूप में परिणाम चाहता है उस रूप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पूरा डाटा मिल जाता है। जैसे डेढ़ घंटे की पाली में हर पंद्रह मिनट में कितने प्रश्न हल किए गए, इसका डाटा निकाल लिया जाता है। जिस अभ्यर्थी का 15 मिनट के स्लॉट में प्रश्न हल करने का पैटर्न सामान्य होता है उन्हें छोड़ दिया जाता है और जिन अभ्यर्थियों का 15 मिनट के स्लॉट में प्रश्न हल करने का पैटर्न भिन्न होता है, उनकी स्क्रूटनी की जाती है और ऐेसे अभ्यर्थियों की छंटनी कर दी जाती है। इसी तरह जिन परीक्षा केंद्रों पर इस तरह गड़बड़ी करने वाले अधिक अभ्यर्थी मिले हैं, उन परीक्षा केंद्रों को संदिग्ध माना गया है।
विश्वकर्मा ने बताया कि अभी तक जो भी अभ्यर्थी पकड़े गए हैं, वे इसी तरह पकड़े गए हैं। इसमें नकल का सहारा लेने के लिए अभ्यर्थियों ने 50 हजार से लेकर ढाई लाख रुपये तक अदा की। कुछ ने बाहर के लोगों से मदद ली तो कुछ ऐसे अभ्यर्थी भी थे, जिनकी मदद परीक्षा केंद्र के प्रबंधन ने की। ऐसे ही पांच परीक्षा केंद्रों को चिह्नित किया गया है और उनके खिलाफ मुकदमा कराया जा रहा है।
दरोगा भर्ती में हुई धांधली को लेकर सियासत हुई तेज
दरोगा भर्ती में हुई धांधली को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। मामले में जांच की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का एक ग्रुप ईको गार्डन में धरना दे रहा है। बुधवार को इन अभ्यर्थियों के समर्थन में आम आदमी पार्टी आ गई। आप के स्थानीय पदाधिकारियों ने पार्टी के प्रदेश प्रभारी संजय सिंह से फोन पर अभ्यर्थियों की बात कराई। संजय सिंह ने कहा कि वह इस मामले में अभ्यर्थियों के साथ हैं। वह इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे।
अमिताभ ठाकुर ने दी एफआईआर दर्ज करने के लिए तहरीर
पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर व उनकी पत्नी नूतन ठाकुर ने इस दरोगा भर्ती प्रकरण में सीआरपीसी की धारा 154 (3) के तहत एफआईआर दर्ज करने के लिए लखनऊ पुलिस आयुक्त को तहरीर दी है। उन्होंने परीक्षा कराने वाली एजेंसी और उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड पर सवाल उठाए हैं।