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ऑक्सीजन की बर्बादी पर बज उठेगा बजर, एकेटीयू के हैकाथान में प्रतिभागियों ने दिए आइडिया

Thu, 01 Jul 2021 01:57 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 01 Jul 2021 01:57 AM IST
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students gave ideas in programme organised by aktu
लखनऊ। मरीज को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के दौरान होने वाली ऑक्सीजन की बर्बादी को मास्क में बजर लगा कर रोका जा सकता है। यह बजर पांच वी का होगा, जो ऑक्सीजन की बर्बादी पर तुरंत बज उठेगा। इसके बाद उस गड़बड़ी को तुरंत ठीक किया जा सकता है। यह सुझाव है गाजियाबाद के एबीईएस इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र हर्ष गुप्ता का, जिन्हें डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि के सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज की ओर से आयोजित मेडिकल ऑक्सीजन के वेस्टेज व लीकेज को नियंत्रित करने के लिए ऑनलाइन हैकाथान में प्रथम स्थान हासिल हुआ है। विवि के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के निर्देशन में आयोजित हैकाथान में केजीएमयू के पूर्व वीसी डॉ. जीपी सिंह, केजीएमयू के एनेस्थीसिया विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. तन्मय तिवारी और आईईटी लखनऊ के सहायक आचार्य डॉ. पवन तिवारी बतौर विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
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हैकाथान में बीबीडी लखनऊ के सहायक आचार्य अभय यादव और श्रीराम मूर्ति स्मारक इंजीनियरिंग कॉलेज बरेली की छात्रा अदिति मल्होत्रा का आइडिया संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहा। अभय यादव ने ऑक्सीजन सिलेंडर के ऊपर वाटर स्प्रिंकलर लगाने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि मेडिकल प्लांट में ऑक्सीजन का हाई फ्लो होने पर प्लांट पर वेपोराइजर जम जाता है, जिसे बदलने में दो से तीन घंटे लग जाते हैं। इस दौरान मरीजों की जान भी जा सकती है। यदि वाटर स्प्रिंकलर लगा होगा तो बर्फ नहीं जमेगी। वहीं, अदिति मल्होत्रा ने ऑक्सीजन पाइप में होने वाली ऑक्सीजन की बर्बादी को रोकने के लिए सुझाव दिया। उन्होंने फ्लो चार्ट के माध्यम से समझाया कि कंट्रोलर और सेंसर से किस प्रकार बर्बादी की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। तीसरे स्थान पर काबिज होने वाले सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज के छात्र सत्यम गुप्ता ने मास्क के ठीक से न लगे होने की वजह से होने वाली ऑक्सीजन की बर्बादी को रोकने के लिए आइडिया दिया। उन्होंने मास्क हटने पर ऑक्सीजन सप्लाई रुक जाने संबंधी सुझाव दिए।
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154 आइडिया में से सर्वोत्तम चार का चयन
हैकाथान के समन्वयक डॉ. अनुज शर्मा ने बताया कि विषय के संबंध में 10 मई तक नवाचार सुझाव आमंत्रित किए गए थे। इसके लिए 154 आइडिया मिले हैं, जिनमें से विशेषज्ञ समिति ने स्क्रीनिंग के बाद बेहतर 18 का चयन किया। चयनित सुझावों पर बुधवार को हैकाथान में प्रस्तुति दी। इनमें से विशेषज्ञ समिति द्वारा चार नवाचार आइडिया को पहले, दूसरे और तीसरे स्थान के लिए चुना गया। संस्थान के निदेशक प्रो. एमके दत्ता ने बताया कि हैकाथान का आयोजन सफल रहा। चयनित सुझावों पर प्रयोग करने के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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ओडीओपी योजना से उद्यमिता विकास को मिला नया आयाम
प्रदेश की महत्वाकांक्षी योजना ओडीओपी के संचालन से प्रदेश की उद्यमिता विकास को नया आयाम मिला है। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश शासन के साथ मिलकर ओडीओपी उत्पादों की समस्याओं के तकनीकी समाधानों के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। यह बात एकेटीयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कही। वे बुधवार को विवि में उत्तर प्रदेश शासन और एकेटीयू द्वारा आयोजित ऑनलाइन हैकाथान के विजेताओं के सम्मान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर एमएसएमई के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लखनऊ जनपद की आयोजित पायलट हैकाथान के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. विनय पाठक ने कहा कि जल्द ही दूसरे जिलों के उत्पादों की समस्याओं के समाधान के लिए भी हैकाथान आयोजित किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव एमएसएमई विभाग नवनीत सहगल ने कहा कि एकेटीयू द्वारा इस दिशा में बेहतर प्रयास किया जा रहा है। पायलट हैकाथान सफल रही है। इसमें बहुत अच्छे और उपयोगी आइडिया आए हैं। इस दिशा में और भी अधिक प्रयास किए जाएंगे। वहीं हैकाथान के बेहतर सुझावों को अनुप्रयोग में लाने का भी प्रयास किया जाएगा।

इनको किया गया सम्मानित
हैकाथान के समन्वयक डॉ. अनुज शर्मा ने बताया कि एक जनपद एक उत्पाद योजना के अंतर्गत लखनऊ जिले के उत्पाद चिकनकारी व जरी-जरीदोजी पर ऑनलाइन हैकाथान आयोजित की गई थी, जिसमें विवि के संबद्ध संस्थानों से 15 छात्रों व शिक्षकों ने अपने नवाचार आइडिया का प्रस्तुतिकरण किया। इनमें से विशेषज्ञ समिति ने तीन बेहतर आइडिया का चुनाव किया। केआईईटी गाजियाबाद के सह आचार्य सचिन राठोर को चिकनकारी उद्योग में कार्यरत कारीगरों के लिए आरामदायक वर्क स्टेशन के डिजाइन के प्रोटोटाइप के प्रस्तुतिकरण के लिए प्रथम स्थान दिया गया। इनके साथ डॉ. आंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेकभनोलॉजी फॉर हैंडीकैप्ट कानपुर के छात्र अनंत वैश्य और सलोनी तिवारी के बिक्री चैनलों में सुधार पर ध्यान केंद्रित स्मार्टफोन एप के आइडिया के प्रस्तुतिकरण के लिए भी प्रथम स्थान दिया गया। एमजीएम कॉलेज ऑफ टेकभनोलॉजी नोएडा के शिक्षक राम नाथ जाम्बले को एडजस्टेबल जरदोजी अड्डा (वर्कस्टेशन) का आइडिया प्रस्तुत करने के लिए दूसरा और आरबीएस इंजीनियरिंग कॉलेज आगरा के छात्र स्माइल शान मिर्जा के जरी के बेहतरीन डिजाइन से कार के इंटीरियर की छत, दरवाजे, सीट कवर सजाने का आइडिया को तीसरा स्थान दिया गया। इन सभी को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज के निदेशक प्रो. एमके दत्ता, विवि के परामर्शी अभिषेक नंदन, कुलसचिव नंद लाल सिंह समेत कई उपस्थित रहे।
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