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KGMU: चार बार फेल होने वाले स्टूडेंट्स को छोड़ना होगा केजीएमयू
Sat, 13 Aug 2022 01:21 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
माई सिटी रिपोर्टर , अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर , अमर उजाला, लखनऊ
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 13 Aug 2022 01:21 PM IST
सार
लगातार फेल हो रहे स्टूडेंट्स को अब संस्थान से बाहर करने की तैयारी है। इस संबंध में केजीएमयू के कुलपति ने भी बयान जारी कर दिया है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केजीएमयू प्रशासन ने कई वर्षों से लगातार फेल हो रहे स्टूडेंट्स को अब बाहर करने की तैयारी कर ली है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के नियम का हवाला देकर इसकी कार्यवाही शुरू की जा रही है। इसके तहत लगातार चार साल फेल होने वाले स्टूडेंट्स को अब संस्थान छोड़ना होेगा। यह नियम आगे भी लागू रहेगा।
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चिकित्सा विश्वविद्यालय में इस समय 37 ऐसे विद्यार्थी हैं, जो कई सालों से फेल हो रहे हैं। कई तो 20 साल से एमबीबीएस की परीक्षा पास करने की कोशिश कर रहे हैं। इनके अनुरोध पर केजीएमयू ने समिति का गठन किया था। समिति ने इनको पास करने के लिए विशेष कक्षाएं चलाने को कहा था। इसका भी कोई असर देखने को नहीं मिला। इसके बाद अब केजीएमयू ने ऐसे विद्यार्थियों को निकालने की तैयारी कर ली है।
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काफी समय से चल रहा है मुद्दा
केजीएमयू में काफी समय से फेल होने का मुद्दा चल रहा है। कई स्टूडेंट ऐसे भी हैं जिनके बच्चे ग्रेजुएशन कर चुके हैं, लेकिन वे अभी भी चिकित्सा स्नातक होने के लिए इम्तेहान दे रहे हैं। कई विद्यार्थी आरक्षित वर्ग का होने की वजह से जानबूझकर फेल करने का आरोप भी लगाते हैं।
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एनएमसी के नियम के अनुसार लगातार चार साल फेल होने वाले स्टूडेंट्स को डिग्री नहीं देेने का प्रावधान है, इसलिए यह नियम केजीएमयू में भी लागू कर दिया गया है। जो स्टूडेंट चार साल से फेल हो रहे हैं, उनको संस्थान छोड़ना पड़ेगा।
- ले. जनरल डॉ. बिपिन पुरी, कुलपति केजीएमयू