Lucknow: फीस न जमा होने पर स्कूल प्रबंधन की मनमानी, बच्चों को बाहर निकाला, बिलखते रहे बच्चे
स्कूल प्रधानाचार्य ने बच्चों की फीस जमा न देने का हवाला देते हुए उन्हें स्कूल से बाहर निकाल दिया। शिक्षा अधिकारियों ने इसे आरटीई एक्स का उल्लंघन माना है।
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राजधानी के चिनहट क्षेत्र में स्थित एक निजी स्कूल प्रबंधक ने सोमवार को 80 बच्चों को स्कूल से बाहर निकाल दिया। बच्चों को गुनाह ये था कि अभिभावक फीस नहीं जमा कर सके थे। मामले की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने दखल दिया तब स्कूल प्रबंधक ने बच्चों को बैठने की अनुमति दी। हालांकि इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी राम प्रवेश ने स्कूल प्रबंधक को आरटीई एक्ट के तहत दोषी मानते हुए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
चिनहट क्षेत्र के सिद्धांत वर्ल्ड स्कूल में बच्चे रोजाना की तरह पढ़ने लिए पहुंचे थे, लेकिन स्कूल प्रबंधक ने बकाया फीस लेने के लिए बच्चों को सजा के तौर पर क्लास से बाहर निकाल दिया। कुछ बच्चे रोते बिलखते सड़क पर भी आ गए। इस बात की जानकारी जब अभिभावकों को हुई तो वह भी मौके पर पहुंच गए। बच्चों को रोते हुए देखकर अभिभावकों को गुस्सा आ गया तो हंगामा शुरू हो गया। मामले की जानकारी मिलने पर बीएसए राम प्रवेश ने बीईओ राज नारायण कुशवाहा को मौके पर भेजा तब जाकर स्कूल प्रबंधक ने बच्चों को क्लास के अंदर प्रवेश की अनुमति दी।
प्रिंसिपल ने कहा 2 से 7 माह तक फीस बाकी, अभिभावक सुनते नहीं
इस मामले में स्कूल की प्रिंसिपल सीएल पॉल का कहना है कि करीब 80 बच्चे ऐसे हैं जिनकी फीस दो से सात माह तक बकाया है। अभिभावकों को नोटिस दी गई लेकिन फीस नहीं जमा हुई। प्रिंसिपल ने शिक्षा विभाग को 80 उन बच्चों की सूची भी सौंपी है जिनकी फीस बाकी है।
शिक्षकों ने कहा प्रबंधक का था निर्देश
वहीं स्कूल के अन्य शिक्षकों ने कहा कि प्रबंधक की ओर से जो निर्देश दिया था उसका पालन करते हुए बच्चों को बाहर बैठाया गया था, ताकि उनके अभिभावक स्कूल आकर फीस जमा कर सकें। अभिभावक आएं तो वह हंगामा करने लगे।
बोले अभिभावक
वहीं अभिभावक सोमेश शुक्ला ने कहा कि स्कूल प्रबंधक ने उनको कोई नोटिस नहीं दी है। मनीष वर्मा ने कहा कि फीस बाकी थी तो बच्चों के साथ जो हुआ वह नहीं होना चाहिए। इससे बच्चों पर क्या असर पड़ेगा? अधिकांश अभिभावकों का आरोप था कि उनको कोई नोटिस नहीं दिया गया है।
बीएसए राम प्रवेश का कहना है कि फीस बाकी है तो भी बच्चों को पढ़ाई से वंचित नहीं कर सकते हैं। स्कूल प्रबंधक ने बच्चों को बाहर जिस तरह से निकाला है वह आरटीई एक्ट का उल्लघंन है, नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
डीआईओएस राकेश कुमार का कहना है कि कोई भी स्कूल प्रबंधक इस तरह से छोटे बच्चों को नहीं निकाल सकता है। फीस बाकी थी तो अभिभावकों के साथ बातचीत करनी चाहिए। स्कूल का ये तरीका गलत है, उचित कार्रवाई होगी।
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